समाज की प्रगतिशीलता के लिए समाजजनों में एक जुटता आवश्यक है : मुनि विलोक सागर महाराज

समवशरण विधान में चतुर्थ दिवस इंद्र सभा, अभिषेक, शांतिधारा आदि अनुष्ठान किए गए पूर्ण
सिलवानी। नगर के दिगंबर जैन त्रिमूर्ति जिनालय में समवशरण महामंडल विधान व विश्व शांति महायज्ञ का 10 दिनी आयोजन पार्श्वनाथ दिगंबर जैन समाज के द्वारा किया जा रहा है। इस आयोजन में प्रत्येक दिन बाल ब्रम्हचारी नवीन भैया के द्वारा विभिन्न अनुष्ठान संपन्न कराए जा रहे है। इसके अतिरिक्त जबलपुर से आई स्वर कोकिला वैशाली जैन एण्ड पार्टी के द्वारा संगीतमयी भजनों की बेहतर प्रस्तुति देकर कार्यक्रम को रोचकता प्रदान की जा रही हैं। विधान के कार्यक्रम में भगवान की माता बनी तिलकश्री जैन की गोद भराई की रस्म धार्मिक अनुष्ठान के बीच पूर्ण की गई।
कार्यक्रम के चतुर्थ दिवस मुनि विलोक सागर महाराज ने भगवान की वाणी का रसा स्वादन कराते हुए बताया कि समाज की प्रगतिशीलता के लिए समाजजनों में एक जुटता आवश्यक है। समाजजनों में सामूहिक एकजुटता का भाव होने से विधटनकारी तत्व अपने मंसूबो में कामयाव नहीं हो पाते है बल्कि सामूहिकता होने से बड़े कार्य भी सानंद संपन्न हो जाते हैं ।
उन्होंने अनेक द्रष्टांत के माध्यम से एकता की बात बताई व कहा कि सभी में सामजस्य, आपसी मैत्री, भाईचारे की भावना होना आवश्यक है।



