पहली बार मंडल स्तर के किसान मोर्चा कार्यकर्ताओं से भेंट करेंगे मुख्यमंत्री, प्रदेशाध्यक्ष दर्शन चौधरी की पहल
भूमि सुपोषण अभियान का मुख्यमंत्री करेंगे शुभारंभ
9 दिसंबर 2022 को मुख्यमंत्री निवास पर होगा किसान मोर्चा का भव्य आयोजन
रिपोर्टर : अशोक सोनी
बरेली । मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की उपस्थिति में 9 दिसंबर 2022 को मुख्यमंत्री निवास पर किसान मोर्चा का भव्य आयोजन होगा जिसमे भूमि सुपोषण अभियान का मुख्यमंत्री शुभारंभ करेंगे ।
भारतीय जनता पार्टी किसान मोर्चा द्वारा प्रदेश भर की प्रत्येक विधानसभाओं में किसान गौरव रथ का भ्रमण कराया जाएगा। इस आयोजन में किसान मोर्चा के मंडल स्तर तक के कार्यकर्ता को आमंत्रित किया गया है। इस यात्रा के माध्यम से स्थानीय किसानों को भारतीय जनता पार्टी की सरकारों के द्वारा किसान कल्याण निधि, किसान सम्मान निधि, फसल बीमा योजना, खेत सड़क योजना, अनुदान योजना इत्यादि के हितग्राही तक पहुंचेंगे साथ ही साथ प्रत्येक जिले में कराए गए जिला स्तरीय ऐतिहासिक कार्यों के वर्णन के साथ साथ, किसानों के मध्य प्राकृतिक खेती को लेकर जन जागरुकता का अभियान चलाया जाएगा, प्राकृतिक कृषि करने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा साथ ही प्राकृतिक कृषि करने वाले किसानों को सम्मानित भी किया जाएगा।
भारत सदियों से कृषि प्रधान देश रहा है जहां हम अपनी विकसित परम्परा से जल, जंगल, जमीन, जानवर सभी के संतुलन के साथ कृषि को उन्नत बनाये रखे । परंतु आजादी के बाद कांग्रेस की सरकारों ने विदेशीकरण करते हुए कृषि व किसानों को उनके हाल पर छोड़ दिया । परिणाम स्वरूप हम स्वास्थ्य वर्धक अनाज, सब्जी, दूध से दूर होते गये । हमने बिना किसी नीति के कारण प्राक्रतिक खेती से दूरी बना ली । योजनाओं, नवाचार की कमी के कारण अत्यधिक रासायनिक खाद का उपयोग प्रारंभ कर दिया । प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी एवं मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के नेतृत्व में किसानों को नई – नई योजनाओं के माध्यम से सीधा लाभ दिया जा रहा है । मध्यप्रदेश ने 7 बार कृषि कर्मण पुरस्कार से सम्मानित होने का गौरव प्राप्त किया । जो कभी इससे पहले सोचा भी नहीं था । स्वामी नाथन आयोग की सिफारिशों से भी अधिक लाभ मध्यप्रदेश के किसानों को दिया जा रहा है । प्रधानमंत्री स्वामित्व योजना इस योजना के अंतर्गत गांवों में रहने वाले लोगों को उनके घरों के अधिकार का रिकार्ड और प्रॉपर्टी कार्ड जारी करना है , जिससे वह लोन लेने व दूसरे वित्तीय लाभ के लिए फाइनेंशियल एसेट के तौर पर इस्तेमाल कर सकते है । इससे उनको वित्तीय तौर पर स्थिरता देने में भी मदद मिलेगी । इसके साथ योजना के सर्वे इन्फ्रास्ट्रक्चर और जीआईएस , मेप्स बनेंगे , जिसका इस्तेमाल कोई भी विभाग कर सकता है । इससे ग्राम पंचायत डवलपमेंट प्लॉन को तैयार करने में भी मदद मिलेगी । शून्य ब्याज पर ऋण – अल्पावधि फसल ऋण के लिए किसानों को शून्य ब्याज पर 23 हजार करोड़ रूपये का आवंटन मध्यप्रदेश सरकार ने किया । प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना, मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के मार्गदर्शन में प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के अंतर्गत वर्ष 2018-19 एवं 2019-20 में 47.62 लाख पात्र किसानों को 9286.20 करोड़ दावा राशि का भुगतान कराया गया ।
मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने हाल ही में प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना में देश में फसल क्षति की सबसे बड़ी सहायता राशि का वितरण कर राष्ट्रीय स्तर पर एक नया रिकार्ड बनाया । किसानों के 49 लाख फसल क्षति के दावों में 7.618 करोड़ रूपये की सहायता राशि उनके खातों में सिंगल क्लिक से जमा की गई ।
प्रदेश में प्राकृतिक खेती की दिशा में भी कार्य हो रहा है, भाजपा सरकार ने प्राकृतिक कृषि को प्रोत्साहन देने के लिए प्राकृतिक कृषि बोर्ड का गठन किया है। एफ पी ओ के माध्यम से किसानों ने अपनी बीज उत्पादन कंपनियां बना ली हैं । अब फलोद्यान और उद्यानिकी पर भी किसानों का ध्यान देखने को मिल रहा । मध्यप्रदेश में कृषि उत्पादन बढ़ाना , उत्पादन लागत कम करना , कृषि उपज के उचित दाम दिलवाना और प्राकृतिक आपदा या अन्य स्थिति में किसानों की उपज को हुए नुकसान की क्षतिपूर्ति , राज्य सरकार के प्रमुख प्रयासों में शामिल हैं।
स्थानीय स्तर पर भी प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने के सार्थक प्रयास हो रहे हैं, विगत दिनों पद यात्रा के माध्यम से जिले की उदयपुरा विधानसभा क्षेत्र में नर्मदा किनारे के ग्रामों में जागरूकता अभियान (भूमि सुपोषण अभियान) चलाया गया था। यह यात्रा 37 ग्रामों से गुजरी व 948 किसानों ने संकल्प पत्र भर कर, इस वर्ष प्राकृतिक खेती करने का संकल्प लिया हैं। यह यात्रा भारकच्छ के मदागन घाट से आरम्भ होकर पताई घाट देवरी तक निकाली गई थी, जिसमे हज़ारों किसानों से इस यात्रा में सहभागिता की थी। आगामी ” किसान गौरव रथ यात्रा” के माध्यम से विधानसभा के प्रत्येक ग्राम तक प्राकृतिक खेती का विषय, किसानों के बीच पहुँचाने का संकल्प भी इस यात्रा के प्रभारी राहुल पटैल ने लिया हैं।



