उमरियापान पंचायत में 80-90 लाख के कथित भ्रष्टाचार का आरोप ग्रामीणों ने लगाया

जांच तक खाते पर रोक की मांग
रिपोर्टर : सतीश चौरसिया
उमरियापान । ढीमरखेड़ा जनपद की ग्राम पंचायत उमरियापान में निर्माण कार्यों के नाम पर बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार और बिना मूल्यांकन राशि आहरण का मामला सामने आया है । ग्रामीणों ने ढीमरखेड़ा के मुख्य कार्यपालन अधिकारी को शिकायत सौंपते हुए आरोप लगाया है कि बीते लगभग 7 महीनों में 80 से 90 लाख रुपये बिना कार्य कराए और बिना विधिवत मूल्यांकन के निकाल लिए गए।शिकायत में बताया गया है कि न्यू बस स्टैंड क्षेत्र में साफ-सफाई के नाम पर कोई कार्य नहीं किया गया, जबकि स्वच्छता मद से राशि निकाली गई। इसी प्रकार वार्ड क्रमांक 16 और 20 में बनाए गए रंगमंच स्वीकृत राशि के अनुरूप नहीं हैं और उनका निर्माण भी मानकों से कम बताया गया है ।ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि ग्राम में कई स्थानों पर सीसी रोड का निर्माण अधूरा और गुणवत्ताहीन है, जहां मजदूरों के बजाय मशीनों से काम कराकर राशि का दुरुपयोग किया गया ।विरखा श्मशान घाट में टीन शेड, नल-जल योजना और सफाई कार्यों में भी अनियमितताओं की जांच की मांग की गई है। शिकायत में यह भी उल्लेख है कि हाट बाजार क्षेत्र में किया गया सीसीकरण घटिया स्तर का है और जांच में दोषी पाए जाने के बावजूद अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई।ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया कि सरपंच द्वारा अपने घर के सामने पुरानी सीसी रोड के ऊपर ही नई सड़क बनवा दी गई, जिससे सरकारी राशि का दुरुपयोग हुआ । वहीं पूरे ग्राम में गंदगी और नालियों में कीचड़ की स्थिति बनी हुई है, जबकि सफाई के नाम पर लगातार भुगतान निकाले जा रहे हैं ।शिकायतकर्ताओं ने कहा कि बिना पंचों की जानकारी के राशि निकाली जा रही है और केवल व्यक्तिगत हितों के कार्य किए जा रहे हैं । उन्होंने पूर्व में की गई शिकायतों और जांच प्रतिवेदनों के बावजूद कार्रवाई न होने पर भी सवाल उठाए हैं ।*जांच और खाते पर रोक की मांग*शिकायतकर्ताओं ने मांग की गई है कि ग्राम पंचायत में हुए सभी निर्माण कार्यों एवं 70-80 लाख रुपये के भुगतान की निष्पक्ष जांच कराई जाए और जांच पूर्ण होने तक पंचायत खाते को फ्रीज किया जाए, ताकि आगे किसी भी प्रकार के वित्तीय दुरुपयोग को रोका जा सके।



