पोते की जलती चिता में कूदकर दादा ने की खुदकुशी
पत्नी की हत्या कर फंदे में झूला था पोता, मौत से सदमे में आया वृद्ध
ब्यूरो चीफ : मनीष श्रीवास
सीधी । जिला मुख्यालय से 40 किमी दूर स्थित बहरी थाना क्षेत्र के सिहोलिया गांव से दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है. यहां एक शख्स के पोते ने अपनी पत्नी की हत्या करने के बाद खुद फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली थी जहां परिवार जनों के द्वारा पुलिसिया कार्यवाही के बाद गांव में ही उन दोनों का अंतिम संस्कार किया गया था. यहां देर शाम मृतक के दादा ने पोते की जलती चिता में कूद कर अपनी जान दे दी. इस पूरे घटनाक्रम को लेकर पुलिस अधिकारी मान रहे हैं कि नाती के प्रेम से दादा वसीभूत होकर अपनी जान दे दी है।
सीधी जिला मुख्यालय से 40 किलोमीटर दूर स्थित बहरी थाना क्षेत्र के सिहोलिया गांव का पूरा मामला है जहां एक यादव परिवार में पारिवारिक अंतर कलह के चलते 2 दिन के भीतर तीन लोगों की मौत हो गई है. इस घटनाक्रम को जिसने देखा और सुना सब हैरान रह गए. जहां एक पति पारिवारिक अंतर कलह के चलते धारदार हथियार से अपनी पत्नी की हत्या कर देता है और उसके ठीक बाद खुद फांसी लगाकर मौत को गले लगा लेता है. इस पूरे घटनाक्रम के गवाह रहे बुजुर्ग दादा भी पोते की जलती हुई चिता में कूद कर अपनी जान दे दी।
65 वर्षीय रामावतार यादव अपने पोते से इस कदर प्यार करता था कि उसकी मौत सहन नहीं कर पाया। दरअसल, पोते अभयराज यादव उम्र 34 साल की शुक्रवार को मौत हुई थी। उसने पारिवारिक विवाद के चलते पहले पत्नी सविता उम्र 34 साल की हत्या की। फिर सनकी ने फंदा लगा खुदकुशी कर ली थी। शुक्रवार की शाम पोते-बहू का अंतिम संस्कार हुआ। इसके बाद रामावतार ने देर रात जलती चिता में कूदकर आत्महत्या कर ली।
दो दिन में घर में तीन मौतों से परिवार सदमे में है। दूसरे पोते अवधेश ने बताया कि बचपन से ही अभयराज से दादा का गहरा लगाव था। छोटे से बड़े हर काम वे उसी से कराते थे। जब घर से भाई और भाभी के शव उठे तो उन्होंने श्मशान जाने से मना कर दिया। कहा- वे यह सब देख नहीं पाएंगे। रात में उन्होंने खाना भी नहीं खाया। सुबह घर पर नहीं मिले। ग्रामीणों ने चिता के पास उनका अधजला शव देखा।
पुलिस के अनुसार, अभयराज नशे का आदी था। पत्नी सविता से इस बात पर आए दिन विवाद होते थे। शुक्रवार को नशे में उसने दादा के सामने ही कुल्हाड़ी से पत्नी की गर्दन अलग कर दी। फिर खुद भी फंदा लगा खुदकुशी की। आंखों के सामने हुई मौतों से वह गहरे सदमे में था।



