पत्रकारिता के सफर में एक पड़ाव : अब डॉ. दिनेश चौरसिया

एडिटर : शुभम साहू
सिलवानी- किसी सम्मान की असली अहमियत उसके नाम से नहीं, बल्कि उस यात्रा से तय होती है जो उसके पीछे चिन्ह छोड़ जाती है। सिलवानी के वरिष्ठ पत्रकार दिनेश चौरसिया के लिए मानद डॉक्टरेट की उपाधि उनके लंबे पत्रकारिता जीवन और सामाजिक सरोकारों के सफर में एक नया पड़ाव है।
पत्रकारिता के क्षेत्र में लंबे समय से सक्रिय चौरसिया ने स्थानीय मुद्दों और जनसरोकार से जुड़े विषयों को समाचारों के माध्यम से सामने रखने का काम किया है। प्रिंट के साथ टेलीविजन पत्रकारिता में भी उन्होंने काम किया और ग्रामीण तथा स्थानीय समस्याओं को व्यापक मंच तक पहुंचाने का प्रयास किया।
वर्ष 2011 से वे साप्ताहिक समाचार पत्र ‘मृगांचल एक्सप्रेस’ का नियमित प्रकाशन कर रहे हैं। पत्रकारिता के साथ उन्होंने अपनी पढ़ाई भी जारी रखी और एमए (अर्थशास्त्र), मास्टर ऑफ सोशल वर्क, पीजीडीसीए तथा मास्टर ऑफ जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन जैसी शैक्षणिक योग्यताएं हासिल कीं।
अब उन्हें मानद डॉक्टरेट की उपाधि प्रदान की गई है। इस उपाधि के साथ उनके नाम के आगे ‘डॉ.’ जुड़ गया है, लेकिन पत्रकारिता में उनकी पहचान किसी उपाधि से पहले से बनी हुई है—वह उनके वर्षों के काम से बनी है।
चौरसिया की एक और पहचान सोशल मीडिया में सक्रियता को लेकर है। वे प्रतिदिन सुविचार साझा करते हैं। यह कोई बड़ी उपलब्धि बताने वाली बात नहीं, लेकिन लगातार कुछ सकारात्मक करने की उनकी आदत का उदाहरण जरूर है।
उनके बचपन के मित्र विभोर नायक और डॉ. लक्ष्मीकांत नेमा उन्हें मेहनती और संकल्प के प्रति गंभीर व्यक्ति के रूप में याद करते हैं। उनके अनुसार, दिनेश जिस काम को हाथ में लेते हैं, उसे पूरा करने के लिए लगातार प्रयास करते हैं।
छोटे नगर से निकलकर पत्रकारिता को अपना कार्यक्षेत्र बनाने और वर्षों तक उसमें सक्रिय रहने के बाद मिली यह मानद उपाधि निश्चित रूप से उनके लिए प्रसन्नता का अवसर है। मगर पत्रकार के लिए किसी भी सम्मान से बड़ा प्रमाण उसका काम और पाठकों का विश्वास होता है।
दिनेश चौरसिया को मानद डॉक्टरेट की उपाधि के लिए शुभकामनाएं। उम्मीद है, यह सम्मान उनके पत्रकारिता के सफर में एक पड़ाव बनेगा, मंजिल नहीं।




