बारहवी पास की अंकसूची हाथ मे लेकर छात्र छात्राये कर रहे है गौरझामर मे कालेज खुलने का इन्तजार

रिपोर्टर : कुंदनलाल चौरसिया
गौरझामर । लम्बे अर्से से गौरझामर मे आम लोगो अभिभावको व्दारा डिग्री कालेज की मांग की जा रही है। बतादे की बारहवी कक्षा उत्तीर्ण करने के बाद महाविधालयीन उच्च शिक्षा की अभिलाषा लिये उदीयमान छात्र छात्राये गौरझामर मे शासकीय महाविधालय खोले जाने की अपेक्षा मे ओव्हर ऐज होते जा रहे है जिससे उनका मानसिक सन्तुलन खराब हो रहा है अभिभावको पालको का कहना है कि एक तरफ शासन उच्चशिक्षा को बढावा देकर देश के भविष्य युवा भावी पीढी को पढाकर उन्हे डाक्टर, मास्टर, इन्जिनियर, वैज्ञानिक आदि बनाने के सपने दिखा रहा है तो दूसरी तरफ गरीबो के होनहार कुशाग्र बुध्दीमान बच्चो को उच्च शिक्षा के लिए दर दर भटकने को मजबूर कर रहा है। इस आधी अधूरी शिक्षा के कारण उनका भविष्य चौपट हो रहा है जबकि गौरझामर उच्च शिक्षा के लिए सर्किल का सबसे बडा व सुविधाजनक केन्द्रिय स्थान है। उल्लेखनीय है की गौरझामर मे दो शासकीय हायर सेकेण्डरी स्कूल सत्तर के दशक से संचालित है तथा प्राइवेट स्कूलो की सख्या भी लगभग आधा दर्जन है इन विद्यालयों से पास होकर निकलने वाले छात्र छात्राओं की एक ही अभिलाषा व समस्या रहती है की उन्हे गौरझामर मे ही उनकी सुविधानुसार कालेज स्तर की शिक्षा प्राप्त हो लेकिन शासन के उपेक्षा पूर्ण रवैये के चलते आज तक गौरझामर मे शासकीय डिग्री कालेज नही खोला जा सका है जिसका सीधा असर उन गरीब व मध्यम वर्ग के परिवारो के होनहार बच्चो पर पड रहा जो आर्थिक रूप से कमजोर होने के कारण अग्रिम शिक्षा हेतु सुदूर वर्ती कालेजो मे एडमिशन नही ले पाते ऐसे छात्र छात्राये आज कुण्ठा अवसाद के शिकार है शासन गौरझामर मे छात्र छात्राओ की प्रमुख समस्या के निदान हेतु अविलंब डिग्री कालेज की घोषणा करे।



