गणपति बप्पा मोरया… अगले बरस तू जल्दी आ, नम आंखों से दी बप्पा को विदाई

ढोल-नगाड़ों की गूंज के बीच निकला भव्य विसर्जन चल समारोह, युवाओं ने दिखाए अखाड़े के हैरतअंगेज करतब
सिलवानी। दस दिवसीय गणेशोत्सव के समापन अवसर पर शुक्रवार को नगर में श्रद्धा, भक्ति और उल्लास का अनूठा संगम देखने को मिला। गणपति बप्पा के विसर्जन के लिए नगर में भव्य चल समारोह निकाला गया। गणपति प्रतिमाओं को श्रद्धालुओं ने नम आंखों से विदाई दी। पूरे नगर में दिनभर “गणपति बप्पा मोरया, अगले बरस तू जल्दी आ” के जयकारे गूंजते रहे।
हिंदू उत्सव समिति के तत्वावधान में निकाले गए विसर्जन चल समारोह में बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए। आकर्षक ढंग से सजाई गई गणेश प्रतिमाओं के साथ श्रद्धालु भक्ति में सराबोर नजर आए। ढोल-नगाड़ों और डीजे की धुन पर युवा एवं श्रद्धालु नृत्य करते हुए आगे बढ़ रहे थे। जगह-जगह लोगों ने गणपति बप्पा की पूजा-अर्चना कर आरती की और सुख-समृद्धि की कामना की।
जयकारों से गूंजा नगर
चल समारोह के दौरान श्रद्धालुओं द्वारा लगातार गणपति बप्पा के जयकारे लगाए जा रहे थे। “गणपति बप्पा मोरया, अगले बरस तू जल्दी आ” के उद्घोष से वातावरण भक्तिमय बना रहा। कई श्रद्धालु भावुक नजर आए। भक्तों ने बप्पा से अगले वर्ष फिर से नगर में पधारने की कामना की और गणपति प्रतिमाओं को विसर्जन स्थल की ओर ले गए।
युवाओं ने दिखाए अखाड़े के करतब
विसर्जन चल समारोह में अखाड़े के युवाओं ने विभिन्न पारंपरिक करतबों का प्रदर्शन कर लोगों का ध्यान आकर्षित किया। युवाओं ने लाठी, तलवार सहित विभिन्न पारंपरिक कला-कौशल का प्रदर्शन किया। उनके करतब देखने के लिए मार्ग के दोनों ओर बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे। युवाओं के प्रदर्शन पर दर्शकों ने तालियां बजाकर उनका उत्साहवर्धन किया।
सुरक्षा के रहे पुख्ता इंतजाम
गणपति विसर्जन को लेकर पुलिस एवं प्रशासन द्वारा विशेष सुरक्षा व्यवस्था की गई थी। नगर के प्रमुख मार्गों, चौराहों और संवेदनशील स्थानों पर पुलिस बल तैनात रहा। चल समारोह के दौरान यातायात व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने के लिए भी पुलिसकर्मी सक्रिय रहे। पुलिस प्रशासन द्वारा पूरे मार्ग पर निगरानी रखी गई, ताकि विसर्जन कार्यक्रम शांतिपूर्ण एवं व्यवस्थित तरीके से संपन्न हो सके।
श्रद्धा के साथ दी विदाई
गणेशोत्सव के दौरान दस दिनों तक नगर में विभिन्न स्थानों पर गणपति बप्पा की पूजा-अर्चना, आरती और धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किए गए। शुक्रवार को देर रात तक विसर्जन के साथ ही उत्सव का समापन हुआ। श्रद्धालुओं ने विधि-विधान से पूजा-अर्चना कर बप्पा को विदाई दी और अगले वर्ष फिर आने की कामना की।
विसर्जन यात्रा के दौरान नगर का माहौल पूरी तरह गणपति भक्ति में रंगा नजर आया। बच्चों से लेकर बुजुर्गों और युवाओं तक सभी उत्साह के साथ समारोह में शामिल हुए। जैसे-जैसे गणपति प्रतिमाएं विसर्जन स्थल की ओर बढ़ीं, वैसे-वैसे “गणपति बप्पा मोरया, अगले बरस तू जल्दी आ” के जयकारे और तेज होते गए। नम आंखों और भक्ति भाव के साथ श्रद्धालुओं ने बप्पा को अंतिम विदाई दी।



