Aaj ka Panchang आज का पंचांग रविवार, 01 जनवरी 2023
आचार्य श्री गोपी राम (ज्योतिषाचार्य) जिला हिसार हरियाणा मो. 9812224501
✦••• जय श्री हरि •••✦
🧾 आज का पंचांग 🧾
रविवार 01 जनवरी 2023
भगवान सूर्य जी का मंत्र : ऊँ घृणि सूर्याय नम: ।।
🚩 01 जनवरी 2023 दिन रविवार को पौष मास के शुक्ल पक्ष कि दशमी तिथि है। आज खीष्ट्रीयनववर्ष “सन 2023” का आरम्भ हो रहा है। उड़ीसा में इस दशमी को साम्ब दशमी के नाम से जाना जाता है। आज उड़ीसा में भगवान सूर्य के पूजन का भी विधान है। आप सभी को साम्ब दशमी एवं भगवान सूर्य के पूजन तथा खीष्ट्रीयनववर्ष “सन 2023” की हार्दिक शुभकामनायें।।
🌠 रविवार को की गई सूर्य पूजा से व्यक्ति को घर-परिवार और समाज में मान-सम्मान की प्राप्ति होती है। रविवार के दिन उगते हुए सूर्य को देव को एक ताबें के लोटे में जल, चावल, लाल फूल और रोली डालकर अर्ध्य करें।
इस दिन आदित्य ह्रदय स्रोत्र का पाठ करें एवं यथा संभव मीठा भोजन करें। सूर्य को आत्मा का कारक माना गया है, सूर्य देव को जल देने से पितृ कृपा भी मिलती है।
रविवार के दिन भैरव जी के दर्शन, आराधना से समस्त भय और संकट दूर होते है, साहस एवं बल की प्राप्ति होती है। रविवार के दिन जी के दर्शन अवश्य करें ।
रविवार के दिन भैरव जी के मन्त्र ” ॐ काल भैरवाय नमः “ या ” ॐ श्री भैरवाय नमः “ की एक माला जाप करने से समस्त संकट, भय दूर होते है, रोगो, अकाल मृत्यु से बचाव होता है, मनवांछित लाभ मिलता है।
🔮 शुभ विक्रम संवत्-2079, शक संवत्-1944, हिजरी सन्-1443, ईस्वी सन्-2022
🌐 संवत्सर नाम-राक्षस
✡️ शक संवत 1944 (शुभकृत् संवत्सर)
☸️ काली सम्वत 5123
☣️ सायन उत्तरायन
🌦️ ऋतु – सौर शिश ऋतु
🌤️ मास – पौष माह
🌗 पक्ष – शुक्ल पक्ष
📆 तिथि – दशमी 22:14 PM बजे तक उपरान्त एकादशी तिथि है।
✏️ तिथि स्वामी – दशमी (दसम) के देवता हैं यमराज। इस तिथि में यम की पूजा करने से नरक और मृत्यु का भय नहीं रहता है। यह सौम्य अर्थात शांत तिथि हैं।
💫 नक्षत्र – अश्विनी 16:20 PM तक उपरान्त भरणी नक्षत्र है।
🪐 नक्षत्र स्वामी – अश्विनी नक्षत्र का स्वामी केतु ग्रह है। – इस नक्षत्र के देवता अश्विनी कुमार है।
📣 योग : शिव – 07:25 ए एम तक, सिद्ध – 06:58 ए एम, जनवरी 02 तक
⚡ प्रथम करण : गर – 07:11 पी एम तक
✨ द्वितीय करण – तैतिल 06:49 AM तक उपरान्त गर 19:49 PM तक उपरान्त वणिज करण है।
🔥 गुलिक काल : (अशुभ) रविवार 03:00 पी एम से 04:18 पी एम
⚜️ दिशाशूल – रविवार को पश्चिम दिशा की यात्रा नहीं करनी चाहिये, यदि अत्यावश्यक हो तो पान एवं घी खाकर यात्रा कर सकते है।
🤖 राहुकाल (अशुभ) – रविवार सायं 16:30 बजे से 18:00 बजे तक राहु काल में कोई भी शुभ कार्य नहीं करना चाहिए |
🌞 सूर्योदय – प्रातः 06:46:38
🌅 सूर्यास्त – सायं 17:14:32
👸🏻 ब्रह्म मुहूर्त : 05:25 ए एम से 06:19 ए एम
🌇 प्रातः सन्ध्या : 05:52 ए एम से 07:14 ए एम
🌟 अभिजित मुहूर्त : 12:04 पी एम से 12:45 पी एम
✡️ विजय मुहूर्त : 02:08 पी एम से 02:50 पी एम
🐃 गोधूलि मुहूर्त : 05:33 पी एम से 06:00 पी एम
🎆 सायाह्न सन्ध्या : 05:35 पी एम से 06:57 पी एम
⭐ सर्वार्थ सिद्धि योग : 07:14 ए एम से 12:48 पी एम
🗣️ निशिता मुहूर्त : 11:57 पी एम से 12:52 ए एम, जनवरी 02
❄️ रवि योग : पूरे दिन
🔱 शिव योग – आज सुबह 7 बजकर 24 मिनट तक
🚓 यात्रा शकुन-इलायची खाकर यात्रा प्रारंभ करें।
👉🏼 आज का मंत्र-ॐ घृणि: सूर्याय नम:।
🤷🏻♀️ आज का उपाय-विष्णु मंदिर में गुड़ की मिठाई भेंट करें।
🪵 वनस्पति तंत्र उपाय-बेल के वृक्ष में जल चढ़ाएं।
⚛️ पर्व एवं त्यौहार – सर्वार्थसिद्धि योग/ श्री ओम प्रकाश चौटाला – (मुख्यमंत्री भारतीय राजनीतिज्ञ हरियाणा) जन्मोत्सव, राजेन्द्र सिंहजी जडेजा – (भारतीय थल सेना) शहीद दिवस, राबड़ी देवी – श्री लालू प्रसाद यादव की पत्नी जन्म दिवस, महादेव देसाई – (भारत के प्रसिद्ध क्रांतिकारी) जन्म दिवस, अभिनेता जैकी श्रॉफ जन्म दिवस, सत्येन्द्र नाथ बसु वैज्ञानिक जन्म दिवस, अभिनेता- नाना पाटेकर, जन्म दिवस, अभिनेत्री सोनाली बेंद्रे जन्म दिवस, ग़ुलाम मोहम्मद सादिक़ पुण्य तिथि, आर्मी मेडिकल कोर स्थापना दिवस, राष्ट्रीय विज्ञान कांग्रेस स्थापना दिवस, वैश्विक परिवार दिवस, मूल समाप्त
✍🏽 विशेष – दशमी तिथि को कलम्बी एवं परवल का सेवन वर्जित है। दशमी तिथि धर्मिणी और धनदायक तिथि मानी जाती है। यह दशमी तिथि पूर्णा नाम से विख्यात मानी जाती है। यह दशमी तिथि कृष्ण पक्ष में मध्यम फलदायिनी मानी जाती है। दशमी को धन देनेवाली अर्थात ढंदायक तिथि माना जाता है। इस दिन आप धन प्राप्ति हेतु उद्योग करते हैं तो सफलता कि उम्मीदें बढ़ जाती हैं। यह दशमी तिथि धर्म प्रदान करने वाली तिथि भी माना जाता है। अर्थात इस दिन धर्म से संबन्धित कोई बड़े अनुष्ठान वगैरह करने-करवाने से सिद्धि अवश्य मिलती है। इस दशमी तिथि में वाहन खरीदना उत्तम माना जाता है। इस दशमी तिथि को सरकारी कार्यालयों से सम्बन्धित कार्यों को आरम्भ करने के लिये भी अत्यंत शुभ माना जाता है।
🌷 Vastu tips 🌸
इस दिशा में करवाएं होटल का निर्माण
वास्तु शास्त्र के अनुसार होटल निर्माण के लिए आयताकार या फिर वर्ग के आकार की भूमि का चुनाव करना सबसे अच्छा रहता है। होटल का निर्माण इस तरह से किया जाना चाहिए कि इसकी ऊंचाई उत्तर-पूर्व दिशा से दक्षिण-पश्चिम दिशा की तरफ थोड़ी अधिक होनी चाहिए।
प्रवेश द्वार हो ऐसा वास्तु के अनुसार, रेस्टोरेंट या होटल का प्रवेश द्वार पश्चिम दिशा में होना चाहिए। इसके साथ ही प्रवेश द्वार हमेशा साफ-सुथरा और आकर्षक रखना क्योंकि चाहे अतिथि हो या सफलता, सब कुछ मुख्य द्वार के जरिए ही ही आता है। आप चाहें तो प्रवेश द्वार पर फूलों के गुलदस्ते रख सकते हैं। ये सकारात्मक ऊर्जा को आकर्षित करते हैं।
इस दिशा में रखें कैश काउंटर वास्तु कहता है कि रिसेप्शन या कैश काउंटर पश्चिम दिशा में होना चाहिए। साथ ही उस पर बैठनेवाले व्यक्ति की दिशा ऐसी होनी चाहिए कि उसका मुख वायव्य कोण की ओर हो।
🗝️ जीवनोपयोगी कुंजियां ⚜️
जब चोट लग जाए – यदि किसी कारण से शरीर के बाहरी या अंदरूनी हिस्से में चोट लग जाए, तो हल्दी वाला दूध उसे जल्द से जल्द ठीक करने में बेहद लाभदायक है। क्योंकि यह अपने एंटी बैक्टीरियल और एंटीसेप्टिक गुणों के कारण बैक्टीरिया को पनपने नहीं देता।
शारीरिक दर्द – शरीर के दर्द में हल्दी वाला दूध आराम देता है। हाथ पैर व शरीर के अन्य भागों में दर्द की शिकायत होने पर रात को सोने से पहले हल्दी वाले दूध का सेवन करें।
_त्वचा हो साफ और खूबसूरत – दूध पीने से त्वचा में प्राकृतिक चमक पैदा होती है, और दूध के साथ हल्दी का सेवन, एंटीसेप्टिक व एंटी बैक्टीरियल होने के कारण त्वचा की समस्याओं जैसे – इंफेक्शन, खुजली, मुंहासे आदि के बैक्टीरिया को धीरे-धीरे खत्म कर देता है। इससे आपकी त्वचा साफ और स्वस्थ और चमकदार दिखाई देती है।
सर्दी होने पर – सर्दी, जुकाम या कफ होने पर हल्दी वाले दूध का सेवन अत्यधिक लाभकारी साबित होता है। इससे सर्दी, जुकाम तो ठीक होता ही है, साथ ही गर्म दूध के सेवन से फेफड़ों में जमा हुआ कफ भी निकल जाता है। सर्दी के मौसम में इसका सेवन आपको स्वस्थ बनाए रखने में मदद करता है।
💉 आरोग्य संजीवनी 🩸
दांत दर्द के लिए घरेलू इलाज
दांत के दर्द के कारण हमेशा परेशान रहता है। यह भी संभव नहीं है कि बार-बार होने वाले दांत दर्द के इलाज के लिए रोगी अपना काम-धंधा छोड़कर डॉक्टर के पास चला जाए। इसलिए घरेलू उपचार की जरूरत पड़ती है। अगर आप भी परेशान हैं, तो दांत दर्द के लिए घरेलू उपाय आजमा सकते हैं।
दांत में दर्द होना वैसे तो एक आम समस्या है, लेकिन ये बेहद असहनीय होता है। दांत दर्द की वजह से कई बार चेहरे पर सूजन भी आ जाती है। यहां तक कि सिर में दर्द भी हो सकता है। दांत का दर्द किसी भी उम्र में हो सकता है।
📖 गुरु भक्ति योग🕯️
आचार्य श्री गोपी राम अपने शास्त्र में मनुष्य के कल्याण और लाभ की कई महत्वपूर्ण बातों का जिक्र किया गया है अगर आप जीवन में सफलता पाना चाहते हैं तो द्वारा बताई गई कुछ बातों को हमेशा ध्यान रखें.हमारे के अनुसार अगर आप खुशहाल जीवन जीना चाहते हैं तो जीवन से जुड़ी 3 बातें कभी किसी के साथ शेयर नहीं करनी चाहिए.
दांपत्य जीवन की बातें न करें शेयर हमारी नीति के मुताबिक अगर आप खुशहाल जीवन जीना चाहते हैं तो गलती से भी अपने दांपत्य जीवन से जुड़ी नीति बातें किसी के साथ शेयर न करें. पति-पत्नी का रिश्ता बेहद ही नाजुक और विश्वसनीय होता है. इस रिश्ते को अपने तक ही सीमित रखना चाहिए. क्योंकि पति-पत्नी के बीच की यदि किसी तीसरे तल चली जाए तो वह इसका गलत इस्तेमाल कर सकता है
किसी को न बताएं आर्थिक कंडीशन आचार्य श्री गोपी राम के अनुसार मनुष्य को कभी अपनी आर्थिक स्थिति के बारे में नहीं बताना चाहिए और न ही धन से जुड़ी किसी बात के बारे में चर्चा करनी चाहिए. कहते हैं कि धन अच्छे से अच्छे रिश्ते में भी खटास पैदा कर सकता है. इसलिए आपके पास कितना धन है या आप कर्ज में है, ऐसी कोई भी बात अपने नजदीकी व्यक्ति के साथ शेयर न करें. इसकी वजह से परिवार व दोस्तों के बीच खटास आ सकती है
धोखाधड़ी की बात छिपाना है जरूरी नीति के अनुसार व्यक्ति को अपने साथ हुआ किसी भी प्रकार का धोखा किसी के साथ शेयर नहीं करना चाहिए. धोखाधड़ी से जुड़ी बातें अगर किसी को पता चल जाए तो आप हंसी के पात्र बन सकते हैं. इस वजह से आपकी काबिलियत पर भी सवाल उठ सकते हैं. लोग समझते हैं कि जिस व्यक्ति के साथ धोखा हुआ है वह मंद बुद्धि है
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⚜️ दशमी तिथि के देवता यमराज जी बताये जाते हैं। यमराज दक्षिण दिशा के स्वामी माने जाते हैं। इस दशमी तिथि में यमराज के पूजन करने से जीव अपने समस्त पापों से छुट जाता है। पूजन के उपरान्त क्षमा याचना (प्रार्थना) से जीव नरक कि यातना एवं जीवन के सभी संकटों से मुक्त हो जाता है। इस दशमी तिथि को यम के निमित्ति घर के बाहर दीपदान करना चाहिये, इससे अकाल मृत्यु के योग भी टल जाते हैं।
दशमी तिथि को जिस व्यक्ति का जन्म होता है, वो लोग देशभक्ति तथा परोपकार के मामले में बड़े तत्पर एवं श्रेष्ठ होते हैं। देश एवं दूसरों के हितों के लिए ये सर्वस्व न्यौछावर करने को भी तत्पर रहते हैं। इस तिथि में जन्म लेनेवाले जातक धर्म-अधर्म के बीच के अन्तर को अच्छी तरह समझते हैं और हमेशा धर्म पर चलने वाले होते हैं।


