मध्य प्रदेश

5.25 करोड़ के जनपद पंचायत भवन निर्माण पर सवाल, गुणवत्ता जांच की उठी मांग

ग्रामीणों का आरोप कम गहराई की नींव
काली मिट्टी की भराई और घटिया रेत से हो रहा निर्माण
रिपोर्टर : सतीश चौरसिया
उमरियापान।  करीब 5.25 करोड़ रुपये की लागत से निर्माणाधीन नवीन जनपद पंचायत भवन की गुणवत्ता को लेकर स्थानीय ग्रामीणों और जनप्रतिनिधियों ने गंभीर सवाल उठाए हैं । उनका आरोप है कि निर्माण कार्य में तकनीकी मानकों की अनदेखी की जा रही है, जिससे भविष्य में भवन की मजबूती और सुरक्षा प्रभावित हो सकती है ।  उन्होंने पूरे निर्माण कार्य की स्वतंत्र एवं उच्चस्तरीय तकनीकी जांच कराने की मांग की है ।
ग्रामीणों का कहना है कि प्लिंथ बीम बनने के बाद भराई कार्य में लगभग 90 प्रतिशत काली मिट्टी और केवल 10 प्रतिशत मुरम का उपयोग किया जा रहा है ।  जबकि निर्माण मानकों के अनुसार प्लिंथ भराई में मुरम या अन्य उपयुक्त सामग्री की परत-दर-परत भराई कर प्रत्येक परत पर पानी का छिड़काव और मशीन से कंपेक्शन किया जाना चाहिए ।  आरोप है कि यहां जेसीबी से सीधे मिट्टी डालकर भराई की जा रही है ।
नींव और पिलरों की मजबूती पर भी सवाल
स्थानीय लोगों का आरोप है कि भवन के कई पिलरों की फाउंडेशन मात्र तीन फीट गहरी खोदी गई है ।  उनका कहना है कि करोड़ों रुपये की इस सार्वजनिक परियोजना में नींव की गहराई, सरिया, सीमेंट कंक्रीट तथा अन्य निर्माण सामग्री की गुणवत्ता की स्वतंत्र विशेषज्ञ एजेंसी से जांच कराई जानी चाहिए, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि निर्माण कार्य स्वीकृत ड्राइंग और तकनीकी मानकों के अनुरूप हो रहा है या नहीं ।
*घटिया रेत उपयोग करने का आरोप*
निरीक्षण के दौरान समाजसेवी संतोष दुबे ने आरोप लगाया कि निर्माण स्थल पर ऊपर की सतह पर अच्छी गुणवत्ता की महानदी की रेत रखी गई है, जबकि वास्तविक निर्माण में दतला नदी की भसुआ रेत का उपयोग किया जा रहा है ।  उन्होंने प्लिंथ में काली मिट्टी की भराई को भी गंभीर अनियमितता बताते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की ।
*सीईओ बोले—मापदंडों के अनुसार होगी जांच*
जनपद पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी यजुवेंद्र कोरी ने निर्माण स्थल का निरीक्षण किया ।  उन्होंने बताया कि निरीक्षण के दौरान इंजीनियर और ठेकेदार मौके पर उपस्थित नहीं थे ।  निर्माण कार्य का स्वीकृत इस्टीमेट एवं तकनीकी प्रावधानों से मिलान कराया जाएगा।  यदि जांच में कार्य निर्धारित मानकों के अनुरूप नहीं पाया गया तो नियमानुसार जांच कर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी ।  उन्होंने बताया कि इस संबंध में इंजीनियर और एसडीओ से भी चर्चा की गई है।

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