मैहर में अव्यवस्थाओं का मेला, कांग्रेस नेता ने नगर प्रशासन पर उठाए सवाल ?

राम जानकी विवाह उत्सव का आयोजन
ब्यूरो चीफ : मनीष श्रीवास
मैहर । मध्य प्रदेश के मैहर में आगामी 6 दिसंबर 2024 को आयोजित होने वाले विशाल श्री राम-जानकी विवाह उत्सव को लेकर नगर में प्रशासन की तरफ से तैयारियों का अभाव और मुख्य मार्गों की दयनीय स्थिति ने बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। यहां कांग्रेस नेता प्रभात द्विवेदी ने जिला कलेक्टर मैहर को पत्र लिखकर कई कमियां गिनाई है। साथ ही अप्रत्यक्ष रूप से नगर प्रशासन और विपक्ष पार्टी के नेताओं पर गंभीर आरोप लगाए हैं।
मीडिया को जानकारी देते हुए प्रभात द्विवेदी ने बताया है कि नगर के मुख्य मार्ग हर छह महीने में खोदे और फिर बनाए जाते हैं। उन्होंने इस प्रक्रिया को शासकीय धन का दुरुपयोग करार दिया और इसे भ्रष्टाचार का जीता-जागता उदाहरण भी बताया। साथ ही उन्होंने कहा कि इस बार भी धार्मिक आयोजन के करीब होने के बावजूद नगर के मार्ग खुदे पड़े हैं, जिससे देश भर से पधारे साधु संतों, श्रद्धालुओं और स्थानीय नागरिकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ेगा।
शासकीय धन के दुरुपयोग का आरोप ?
लोगो की मौखिक चर्चा में आरोप है कि पिछले कई वर्षों में नगर की सड़कों पर हुए निर्माण कार्य की जांच की जाए तो बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार सामने आएगा। उन्होंने कहा कि बार-बार खुदाई और निर्माण कार्य न केवल शासकीय धन की बर्बादी है, बल्कि इससे आम जनता के समय और संसाधनों को भी हानि हो रही है।
विपक्ष पार्टी के नेताओं पर निशाना ?
प्रभात द्विवेदी ने मौखिक बातचीत मे भाजपा के नेताओं पर निशाना साधते हुए कहा कि नगर प्रशासन और भाजपा के नेता केवल फोटो खिंचवाने और मीडिया में सुर्खियां बटोरने तक सीमित हैं। आम जनता के हित में कोई ठोस कदम उठाने में वे पूरी तरह विफल रहे हैं।
होने वाले धार्मिक आयोजन पर संकट
विशाल धार्मिक आयोजन से पहले नगर की स्थिति सुधारने की मांग करते हुए द्विवेदी ने कहा कि नगर प्रशासन को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा उत्पन्न न हो। उन्होंने इस मामले को लेकर जिला प्रशासन से तत्काल हस्ताक्षेप की मांग की।
क्यों कि जांच की मांग ?
कांग्रेस नेता का पत्र वायरल होने के बाद गलियारों में आम जन के बीच चर्चा है कि यदि पिछले पांच वर्षों में सड़कों पर हुए निर्माण कार्यों की जांच की जाए, तो बड़ा घोटाला उजागर हो सकता है। उन्होंने जिला प्रशासन से इस पर निर्णायक कदम उठाने की अपील की है।
क्या करेगा प्रशासन?
अब देखना यह है कि जिला प्रशासन इस पत्र को कितनी गंभीरता से लेता है। क्या इन आरोपों की जांच की जाएगी, या फिर यह पत्र प्रशासनिक कार्यालयों में दबा दिया जाएगा? नगर के लोग भी इस मामले में नगर प्रशासन और नेताओं से जवाबदेही की उम्मीद कर रहे हैं।



