धार्मिक

ग्यारह सौ जोड़ा यजमान करेंगे तुलसी विवाह में कन्यादान

विवाह के लिए तैयार कर रहे तुलसी के पौधे
तुलसी विवाह से परिवार में बढ़ती है सुख-समृद्धि

रिपोर्टर : शिवकुमार साहू
सिलवानी। ग्राम साईखेड़ा में आगामी 13 से 15 नवंबर तक विशाल तुलसी-शालिगराम विवाह आयोजन किया जाएगा। जिसमें तुलसी-शालिगराम विवाह के साथ अन्य कार्यक्रम होंगे। 13 नवंबर को तेल, हल्दी, 14 नवंबर को मंडप तथा 15 नवंबर को बारात आगमन और विवाह होगा।
1100 जोड़े यजमान तुलसी विवाह में कन्यादान करेंगे। भगवान शालिगराम की बारात श्री अयोध्या धाम से जन्मेजय शरण महाराज लेकर आएंगे। आयोजन में कथा वाचक विपिन बिहारी महाराज कथा का वाचन करेंगे। वर पक्ष से श्री लक्ष्मीनारायण बड़ा मंदिर साईखेड़ा के पुजारी शिवकुमार शुक्ला एवं समस्त ग्रामवासी होंगे। पौराणिक कथा के मुताबिक, एक बार माता तुलसी ने भगवान विष्णु को नाराज होकर श्राप दिया था कि वे काला पत्थर बन जाएं। इस श्राप से मुक्ति पाने के लिए भगवान विष्णु ने शालिगराम पत्थर के रूप में अवतार लिया और तुलसी से विवाह किया। पद्म पुराण के मुताबिक तुलसी जी, लक्ष्मी का ही रूप हैं और भगवान विष्णु ने शालिगराम का रूप लिया था। पंडित शिवकुमार शुक्ला ने बताया कि तुलसी विवाह करने से पति-पत्नी के बीच प्यार बना रहता है और हर तरह की दिक्कतें दूर हो जाती हैं। तुलसी विवाह करने से कुंवारी लड़कियों को मनचाहा वर मिलता है। जिस घर में तुलसी का पौधा होता है, वहां लक्ष्मी-नारायण की कृपा बनी रहती है।

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