तेजगढ़ में झोलाछाप डॉक्टरों के खिलाफ स्वास्थ्य विभाग की जांच, कई क्लीनिक बंद मिलीं वैध डिग्री और पंजीयन की जांच

जन स्वास्थ्य रक्षक का प्रमाण पत्र मिलने पर क्लीनिक बंद करने के निर्देश
ब्यूरो चीफ : भगवत सिंह लोधी
तेन्दूखेड़ा/दमोह। जिले के ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों में अनाधिकृत (झोलाछाप) चिकित्सकों पर अंकुश लगाने के लिए स्वास्थ्य विभाग द्वारा जांच अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में 15 अक्टूबर 2026 को तेन्दूखेड़ा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र की टीम ने तेजगढ़ सेक्टर में संचालित क्लीनिकों का निरीक्षण किया। इस दौरान कुछ क्लीनिकों में चिकित्सकों के पंजीयन एवं डिग्री की जांच की गई, जबकि कई क्लीनिक बंद मिलीं। एक क्लीनिक संचालक के पास जन स्वास्थ्य रक्षक का प्रमाण पत्र मिलने पर अधिकारियों ने उसे समझाइश देते हुए क्लीनिक तत्काल बंद करने के निर्देश दिए।
मुख्य खंड चिकित्सा अधिकारी, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र तेन्दूखेड़ा द्वारा मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी, दमोह को भेजे गए जांच प्रतिवेदन के अनुसार, यह कार्रवाई जिले में अनाधिकृत चिकित्सकों पर नियंत्रण लगाने और क्लीनिकों की वैधता की जांच करने के उद्देश्य से की गई।
इन क्लीनिकों की हुई जांच
जांच प्रतिवेदन के अनुसार, जबलपुर रोड स्थित ईशान क्लीनिक में डॉ. महेन्द्र जैन तथा सोनी क्लीनिक में डॉ. शिवम सोनी के पंजीयन एवं डिग्री सही पाए गए। इसी प्रकार तेजगढ़ बस स्टैंड के पास स्थित डॉ. नरेन्द्र नामदेव के यहां भी वैध पंजीयन एवं डिग्री पाई गई।
वहीं साहू मोहल्ले में प्राथमिक स्वास्थ्य उपचार केंद्र के पास क्लीनिक संचालित करने वाले खुमान सिंह लोधी के पास जन स्वास्थ्य रक्षक का प्रमाण पत्र मिला। इस पर निरीक्षण दल ने उन्हें समझाइश देते हुए क्लीनिक तत्काल बंद करने के निर्देश दिए।
कई क्लीनिक और मकान मिले बंद
निरीक्षण के दौरान साहू मोहल्ला निवासी नीलेश साहू की क्लीनिक, सरस्वती शिशु मंदिर रोड स्थित पीके विश्वास की क्लीनिक, पतलौनी तिगड़ा में आजाद खान की क्लीनिक, पुलिस थाने के पीछे हलीम खान का मकान तथा चांदसी दवाखाना बंद पाए गए।
जांच प्रतिवेदन में बताया गया है कि बंद मिली सभी क्लीनिकों के संचालकों को नोटिस जारी किए गए हैं। उन्हें अपना पंजीयन प्रमाण पत्र एवं शैक्षणिक डिग्री मुख्य खंड चिकित्सा अधिकारी कार्यालय, तेन्दूखेड़ा में उपस्थित होकर प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं।
जांच दल में ये अधिकारी रहे शामिल
क्लीनिकों के निरीक्षण के लिए गठित टीम में नायब तहसीलदार चंद्रशेखर शिल्पी, बीएमओ डॉ. अशोक कुमार बरोनिया, पटवारी चन्द्रमोहन शर्मा, प्रभारी बीईई इन्द्रपाल विश्वकर्मा, फार्मासिस्ट दिनेश अवस्थी, प्रधान आरक्षक सचिन नामदेव एवं राकेश पाठक शामिल रहे।
स्वास्थ्य विभाग की इस कार्रवाई से क्षेत्र में क्लीनिक संचालित करने वाले लोगों के पंजीयन और शैक्षणिक योग्यता की जांच का मामला सामने आया है। अब बंद मिली क्लीनिकों के संचालकों द्वारा आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत किए जाने के बाद आगे की कार्रवाई की स्थिति स्पष्ट होगी।



