मुरवारी पंचायत के उपसरपंच ने कलेक्टर को सौंपा शिकायत पत्र, सरपंच पर लगाए अनियमितताओं के गंभीर आरोप

रिपोर्टर : सतीश चौरसिया
उमरियापान । जनपद पंचायत ढीमरखेड़ा अंतर्गत ग्राम पंचायत मुरवारी में भ्रष्टाचार और अनियमितताओं की लगातार शिकायत पंचायत के उप सरपंच और ग्रामवासियों के द्वारा जिला पंचायत कटनी और जनपद के सीईओ के पास शिकायत की लेकिन आज दिनांक तक सरपंच सचिव पर कार्रवाई नहीं हुई। ग्राम पंचायत मुरवारी के उपसरपंच सुखचैन लोधी ने कलेक्टर एवं जनपद सीईओ को शिकायत पत्र सौंपा है। पत्र में उल्लेख है कि सरपंच अजय लोधी पर शासकीय राशि गबन और मनमानी तरीके से भुगतान के आरोप लगाए हैं।
कलेक्टर को दिए शिकायत पत्र में उपसरपंच ने बताया कि मुरवारी सरपंच सचिव को विकास कार्यों के लिए लगभग 70 लाख रुपये की राशि स्वीकृत की गई थी, जिसमें से लगभग 37 लाख रुपये सीधे सरपंच अजय लोधी के पुत्र निशांत पटेल को भुगतान नियमों के विपरीत है बल्कि म.प्र. पंचायत अधिनियम की धारा 40-A का प्रत्यक्ष उल्लंघन भी है।
मुख्य आरोपों का ब्योरा:
उपसरपंच ने सरपंच अजय लोधी पर लगाए आरोप कई स्तरों पर गंभीर वित्तीय अनियमितताओं की ओर इशारा करते हैं
1 निधियों का दुरुपयोग एवं स्वार्थ संघर्ष– को ग्रामपंचायत के विकास कार्यों के लिए स्वीकृत राशि को निजी स्वार्थ में लगाना ।
2.मजदूरी भुगतान में अनियमितताएं – श्रमिकों की उपस्थिति दर्ज होने के बावजूद उनकी मजदूरी उनके खातों में जमा न कर तीसरे व्यक्ति राजेश कुमार लोधी के खाते में राशि ट्रांसफर करना ।
3 फर्जी एवं डुप्लीकेट बिल– एक ही योजना और एक ही तिथि पर कई विक्रेताओं से सामान आपूर्ति के समान विवरण वाले बिल प्रस्तुत होना । किराये के भुगतान संबंधी बिलों में अवधि और स्पष्टता का अभाव होना। कई बिल कार्बन कॉपी या डुप्लीकेट होना, जिससे फर्जीवाड़े की आशंका बढ़ना है ।
4 जीएसटी में विसंगतियां– विक्रेताओं द्वारा लिए गए टैक्स का सही तरीके से सरकारी खाते में जमा हुआ या नहीं, इसकी कोई स्पष्ट जानकारी उपलब्ध न होना।
5 सरकारी कर्मचारी को अवैध भुगतान– पटवारी देवलाल को 7500 रुपये की राशि सीधे निजी खाते में ट्रांसफर होना, जबकि सरकारी कर्मचारियों को इस तरह का भुगतान नियमविरुद्ध है।
6 निलंबित सचिव की संलिप्तता– अन्य भ्रष्टाचार मामलों में पहले से निलंबित सचिव का इन वित्तीय लेन-देन में शामिल होना ।
शिकायत पत्र में उपसरपंच सुखचैन लोधी ने प्रशासन से स्पष्ट मांग की है कि सरपंच अजय लोधी के वित्तीय अधिकारों को तत्काल प्रभाव से निलंबित किया जाए ।
जनपद अथवा जिला पंचायत की देखरेख में एक स्वतंत्र जांच समिति गठित कर सभी मामलों की जांच कराई जाए ।
यदि आरोप सिद्ध होते हैं तो सरपंच को पद से बर्खास्त कर उनके द्वारा गबन की गई राशि की वसूली की जाए।
फर्जी विक्रेताओं पर कठोर कार्रवाई की जाए और जीएसटी से जुड़ी गड़बड़ियों को संबंधित विभाग को भेजकर जांच कराई जाए।
ग्रामीणों ने बताया कि यदि इस प्रकार की अनियमितताओं पर समय रहते रोक नहीं लगाई गई तो विकास कार्य प्रभावित होंगे और जनता का विश्वास पंचायत व्यवस्था से उठ जाएगा।



