बिजली कटौती से परेशान किसानों ने जैथारी पावर हाउस के सामने किया चक्काजाम

धान की फसल सूखने की जताई चिंता, 10 घंटे बिजली आपूर्ति की मांग; पांच दिन में मांगें पूरी नहीं होने पर बड़े आंदोलन की चेतावनी
सिलवानी। प्रतापगढ़-जैथरी सर्किल क्षेत्र में लगातार हो रही बिजली कटौती से परेशान किसानों ने शनिवार को जैथरी पावर हाउस का घेराव कर चक्काजाम कर दिया। किसानों ने बिजली विभाग के खिलाफ नारेबाजी करते हुए मुख्य मार्ग पर धरना दिया। तेज धूप और करीब 32 डिग्री तापमान के बीच किसान सड़क पर बैठकर बिजली आपूर्ति नियमित करने की मांग करते रहे।
किसानों का कहना था कि लगातार बिजली कटौती के कारण उनकी धान की फसल प्रभावित हो रही है। कभी लोड सेटिंग, कभी मेंटेनेंस तो कभी ओवरलोड के नाम पर बिजली बंद कर दी जाती है। पर्याप्त बिजली नहीं मिलने से खेतों में खड़ी धान की फसल सूखने की स्थिति में पहुंच रही है। यदि फसल खराब हो गई तो किसानों के सामने अगली फसल की बोवनी करने का संकट भी खड़ा हो सकता है।
*10 घंटे बिजली देने की मांग*
धरना दे रहे किसानों ने बिजली विभाग से प्रतिदिन 10 घंटे बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने की मांग की। किसानों ने कहा कि यदि क्षेत्र में ओवरलोड की समस्या है तो अतिरिक्त पीटीआर मशीन लगाई जाए। साथ ही, किसी एक स्थान पर फॉल्ट होने के कारण पूरे क्षेत्र की बिजली बंद करने के बजाय प्रत्येक फीडर पर एबी स्विच लगाए जाएं, ताकि खराबी वाले हिस्से की बिजली बंद कर बाकी क्षेत्र में आपूर्ति जारी रखी जा सके।
मामले की गंभीरता को देखते हुए मध्यप्रदेश विद्युत वितरण कंपनी के कनिष्ठ अभियंता धर्मेंद्र सिंह ठाकुर धरनास्थल पर पहुंचे। उन्होंने किसानों से चर्चा कर उनकी समस्याएं सुनीं। इस दौरान किसानों ने बिजली कटौती के कारण फसल को हो रहे नुकसान और नियमित आपूर्ति की आवश्यकता से अवगत कराया।
कनिष्ठ अभियंता ने किसानों को आश्वासन दिया कि उन्हें प्रतिदिन 10 घंटे बिजली उपलब्ध कराने का प्रयास किया जाएगा। यदि इस दौरान लोड सेटिंग के कारण आपूर्ति बाधित होती है, तो शेष समय की भरपाई बाद में की जाएगी। उन्होंने बताया कि अतिरिक्त पीटीआर मशीन लगाने के लिए प्रस्ताव वरिष्ठ अधिकारियों को उसी दिन भेजा जाएगा। स्वीकृति मिलने के बाद मशीन लगाई जाएगी। इसके अलावा, तीन दिन के भीतर सभी फीडरों पर एबी स्विच लगवाने का आश्वासन भी दिया गया।
दो घंटे बाद समाप्त हुआ चक्काजाम
विद्युत विभाग के अधिकारी से चर्चा और आश्वासन मिलने के बाद किसानों ने करीब दो घंटे बाद चक्काजाम समाप्त कर दिया। हालांकि, किसानों ने स्पष्ट किया कि यदि पांच दिन के भीतर उनकी मांगों पर कार्रवाई नहीं हुई, तो वे बड़े स्तर पर चक्काजाम कर आंदोलन करेंगे।



