गाय की 2 माह की बछिया के साथ कुकर्म करने वाले आरोपी को 10 वर्ष का कठोर कारावास
रिपोर्टर : आकाश गोहिल
बेगमगंज । गाय की 2 माह की बछिया के साथ कुकर्म करने वाले आरोपी को 10 वर्ष का कठोर कारावास ‘मनुष्य इस हद तक गिर सकता है फिर नरम रूख दण्ड के समय अपनाना ठीक नहीं- न्यायाधीश आर.के. वर्मा”
अपर सत्र न्यायाधीश राजकुमार वर्मा ने सत्र प्रकरण क्रमांक 157/21 में आरोपी अंसार पिता नफीस खां निवासी जमुनिया थाना सिलवानी को धारा 377 भादवि में पाशविकता गाय की महज दो माह की बछिया के साथ कुकर्म आप्रकृतिक मैथुन के अपराध में दोषी पाकर 10 वर्ष के कठोर कारावास एवं 5000 हजार रूपए के अर्थदंड की सजा सुनाई।
अपर लोक अभियोजक बद्री विशाल गुप्ता द्वारा बताया गया कि घटना ग्राम जमुनिया में दिनांक तीन जुलाई 2021 की है। गोवर्धन आदिवासी की दो माह की बछिया के साथ रात में आरोपी द्वारा उसकी सार में घुसकर आप्रकृतिक मैथुन किया जिससे बछिया की पेशाबदानी में खून निकला। आरोपी को भागते हुए गोवर्धन ने बछिया रमाने की आवाज सुनकर मौके पर जाकर देखा। ग्राम के सरपंच मुन्नालाल और गोवर्धन की पत्नी ने घटना की पुष्टि में बयान दिए। इस प्रकरण में पशु चिकित्सक द्वारा बछिया की वेजाईनल स्बाव की जांच हेतु एफएसएल स्लाईड बनाकर भेजी गई और एफएसएल रिपोर्ट से बेजाईनल स्वाव बड्स में मानव शुक्राणु पाए गए। डॉक्टर आर. एस. पटेल सिलवानी द्वारा आरोपी की सक्षमता के परीक्षण संबंधी कथन लिए।
विद्वान न्यायाधीश द्वारा बचाव पक्ष की साक्ष्य विश्वसनीय न मानते हुए प्रकरण में आई साक्ष्य एवं मेडिकल रिपोर्ट के आधार पर आरोपी को 10 वर्ष के कठोर कारावास का दंड दिया। उन्होने अपने निर्णय में यह भी लिखा कि आरोपी मानवीय हैवानियत की चरम सीमा के कृत्य का दोषी है किस सीमा तक जा सकता है ऐसा प्रमाणित हुआ है। उसके विरूद्ध नरम रूख अपनाया जाना विधि की मंशा के विपरीत है। इस कारण उसे प्रथम अपराधी होने पर दया की दृष्टि से नहीं देखा जा सकता।



