रेत के भरे डंपरों से उखड़ रही रोड एवं धूल से परेशान सड़क किनारे रहने वाले रहवासी
रिपोर्टर : कमलेश अवधिया
साईखेड़ा । नगर परिषद साईंखेड़ा के बीचो-बीच से निकला स्टेट हाईवे 44 गाडरवारा से रायसेन रोड यह रोड बहुत ही व्यस्त रोड है इसी मार्ग पर नगर के सभी शासकीय एवं अशासकीय कार्यालय एवं स्कूल स्थित हैं इसी रोड पर नगर का पूरा मार्केट लगता है इस रोड को बने हुए अभी 8 साल ही हुए हैं इस रोड की हालत देखो जहां-तहां उखड़ रही है । जानकारी के अनुसार बेलगाम दौड़ रहे रेत से भरे डंपर ने जहां साईंखेड़ा के आसपास तूमडा मेहरागांव संसारखेड़ा सहित अन्य प्रधानमंत्री ग्रामीण रोड़ों को पूरी तरह से बर्बाद कर दिया है बची खुची कसर अब नगर साईंखेड़ा के स्टेट हाईवे 44 पर पड़ने लगी यहां से निकलने वाले बेलगाम रेत के डंपर 24 घंटे बेखोफ़ दौड़ रहे हैं जिससे रोड जगह-जगह जर्जर हो चुकी है रोड पर गहरे गहरे गड्ढे बन गए हैं जिससे रोडो में वाहन चलाने में लोगों को दिक्कत हो रही है एवं तेज दौड़ते हुए ट्रक डंपर से दुर्घटना की आशंका भी बनी रहती है आए दिन रोड पर बैठने वाले बेसहारा पशु भी इन ट्रक की चपेट में आकर घायल हो रहे हैं सबसे बड़ी समस्या इस रोड पर रहने वालों लोगों को धूल से है बेलगाम दौड़ रहे डंपर ट्रक इतनी स्पीड से दौड़ रहे हैं कि पूरा बाजार धूल का साम्राज्य बन जाता है उड़ती हुई धूल लोगों के घरों एवं दुकानों में जा रही है जिससे लोगों के खाद्य पदार्थ विक्रय सामग्री धूल से प्रदूषित हो ही रही है इसी के साथ लोगों को सांस लेने में भी कठिनाई आ रही है। दौड़ते हुए बेलगाम वाहनों पर पुलिस प्रशासन आरटीओ विभाग अंकुश लगाए जिससे कि नगर में 20 या 30 की स्पीड से ही वाहन ड्राइवर निकाल सके जिससे रोड भी बची रहे लोग धूल से भी बचे रहें एवं कोई दुर्घटना भी न घट पायें।
साईंखेड़ा में ब्लॉक मुख्यालय के पास कई वर्षों से रोड पर बड़े-बड़े गड्ढे हैं जिसमें पानी भरा रहता है और आए दिन दुर्घटनाएं हो रही हैं चलते हुए वाहन से लोग गिर जाते हैं इसी तरह सब्जी मंडी के पास राधा कृष्ण मंदिर वहां भी रोड पर बड़े-बड़े गड्ढे हैं जो 3 वर्ष होने के बाद भी ठीक नहीं हुए इन गड्ढों में ऊपर रिपेयरिंग की जाती है पर नीचे से होने वाला लीकेज पानी फिर से गड्ढों में तब्दील कर देता है अतः हिना गड्ढों की लीकेज बंद कराएं जिससे ही गड्ढे भर सकेंगे नहीं तो यह गड्ढे हमेशा लोगों को परेशान एवं दुर्घटना का आमंत्रण देते रहेंगे।




