मध्य प्रदेश

बालाघाट हॉक फोर्स की टुकड़ी का नेतृत्व करते हुए हार्डकोर 14 -14 लाख के इनामी नक्सलियों को किया ढेर

विजयराघौगढ़ एसडीओपी और पूर्व स्लीमनाबाद एसडीओपी ने रचा इतिहास
हॉक फोर्स के इतिहास में सबसे बड़ी कार्यवाही

रिपोर्टर : सतीश चौरसिया
उमरियापान। कटनी जिले के विजयराघवगढ़ में पदस्थ रहे एसडीओपी केपी सिंह ने अपनी कार्यशैली के लिए कटनी में अलग पहचान बनाई थी। पूर्व एसडीओपी स्लीमनाबाद अखिलेश गौर ने अपनी कार्यशैली को लेकर हमेशा ही चर्चा में बने रहते थे। वर्तमान में एसडीओपी केपी सिंह एवं एसडीओपी अखिलेश गौर बालाघाट में हॉक फॉर्स में अपनी सेवाएं दे रहे है। अदम्य साहस एवं नेतृत्व क्षमता का परिचय देते हुए पूर्व विजयराघौगढ़ एसडीओपी केपी सिंह और एसडीओपी अखिलेश गौर ने हॉक फोर्स की टुकड़ी का नेतृत्व करते हुए वह कर दिखाया जिसकी किसी ने कल्पना भी नहीं की थी। उन्होंने जंगल में सर्चिंग अभियान चलाते हुए हार्डकोर नक्सलियों को मार गिराया। मारे गए तीन महिला एवं एक पुरुष नक्सली पर 14-14 लाख का इनाम घोषित था।  आपको बता दे की पूर्व विजयराघवगढ़ एसडीओपी केपी सिंह जिस टुकड़ी का नेतृत्व कर रहे थे उस टुकड़ी ने चार में से तीन नक्सलियों को ढेर किया, जबकि एक नक्सली को पूर्व स्लीमनाबाद एसडीओपी अखिलेश गौर की टुकड़ी ने मार गिराने में सफलता प्राप्त की ।  यह कार्यवाही हॉक फोर्स की सबसे बड़ी कार्यवाही बताई जा रही है इस कार्यवाही में केपी सिंह एवं अखिलेश गौर की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण रही है।
*यह हुई कार्रवाई*
मध्यप्रदेश पुलिस को नक्सल विरोधी अभियान में एक और बडी सफलता मिली। मुठभेड़ में 56 लाख के ईनामी 4 दुर्दात नक्सली को हॉक फॉर्स ने ढेर कर दिया है।
केन्द्र एवं मध्यप्रदेश शासन द्वारा मार्च 2026 तक भारत को वामपंथी अतिवाद की समस्या से मुक्त कराने के उद्देश्य से अपनाई गयी बहुआयामी रणनीति के अंतर्गत मध्यप्रदेश पुलिस ने 14 जून 2025 को बालाघाट जिले में बड़ी मुठभेड़ में माओवादियों के एम.एम.सी. जोन ( मध्यप्रदेश महाराष्ट्र छत्तीसगढ़ ) के 56 लाख के ईनामी जी.आर.बी. डिवीजन के 1 पुरुष तथा 3 हार्डकोर महिला नक्सलियों को मार गिराया है। थाना रुपझर, चौकी सोनेवानी अन्तर्गत पचामादादर-कटेझिरिया जंगल क्षेत्र में जी.आर.बी. डिवीजन के नक्सलियों के एक समूह की उपस्थिति की सूचना के आधार पर हॉक फोर्स, जिला पुलिस, कोबरा फोर्स व सीआरपीएफ बल द्वारा 13 एवं 14 जून की मध्य रात्रि से लगातार पचामादादर- कटेझिरिया जंगल क्षेत्र में सर्चिग ऑपरेशन चलाया गया। नक्सलियों द्वारा उक्त सर्चिग आपरेशन के दौरान सुरक्षा बलों को हताहत करने एवं उनके हथियार लूटने की नियत से पुलिस बलों पर अंधाधुंध फायरिंग की गई। सुरक्षा बलों के द्वारा अपनी जान की परवाह न करते हुये अदम्य साहस का परिचय देते हुये नियंत्रित जवाबी फायरिंग की गई। इस कार्यवाही में 4 हार्डकोर माओवादियों को मार गिराने में सफलता प्राप्त हुई।
*अन्य भी हुए घायल*
मुठभेड़ के दौरान अन्य नक्सली भी घायल हुए हैं, उनकी तलाश हेतु सीआरपीएफ, हॉक फोर्स, कोबरा फोर्स व जिला पुलिस बल के द्वारा क्षेत्र में बड़े स्तर पर सघन सर्चिग अभियान चलाया जा रहा है।  यहां विशेष रुप से उल्लेखनीय है कि मध्यप्रदेश में वर्ष 2025 में दिनांक 14 जून 2025 तक 10 हार्डकोर माओवादियों को मुठभेड़ में ढेर किया गया है, जो पिछले वर्षों की तुलना में सर्वाधिक माओवादियों को ढेर किये जाने की संख्या है।   इससे पूर्व वर्ष 2022 में एक वर्ष में सर्वाधिक 6 नक्सलियों को ढेर किया गया था। म.प्र. पुलिस मार्च 2026 तक नक्सलवाद के उन्मूलन हेतु प्रतिबद्ध है।  नक्सलियों को स्पष्ट संदेश भी है कि वे हिंसा का रास्ता छोड़ आत्मसमर्पण कर सम्मानपूर्वक आम जीवन व्यतीत करें। मुठभेड़ में मारे गए चारों नक्सलियो के विरुद्ध म.प्र. मे कुल 102 अपराध दर्ज है।
यह किया गया जप्त
मारे गए नक्सलियों से ग्रेनेड लान्चर- 1, SLR रायफल मय मैग्जीन कारतूस-1, 315 रायफल मय कारतूस-2, एक अन्य रायफल एवं विस्फोटक सामग्री में जिंदा हेण्ड ग्रेनेड 1, डेटोनेटर, डेटोनेटर वायर, आई.ई.डी. निर्माण सामग्री जब्त की गई। इनके पास से वॉकी-टॉकी सेट व अन्य संचार के उपकरण भी मिले। साथ ही 10 नग पिट्टू बैग, 10 नग बिंडोरी पाउच, नक्सल साहित्य, दैनिक उपयोग की सामग्री, टेंट इत्यादि भी मौजूद था।

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