1 अप्रैल के स्थान पर 30 सितंबर तक 6 वर्ष की आयु पूर्ण करने वाले बच्चों के प्रवेश कक्षा पहली में होंगे

मध्यप्रदेश शिक्षक संघ की पहल रंग लाईं
ब्यूरो चीफ : भगवत सिंह लोधी
दमोह। राष्ट्रीय शिक्षा नीति में विहित प्रावधान के अनुसार पूर्व प्राथमिक शाला नर्सरी केजी 1 व केजी 2 के लिए बच्चे की आयु क्रमशः 3 वर्ष 4 वर्ष और 5 वर्ष निर्धारित है, वहीं कक्षा पहली के लिए प्रवेश की न्यूनतम आयु 6 वर्ष होना अनिवार्य है। पूर्व के आदेश के तहत बच्चे की आयु 1 अप्रैल को 6 वर्ष पूर्ण होने पर ही कक्षा पहली में प्रवेश की पात्रता हो रही थी, इस कारण शासकीय विद्यालयों में कक्षा 1 ली में प्रवेशित बच्चो की संख्या लगभग नगण्य होने संबंधी समस्या शिक्षको के लिए परेशानी का कारण बनी हुई थी। मध्यप्रदेश शिक्षक संघ की संभागीय बैठकों में लगातार इस विषय को लेकर चर्चाएं हुई। इस समस्या के निराकरण के लिए प्रांतीय अध्यक्ष डॉ क्षत्तवीर सिंह जी राठौर और प्रांतीय महामंत्री राकेश गुप्ता (सागर) ने शासन और प्रशासन स्तर पर सार्थक प्रयास किए। इसके परिणाम स्वरूप उपसचिव, मध्यप्रदेश शासन स्कूल शिक्षा विभाग भोपाल ने एक पत्र जारी कर उम्र के निर्धारण की सीमा को बढ़ाकर प्री प्रायमरी के लिए 31 जुलाई और कक्षा पहली के लिए 30 सितंबर करने का आदेश जारी किया गया है। इस आदेश के आने के बाद शिक्षको को बच्चो के प्रवेश बढ़ाने में बड़ी राहत मिली है। राष्ट्र हित, शिक्षा हित और छात्रहित के बिंदुओं को सर्वोपरि रखकर शिक्षको के हित में कार्य करने वाला मध्यप्रदेश शिक्षक संघ एकमात्र संगठन है। शिक्षक संघ के प्रांतीय अध्यक्ष, महामंत्री सहित प्रांतीय पदाधिकारियों के सार्थक प्रयास से राष्ट्रीय शिक्षा नीति के अनुसरण के साथ शिक्षको की समस्या के समाधान की दिशा में सार्थक परिणाम सामने आया है। मध्यप्रदेश शिक्षक संघ के प्रांतीय उपाध्यक्ष महेंद्र कुमार जैन सहित प्रमेंद्र जैन जिलाध्यक्ष दमोह, पारस जैन संभाग सचिव, एलपी चौरसिया, कमलेश सेन, मनीष भारद्वाज, विपिन चोबे, प्रदीप अग्रवाल, आरबी सिंह, पीके जैन, नीतेश पाठक, प्रदीप तिवारी, कमलेश अहिरवार, राजेंद्र रोहितास, भागचंद जैन, सुरेश श्रीवास्तव, कुंजीलाल पाली, देवीप्रसाद शर्मा आदि ने डॉ श्री क्षत्रवीर सिंह जी राठौर, महामंत्री राकेश गुप्ता एवम सभी पदाधिकारी साथियों का आभार व्यक्त किया है।



