कृषिक्राइममध्य प्रदेश

1760 कट्टी मूंग चोरी का मामला, जांच दल आया घटना स्थल

कलेक्टर के निर्देश पर पांच सदस्यीय दल ने की बारीकी जांच एवं पूछताछ
बेअर हाउस मालिक भूमिका संदिग्ध
84 लाख रूपये से अधिक मूल्य का अमानत एवं खयानत

सिलवानी। नगर के सर्वोदय वेयरहाउस से करीब 84 लाख रुपए से अधिक मूल्य की मूंग की लगभग 1760 कट्टियां रहस्यमय परिस्थितियों में गायब होने का मामले में कलेक्टर ने संज्ञान लेते हुये जिला स्तर के विभिन्न विभागों के पांच अधिकारियों का जांच दल गठित कर जांच करने के निर्देष दिए थे। जांच दल ने रविवार को सर्वोदय वेयरहाउस पहुंचकर घटना स्थल की जांच की एवं संदिग्ध व्यक्तियों से पूछताछ कर बयान पंजीबद्ध किये। घटना स्थल पर पंचनामा भी बनाया गया। इस पूरे मामले में वेयरहाउस के मालिक एवं चौकीदार, हम्माल, वाहन मालिक, ड्राईवर की भूमिका संदिग्ध होने के साथ ही मध्यप्रदेश वेयरहाउसिंग एंड लॉजिस्टिक्स कॉर्पोरेषन सिलवानी के कर्मचारियों की मिलीभगत उजागर हुई है।
ज्ञातव्य है कि बुधवार को सैंपलिंग के लिए पहुंचे कर्मचारियों और प्रतिनिधियों ने स्टैक क्रमांक-1 एवं स्टैक क्रमांक-बी की जांच की, जहां से मूंग से भरी कुल 1760 कट्टियां गायब मिलीं। प्रारंभिक अनुमान के अनुसार गायब मूंग की कीमत 84 लाख रुपए से अधिक बताई जा रही है। मामले की सूचना तत्काल संबंधित अधिकारियों एवं पुलिस को दी गई थी।
मध्यप्रदेश वेयरहाउसिंग एंड लॉजिस्टिक्स कॉर्पोरेषन सिलवानी के प्रबंधक अवधेश गौर ने बताया कि स्टैक क्रमांक-1 में 880 बोरी तथा स्टैक क्रमांक-बी में भी 880 बोरी मूंग रखी गई थी, इधर, वेयरहाउस में रखी मूंग चोरी को लेकर दोनो पक्ष के एक दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप लगा रहे थे।
घटना में संदिग्ध सीताराम पाल ने बताया कि वेयर हाउस मालिक अर्पित जैन ने हम्मालों एवं वारदात में षामिल अन्य 18 लोगों को 18 मोबाइल दिये थे, जो कि रात्रि 11 बजे से सुबह 6 बजे तक हम लोगों के पास रहते थे। उसके बाद वापिस ले लिए जाते थे। वेयर हाउस से विभिन्न वाहनों द्वारा मूंग की बोरी निकाल कर नींगरी मोड तक ले जाते थे वहां से दूसरे वाहन में लोडिंग कराई जाती थी। यह क्रम कई दिनों तक चलता रहा है।
जांच दल में अपर कलेक्टर मनोज उपाध्याय, उपसंचालक कृषि केपी भगत, एसडीएम अलकासिंह, वेयर हाउस नोडल मैनेजर दिलीप अरगल, वेयर हाउस बरेली मैनेजर अनिल तिवारी शामिल थे।
अपर कलेक्टर मनोज उपाध्याय ने बताया कि कलेक्टर के निर्देष पर पांच सदस्यीय जांच दल ने दोनों को पक्षों को सूचना देकर स्थल निरीक्षण किया गया। जांच में जो भी तथ्य मिले है उनका पंचनामा बनाया गया है, कुछ लोगों के बयान भी लिए गये है। जांच प्र्र्र्र्रगतिरत है। जांच पूर्ण कर कलेक्टर को प्रतिवेदन सौंपा जाएगा।

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