पोस्टमार्टम के लिऐ भटकते है परिजन, बीएमओ नदारद

रिपोर्टर : कमलेश अवधिया
साईखेड़ा : लगभग 18 हजार की आबादी वाले नगर साईखेड़ा में भगवान भरोसे चल रही है। विवेकानंद सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द की सुबिधाओ से आमजन खासे परेशान है. साईखेड़ा को नगर परिषद, तहसील, कालेज, सीएम राईज स्कूल जैसे मूलभूत सुबिधाये लोगों को मिल रही लेकिन स्वास्थ्य सुबिधाओ के लिए नगर वासी और आसपास के ग्रामीण जन बेजा परेशान है। सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र में स्टाप और बिशेषज्ञ डाक्टरो और स्टाप नर्सों की भारी की कमी है. नगर और आसपास के किसी व्यक्ति सडक दुरघटना, बिषैले कीटाणु के काट लेने के बाद मृत्यु हो जाने पर मृतक के परिजन अस्पताल मै डाक्टर न होने से बेजा परेशान होते है एमएलसी के बाद करमचारी परिजन को पोस्टमार्टम के लिऐ गाडरवारा भेज देते है जिससे एम्बुलेंस न होने से परिजन को शव को ले जाने के यहाँ वहा भटकना पडता और मेहगे दामो मै बाहन करना पडता है. विगत दिनों नगर मै सडक दुघटना और सरपदंश से अनेक मौत हुई थी कल ही एक व्यक्ति की सरपदंश मौत होने पर बरसते पानी लाश को गाडरवारा पोस्टमार्टम के लिऐ ले जाना पडा वाहन के अभाव मै भटकते रहे जिससे उनका शासन प्रशासन के प्रति आक्रोश रहा. पूर्व मै नगर की स्वयंसेवी संस्थाओ और नगर वासियो के आह्वावान से सुचारु व्यवस्था संचालित होती थी लेकिन कुछ दिनो से सामुदायिक स्वास्थ केन्द्र के बी एम ओ का अस्पताल न रहने से व्यवस्थाऐ चर मरा गई है इसी प्रकार स्वास्थ केन्द्र की स्वास्थ्य व्यवस्थाऐ भी भागवान भरोसे चल रही डाक्टर के अभाव मरीजों को इलाज के लिए भटकना पडता है बी एम ओ1का साईखेडा से हमेशा नदारद रहना जन चरचा का बिषय बना हुआ है 18 हजार आबादी वाले साईखेड़ा स्वास्थ केन्द्र न महिला चिकत्सक न कोई डाक्टर सिर्फ नरसो के भरोसे अस्पताल चल रही है. एम एल सी आने पर परिजन को गाडरवारा नरसिंगपुर रेफर कर दिया जाता है जनापेक्षा नगर परिषद जैसे साईखेडा को स्वास्थ्य सुबिधाये मुहैया कराई जाऐ जिससे आमजन परेशान न हो सके।



