जलसंसाधन विभाग के एसडीओ ने मौके पर किसान लियाकत अली नपती कर दिलाया कब्जा, दबंग अतिक्रमणकारियों ने फिर बखरनी कर फसल बुआई की
मामला करमोदिया गांव तालाब डूब क्षेत्र में पट्टे की जमीन का
कलेक्टर साहब जरा एक नजर इधर भी….
रिपोर्टर : शिवलाल यादव
रायसेन। पेशी पर पेशी….पेशी पर पेशी माय लोड और कितनी पेशी मुझे देंगे मैं कोर्ट की पेशियां कर थक हार चुका है पर मुझे यह आपका अंधा कानून मुझे मेरी पट्टे की जमीन पर मालिकाना हक देकर इंसाफ नहीं दिला सका। यह दामिनी फ़िल्म का डायलॉग सिने अभिनेता सनी देओल का अब किसान लियाकत अली पर फिट साबित हो रहा है। रायसेन के जामा मस्जिद वार्ड 6 निवासी यह शख्श एसडीएम कोर्ट रायसेन की पेशियां और जल संसाधन विभाग के चक्कर लगा लगा कर तंग आ चुका है पर उसे न्याय नहीं मिल सका है। परेशान किसान लियाकत अली का कहना है कि जल संसाधन विभाग रायसेन के तहत आने वाले करमोदिया डैम की डूब क्षेत्र में आने वाली लगभग 23 एकड़ भूमि पर विभाग द्वारा किसान लियाकत अली को पट्टा प्रदान किया गया है। लेकिन वर्ष 2015-16 में किसान लियाकत की दबंग किसान शेख करीम व उसके बेटे उसे परेशान कर रहे हैं। किसान लियाकत की जमीन में बोई गई फसल गुंडागर्दी से जबरन काटकर घर ले गए।वह इनके कारनामों से पिछले10 सालों से काफी हैरान परेशान है। उसने इस मामले की फसल जब्त कर इंसाफ दिलाने की मांग को लेकर जनसुनवाई कलेक्टर सहित एसडीएम एलके खरे और जल संसाधन विभाग रायसेन के आला अधिकारियों को कई अर्जियां दे चुके हैं। विभागीय अधिकारियों द्वारा दबंग अतिक्रमण कारी शेख करीम व उसके पुत्र को 26 मार्च 2019, 3 फरवरी 2020, 25 जनवरी 2021, 14 सितंबर 2021 को नोटिस जारी कर दफ्तर में तलब के लिए भेजे गए।लेकिन न तो वह दफ्तर में हाजिर हुए न नोटिसों को तामील किया।
मौके पर कब्जा, अतिक्रमण दबंगों का
पिछले एक हफ्ते पूर्व जलसंसाधन विभाग के ईई केडी ओझा के आदेश पर विभाग के एसडीओ पुलिस फोर्स लेकर करमोदिया डैम किनारे किसान लियाकत अली की पट्टे की डूब क्षेत्र की 23 एकड़ जमीन की नपती कर कब्जा दिलाया। लेकिन अगले दिन शेख करीम व उनके बेटों ने दबंगई दिखाते हुए उक्त जमीन पर पुनः अतिक्रमण कर खेत की बखरनी कर फसल बुआई कर ली है। किसान लियाकत अली फिर खाली हाथ रह गया है। उसे प्रशासन से न्याय की उम्मीद है।
इस संबंध में केडी ओझा ईई जलसंसाधन विभाग रायसेन का कहना है कि हमने विभाग के एसडीओ, पुलिस बल भिजवाकर मौके पर जमीन की नापतौल कर कब्जा दिला दिया था। लेकिन दबंगों ने दादागिरी दिखाकर फिर से जमीन हड़प कर फसल बुआई कर ली है।इसमें हमारा कोई कसूर नहीं है।



