ज्योतिष

Aaj ka Panchang आज का पंचांग शनिवार, 18 फरवरी 2023

आचार्य श्री गोपी राम (ज्योतिषाचार्य) जिला हिसार हरियाणा मो. 9812224501
✦••• जय श्री हरि •••✦
🧾 आज का पंचाग 🧾
शनिवार 18 फरवरी 2023

शनि देव जी का तांत्रिक मंत्र – ऊँ प्रां प्रीं प्रौं सः शनैश्चराय नमः।।
🔱 18 फरवरी 2023 दिन शनिवार को फाल्गुन मास के कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि है। आज शनिवार का प्रदोष व्रत है। आज महाशिवरात्रि का महा पावन व्रत है। आज रात्रिव्यापिनी चतुर्दशी में चतुर्दश्लिंग पूजन करना चाहिये। बाबा वैद्यनाथ की जयन्ती भी आज ही है। आज कृत्तिवासेश्वर (काशी विश्वनाथ) का दर्शन एवं पूजन करना चाहिये। आज तो काशी में बारात एवं शोभा यात्रा भी निकलती है, अवश्य दर्शन पूजन एवं अभिषेक आदि करवाना चाहिये। आप सभी सनातनियों को बाबा भोले भण्डारी का माँ जगत्जननी माता पार्वती के विवाह के पावन व्रत महाशिवरात्रि की हार्दिक शुभकामनायें।।
☄️ दिन (वार) -शनिवार के दिन क्षौरकर्म अर्थात शनिवार को पीपल वृक्ष में मिश्री मिश्रित दूध से अर्घ्य देने से लक्ष्मी की प्राप्ति होती है। पीपल के नीचे सायंकालीन समय में एक चतुर्मुख दीपक जलाकर हनुमान चालीसा का पाठ करने से सभी ग्रह दोषों की निवृति हो जाती है।
पुराणों में वर्णित है कि पिप्पलाद ऋषि ने अपने बचपन में माता पिता के वियोग का कारण शनि देव को जानकर उनपर ब्रह्म दंड से प्रहार कर दिया, जिससे शनि देव घायल हो गए। देवताओं की प्रार्थना पर पिप्पलाद ऋषि ने शनि देव को इस बात पर क्षमा किया कि शनि जन्म से लेकर 16 साल तक की आयु तक एवं उनके भक्तो को किसी को भी कष्ट नहीं देंगे। तभी से पिप्पलाद का स्मरण करने से ही शनि देव के प्रकोप से मुक्ति मिल जाती है।
शिवपुराण के अनुसार शनिवार के दिन पिप्पलाद श्लोक का या पिप्पलाद ऋषि जी के केवल इन तीन नामों (पिप्पलाद, गाधि, कौशिक) को जपने से शनि की पीड़ा शान्त हो जाती है ।
🔮 शुभ विक्रम संवत्-2079, शक संवत्-1944, हिजरी सन्-1443, ईस्वी सन्-2022
🌐 संवत्सर नाम-राक्षस
✡️ शक संवत 1944 (शुभकृत् संवत्सर)
☸️ काली सम्वत 5123
☣️ सायन उत्तरायण
🌦️ ऋतु – सौर शिशिर ऋतु
🌤️ मास – फाल्गुन मास
🌒 पक्ष – कृष्ण पक्ष
📆 तिथि – त्रयोदशी 17:43 PM बजे तक उपरान्त चतुर्दशी तिथि है।
✏️ तिथि स्वामी – त्रयोदशी के देवता हैं शिव।त्रयोदशी में कामदेव की पूजा करने से मनुष्य उत्तम भार्या प्राप्त करता है।
💫 नक्षत्र – उत्तराषाढ़ा 15:35 PM तक उपरान्त श्रवण नक्षत्र है।
🪐 नक्षत्र स्वामी – उत्तराषाढ़ा नक्षत्र का स्वामी सूर्य है। नक्षत्र से प्रभावित व्यक्ति साहसी और धैर्यवान होते हैं।
🔊 योग – व्यतिपात 17:55 PM तक उपरान्त वरीयान योग है।
प्रथम करण : गर – 09:51 ए एम तक
द्वितीय करण – वणिज – 08:02 पी एम तक
⚜️ दिशाशूल – शनिवार को पूर्व दिशा की यात्रा नहीं करनी चाहिये, यदि अत्यावश्यक हो तो अदरख एवं घी खाकर यात्रा कर सकते है।
🔥 गुलिक काल : शनिवार का (अशुभ ) काल 06:57 ए एम से 08:22 ए एम
🤖 राहुकाल (अशुभ) – सुबह 09:00 बजे से 10:30 बजे तक राहु काल में कोई भी शुभ कार्य नहीं करना चाहिए |
🌞 सूर्योदय – प्रातः 06:23:38
🌅 सूर्यास्त – सायं 17:37:32
👸🏻 ब्रह्म मुहूर्त : 05:15 ए एम से 06:06 ए एम
🌇 प्रातः सन्ध्या : 05:41 ए एम से 06:57 ए एम
🌟 अभिजित मुहूर्त : 12:13 पी एम से 12:58 पी एम
🔯 विजय मुहूर्त : 02:28 पी एम से 03:13 पी एम
🐃 गोधूलि मुहूर्त : 06:11 पी एम से 06:36 पी एम
🏙️ सायाह्न सन्ध्या : 06:13 पी एम से 07:29 पी एम
💧 अमृत काल : 12:02 पी एम से 01:27 पी एम 05:37 ए एम, फरवरी 19 से 07:01 ए एम, फरवरी 19
🗣️ निशिता मुहूर्त : 12:09 ए एम, फरवरी 19 से 01:00 ए एम, फरवरी 19
सर्वार्थ सिद्धि योग : 05:42 पी एम से 06:56 ए एम, फरवरी 19
🚓 यात्रा शकुन-शर्करा मिश्रित दही खाकर घर से निकलें।
👉🏻 आज का मंत्र-ॐ प्रां प्रीं प्रौं स: शनयै नम:।
🤷🏻‍♀️ आज का उपाय-शिव मंदिर में शिवलिंग का दुग्धाभिषेक करें।
🪵 वनस्पति तंत्र उपाय-शमी के वृक्ष में जल चढ़ाएं।
⚛️ पर्व एवं त्यौहार – महाशिवरात्रि व्रत/शनि प्रदोष, क्रांतिकारी मदन लाल ढींगरा जन्म दिवस, भक्तिकाल संतों में से एक चैतन्य महाप्रभु जन्मोत्सव, (महान् संत एवं विचारक तथा स्वामी) विवेकानन्द के गुरु रामकृष्ण परमहंस जन्म दिवस, स्वतंत्रता सेनानी रफ़ी अहमद क़िदवई जन्म दिवस, जयनारायण व्यास, स्वतन्त्रता सेनानी जन्मोत्सव, अब्दुल राशिद ख़ान- पद्म भूषण सम्मानित पुण्य तिथि, उत्पादकता सप्ताह
✍🏼 विशेष:- त्रयोदशी तिथि को बैंगन त्याज्य होता है। अर्थात आज त्रयोदशी तिथि में भूलकर भी बैंगन की सब्जी या भर्ता नहीं खाना चाहिए। त्रयोदशी तिथि जयकारी अर्थात विजय दिलवाने वाली तिथि मानी जाती है। यह त्रयोदशी तिथि सर्वसिद्धिकारी अर्थात अनेकों क्षेत्रों में सिद्धियों को देनेवाली तिथि मानी जाती है। यह त्रयोदशी तिथि जया नाम से विख्यात मानी जाती है। यह त्रयोदशी तिथि शुक्ल पक्ष में शुभ और कृष्ण पक्ष में अशुभ फलदायिनी होती है।
🗺️ Vastu tips 🗽
ज्योतिष और धार्मिक मत के अनुसार, अगर किसी व्यक्ति की फैमिली लाइफ में समस्या है तो उन्हें हर शुक्रवार को मां लक्ष्मी को लाल गुलाब अर्पित करना चाहिए ऐसा करने से आपके घर सकारात्मक भी रहेगी और मां लक्ष्मी की कृपा भी आप पर रहेगी। जिससे आपकी धन संबंधी परेशानियां भी समाप्त होंगी।
अच्छी लव लाइफ के लिए गुलाब के उपाय जिन लोगों की लव लाइफ में समस्या रहती है उन्हें अपने बेडरूम में एक कांच के बर्तन में पानी के साथ गुलाब की कुछ पत्तियां भर कर रख दें। साथ ही यह गुलाब की पत्तियां और पानी आपको रोजाना बदलना है। ऐसा करने से आपकी लव लाइफ फिर से रोमांटिक होगी।
आसान उपाय यदि किसी व्यक्ति के जीवन में आर्थिक तंगी है तो गुलाब का फूल बेहद कारगर साबित हो सकता है। वास्तु शास्त्र के अनुसार, शाम की आरती के समय मां लक्ष्मी के चरणों में गुलाब के फूल अर्पित कर दें। ऐसा करने से आपको आर्थिक समस्याओं में काफी हद तक राहत मिलेगी। इसके अलावा शुक्रवार के दिन मां दुर्गा को पांच गुलाब की पंखुड़ी लेकर पान के पत्ते में रखकर अर्पित कर दें। ऐसा करने से भी आपको पैसों की समस्या से बहुत हद तक राहत मिलेगी।
🔰 जीवनोपयोगी कुंजियां ⚜️
हल्दी वाला दूध पिएं हल्दी के मुख्य बायोएक्टिव यौगिक करक्यूमिन में सूजन-रोधी गुण होते हैं जो कि कमर दर्द में आपके काम आ सकता है। ऐसे में रोज रात में सोने से पहले आधा कप गर्म दूध लें और इसमें एक चम्मच हल्दी पाउडर डालकर अच्छी तरह मिला लें। ऊपर से थोड़ा शहद मिला लें। इससे दो फायदे होंगे। पहला तो आपका दर्द कम होगा और दूसरा ये आपकी हड्डियों को मजबूत करने और मांसपेशियों की सूजन को कम करने में मदद करेगा।
गर्म पानी से नहा लें अगर आपको कमर दर्द ज्यादा परेशान कर रहा है तो रात में सोने से पहले गर्म पानी से नहा लें। ये पहले तो आपके शरीर में गर्मी पैदा करेगी और मांसपेशियों का सूजन कम होगा। दूसरा गर्म पानी से नहाने पर आपका ब्लड सर्कुलेशन सही रहेगा जिससे आप दर्द से राहत पा सकेंगे।
🍯 आरोग्य संजीवनी 🍶
पुरुषों के लिए फायदेमंद पुरुषों को रात में सोने से पहले कम से कम 2 इलायची खाना चाहिए। रात को सोने से पहले 2 इलायची को 1 ग्लास दूध के साथ गर्म कर पिएं। इलायची यौन स्वास्थ्य को बेहतर बनाने में बेहद मददगार है इसलिए नियमित तौर पर इसका सेवन करने से पुरुषों की नपुंसकता दूर होती है।
इस समय खाएं इलायची रात को सोने से पहले 2 इलायची को 1 ग्लास गर्म पानी बॉईल करें फिर यह पानी पी जाएं और उन्हें चबा कर खा लें। आप इलायची का इस्तेमाल माउथ फ्रेशनर के रुप में सीधे चबाकर भी कर सकते हैं। या फिर कोई डिश या सब्जी बनाते समय उसमें इसके दाने डालकर इसका सेवन कर सकते हैं।
📚 गुरु भक्ति योग 🕯️
प्रेम ही हर रिश्ते का आधार है आचार्य श्री गोपी राम की नीति के अनुसार किसी भी रिश्ते में तब तक अपनत्व और समर्पण की भावना उत्पन्न नहीं हो सकती है जब तक कि उसमें प्रेम का भाव नहीं है. जब प्रेम पैदा होता है तभी रिश्ते में मजबूती आती है. इसलिए यदि रिश्तों को मजबूत बनाना है और लंबे समय तक बनाए रखना है तो उसमे प्रेम के भाव में कभी कमी नहीं आने देना चाहिए.
आदर और सम्मान प्रेम के साथ-साथ आदर और सम्मान भी अति-आवश्यक है. हर रिश्ते का सम्मान करना चाहिए और उसे यथासंभव आदर प्रदान करना चाहिए. प्रेम पर टिके रिश्ते में आदर और सम्मान की कभी कमी नहीं आने देनी चाहिए. अहम और स्वयं को श्रेष्ठ समझने की गलती के कारण आदर और सम्मान की कमी आती है. इससे बचना चाहिए. प्रेम में अहम का भाव नहीं होना चाहिए. इससे रिश्ते कमजोर होते हैं.
विश्वास कभी न तोड़ें शास्त्र नीति के अनुसार रिश्ते प्रेम के साथ-साथ विश्वास पर भी टिके होते हैं. विश्वास बहुत मुश्किल से बनता है. विश्वास कायम होने में समय लेता है, लेकिन इस तोड़ने में एक पल भी नहीं लगता है. विश्वास किसी भी रिश्ते की पवित्रता को बनाए रखने में अहम भूमिका निभाता है. विश्वास, तभी कम होता है जब रिश्ते में झूठ आ जाता है. आपसी रिश्तों में झूठ के लिए कोई स्थान नहीं होना चाहिए.
क्रोध से दूर रहें हमारे कहने के अनुसार जहां पर प्रेम हो वहां पर क्रोध करने से बचना चाहिए. क्रोध को संयम और विनम्रता से नष्ट किया जा सकता है. क्रोध करने वाले व्यक्ति से नजदीक लोग भी दूरी बना लेते हैं. क्रोध करना वाला व्यक्ति अपना तो नुकसान करता ही है, साथ ही साथ दूसरों को भी हानि पहुंचता है.
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⚜️ त्रयोदशी तिथि के देवता मदन (कामदेव) हैं। शास्त्रानुसार भगवान कृष्ण और रुक्मिणी के पुत्र हैं भगवान कामदेव। कामदेव प्रेम और आकर्षण के देवता माने जाते हैं। जिन पुरुषों अथवा स्त्रियों में काम जागृत नहीं होता अथवा अपने जीवन साथी के प्रति आकर्षण कम हो गया है, उन्हें आज के दिन भगवान कामदेव का उनकी पत्नी रति के साथ पूजन करके उनके मन्त्र का जप करना चाहिये। कामदेव का मन्त्र – ॐ रतिप्रियायै नम:। अथवा – ॐ कामदेवाय विद्महे रतिप्रियायै धीमहि। तन्नो अनंग: प्रचोदयात्।
आज की त्रयोदशी तिथि में सपत्निक कामदेव की मिट्टी कि प्रतिमा बनाकर सायंकाल में पूजा करने के बाद उपरोक्त मन्त्र का जप आपका वर्षों का खोया हुआ प्रेम वापस दिला सकता है। आपके चेहरे की खोयी हुई कान्ति अथवा आपका आकर्षण आपको पुनः प्राप्त हो सकता है इस उपाय से। जो युवक-युवती अपने प्रेम विवाह को सफल बनाना चाहते हैं उन्हें इस उपाय को करना चाहिये। जिन दम्पत्तियों में सदैव झगडा होते रहता है उन्हें अवश्य आज इस उपाय को करना चाहिये।
त्रयोदशी तिथि ज्योतिषशास्त्र में अत्यंत श्रेष्ठ माना गया है। इस तिथि में जन्म लेने वाला व्यक्ति महापुरूष होता है। इस तिथि में जन्म लेने वाला व्यक्ति बुद्धिमान होता है और अनेक विषयों की अच्छी जानकारी रखने वाला होता है। यह व्यक्ति काफी विद्वान होता है तथा अन्यों के प्रति दया भाव रखने वाला एवं किसी की भी भलाई करने हेतु सदैव तत्पर रहने वाला होता है । इस तिथि के जातक समाज में काफी प्रसिद्धि हासिल करते ही हैं।

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