सेल्समैन ने तीन माह का स्व – सहायता समूह का राशन किया आहरित
रिपोर्टर : सतीश चौरसिया
उमरियापान | सहकारिता समिति उमरियापान के अन्तर्गत आने वाली उचित मूल्य दुकान बम्हनी में पदस्थ सेल्समैन मुन्ना विश्वकर्मा के द्वारा स्व – सहायता समूह का राशन आहरित कर लिया गया हैं। सरकार गरीब परिवारों को पीडीएस दुकान के माध्यम से प्रति व्यक्ति 5 किलो अनाज के मान से उचित मूल्य पर राशन वितरण कर रही है। राशन वितरण प्रणाली को पारदर्शी बनाने के लिए पीओएस सिस्टम लागू है, लेकिन इसके बाद भी सेल्समैन हितग्राहियों को गुमराह कर राशन डकारने में कामयाब हो रहे हैं। पीडीएस दुकान बम्हनी की हितग्राहियों द्वारा शिकायत की गई है कि सेल्समैन द्वारा कई महीने से कम राशन बांटा जा रहा है साथ ही पात्रता अनुसार राशन भी नहीं बांटा जा रहा है। तो वहीं हितग्राहियों का कहना है की पीडीएस की दुकान की जांच की जाय तो बड़े स्तर का राशन घोटाला उजागर हो सकता है।
*सेल्समैन नहीं लड़के की मर्जी से चल रही राशन दुकान*
राशन दुकानों में शासन- प्रशासन के आदेश निर्देश लागू नहीं होते। सेवा सहकारी समिति उमरियापान के अंतर्गत राशन दुकान बम्हनी सेल्समैन मुन्ना विश्वकर्मा के पुत्र की मर्जी से चल रही हैं। शासन ने हर दिन राशन दुकान खोलने एवं दुकान में रखे खाद्यान्न का स्टॉक दुकान के बाहर दर्ज करने के निर्देश दिए हैं। लेकिन अधिकांश राशन दुकानें महीने में सिर्फ दो दिन खुलती हैं। पांच किलो राशन पाने के लिए हितग्राहियों को महीने में दो दिन राशन दुकान के चक्कर लगाने पड़ते है ।सेल्समैन के द्वारा कभी पात्र हितग्राहियों को शक्कर और नमक नहीं बांटा जाता । हितग्राही अगर शिकायत करते है तो उनके ऊपर सेल्समैन दबाव बनाते हैं।
*इस तरह किया जा रहा घोटाला*
पीडीएस की दुकान पर अधिकांश हितग्राही अशिक्षित आते हैं। ऐसे मे सेल्समैन इसका फायदा उठाते है। सेल्समैन के ओर से पीओएस मशीन पर फिंगर लगवाने के बाद पोर्टल पर हितग्राही के हिस्से का पूरा राशन चढ़ा दिया जाता है और हितग्राही को पीओएस मशीन से जारी होने वाली राशन मिलने की रसीद भी नहीं दी जाती है। पावती नहीं देने की स्थिति में हितग्राही को आधा – अधूरा दिया जाता है। कई बार कम राशन मिलने का हितग्राही विरोध भी करते हैं,ऐसे में उन्हें झगड़ा कर शांत करा दिया जाता है। महीने का राशन चूकने के बाद अगले महीने पोर्टल खुलता है। लेकिन सेल्समैन के द्वारा राशन हितग्राही को नहीं दिया जाता हैं।
*सेल्समैन स्व – सहायता समूह के राशन में की काला – बाजारी*
जब सेल्समैन स्व – सहायता समूह के लोगों को तीन माह से राशन नहीं देता तो अनुमान लगाया जा सकता हैं कि स्व – सहायता समूह के द्वारा कहां से बच्चो को भोजन बनायेगी। शासन के द्वारा अनेकों प्रकार की बच्चों के लिए योजनाएं चलाई जा रही हैं लेकिन भ्रष्टाचार का दीमक हर योजनाओं में लगा हुआ है इसी प्रकार सेल्समैन मुन्ना विश्वकर्मा के द्वारा 3 माह का राशन आहरित कर लिया गया हैं, अनेको बार स्व – सहायता समूह के द्वारा बोलने के बाद भी राशन नहीं दिया गया तो स्व – सहायता समूह के द्वारा उच्चाधिकारियों का ध्यान आकर्षित करवाया गया है ।



