सिलवानी के शिक्षक मयंक रघुवंशी ने की इसरो यात्रा, विद्यार्थियों को देंगे प्रयोगात्मक ज्ञान की नई दिशा

सिलवानी | मध्यप्रदेश विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद द्वारा आयोजित “मिशन एक्सीलेंस कार्यक्रम” के अंतर्गत ‘विज्ञान मंथन यात्रा’ ने शिक्षकों और विद्यार्थियों के लिए विज्ञान सीखने का एक प्रभावी मंच प्रदान किया है। इस शैक्षणिक पहल का उद्देश्य विज्ञान और प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में विद्यार्थियों की जिज्ञासा को बढ़ावा देना और उन्हें अनुभवात्मक शिक्षा से जोड़ना है।इस यात्रा में रायसेन जिले के सिलवानी स्थित शासकीय सांदीपनी उच्च माध्यमिक विद्यालय के शिक्षक मयंक रघुवंशी की सक्रिय सहभागिता उल्लेखनीय रही। उन्होंने इस अभियान में भाग लेकर न केवल स्वयं वैज्ञानिक संस्थानों का अनुभव प्राप्त किया, बल्कि विद्यार्थियों को भी प्रेरित करने का संकल्प व्यक्त किया।यात्रा में कुल 389 सदस्यीय दल शामिल रहा, जिसमें 344 विद्यार्थी, 26 शिक्षक, 11 एमपीसीएसटी अधिकारी, 3 वरिष्ठ अधिकारी, एक बाल सदस्य तथा आईआरसीटीसी के 4 प्रतिनिधि शामिल थे। यह व्यापक भागीदारी दर्शाती है कि राज्य स्तर पर विज्ञान शिक्षा को प्रयोगात्मक और व्यवहारिक बनाने की दिशा में गंभीर प्रयास किए जा रहे हैं।यात्रा के दौरान प्रतिभागियों ने देश के प्रमुख अंतरिक्ष एवं वैज्ञानिक संस्थानों का भ्रमण किया। श्रीहरिकोटा स्थित सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र में प्रथम एवं द्वितीय लॉन्च पैड, रॉकेट प्रक्षेपण प्रक्रिया तथा मिशन कंट्रोल सिस्टम को नजदीक से समझने का अवसर मिला। इसके अलावा इंडियन डीप स्पेस नेटवर्क की 32 मीटर एंटीना सुविधा के माध्यम से अंतरिक्ष संचार के वैज्ञानिक पहलुओं की जानकारी प्राप्त हुई।चेन्नई के बिरला तारामंडल एवं बेंगलुरु स्थित इसरो केंद्रों के भ्रमण से प्रतिभागियों ने खगोल विज्ञान, उपग्रह तकनीक और अंतरिक्ष अनुसंधान की जटिल प्रक्रियाओं को सरल रूप में समझा। यात्रा में ‘एक्सपेरिमेंटल लर्निंग’ पर विशेष जोर दिया गया, जिसमें ‘फन विद केमिस्ट्री’ जैसे सत्रों के माध्यम से जटिल विषयों को रोचक तरीके से प्रस्तुत किया गया।मयंक रघुवंशी के अनुसार, इस प्रकार की शैक्षणिक यात्राएं प्रयोगशाला आधारित शिक्षण को अधिक प्रभावी बनाती हैं और विद्यार्थियों में नवाचार तथा जिज्ञासा को बढ़ावा देती हैं।20 अप्रैल से 28 अप्रैल तक आयोजित इस यात्रा से लौटने के बाद वे अपने अनुभवों को विद्यार्थियों के साथ साझा करेंगे, जिससे उन्हें विज्ञान को समझने का नया दृष्टिकोण मिलेगा।इस उपलब्धि पर नगरवासियों, समाजजन एवं सहयोगियों ने मयंक रघुवंशी को बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की है।



