उपसरपंच विराट पाण्डेय की पहल से मिली मासूम मयंक को पुनः रोशनी

राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम (rbsk) योजना कटनी की टीम का सराहनीय योगदान
रिपोर्टर : सतीश चौरसिया
उमरियापान । ढीमरखेड़ा जनपद के अंतर्गत ग्राम बिछिया निवासी राहुल चौधरी का 4 वर्षीय पुत्र मयंक चौधरी जो कि आंगनवाड़ी का छात्र है, पिछले कुछ सालों से नेत्र रोग से पीड़ित था,जिसके परिणाम स्वरूप उसकी आंखों की रोशनी दिन प्रतिदिन कम होती जा रही थी और लगभग दिखना बंद हो गया था । जिसकी जानकारी rbsk टीम की डॉक्टर इशरत जहां ने उस बच्चे की लगातार जांच कर रही थी। ग्राम के उपसरपंच विराट पाण्डेय को दी और बताया कि उनके माता पिता से कई बार अस्पताल लाने का अनुरोध किया लेकिन लापरवाही के चलते नहीं ला रहे, इसके बाद उपसरपंच द्वारा उस बच्चे के अभिभावकों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र उमरियापान लेकर गए और नेत्र परीक्षण कराया जिसमें डॉक्टरों ने बताया कि समय पर इलाज मिलने से मासूम बच्चे की आंखों की रोशनी को बचाया जा सकता है,जिस पर संज्ञान लेते हुए बीएम ओ बी के प्रसाद ने तत्काल rbsk योजना की टीम को निर्देशित करते हुए परीक्षण के लिए कटनी भेजा, वहां rbsk मैनेजर संदीप झारिया, डॉक्टर इशरत जहां ने सराहनीय कार्य करते हुए मयंक की समस्त जांचे की और बिना देरी किए प्रकरण तैयार कर ऑपरेशन हेतु जबलपुर स्थित देवजी नेत्र अस्पताल भेजा,जहां डॉक्टर पवन स्थापक द्वारा बच्चे की आंख का सफल ऑपरेशन कर आंखों की रोशनी बचाई ।
उपसरपंच विराट पाण्डेय और ग्रामीणों द्वारा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र उमरियापान के बीएम ओ डॉक्टर बी के प्रसाद, डॉक्टर इशरत जहां, सोनेलाल चक्रवर्ती और rbsk टीम को धन्यवाद दिया ,और लोगों से अपील की है कि ऐसे निर्धन परिवार के बच्चों जो कि नेत्र रोग से पीड़ित है उन्हें चिन्हित कर शासकीय अस्पताल भेजने के लिए प्रेरित किया और सरकार की लाभदायक योजनाओं से जोड़ने का प्रयास करे ताकि क्षेत्र के गरीब बच्चों का भविष्य सुरक्षित हो सके । बीएम ओ बी के प्रसाद ने क्षेत्र की जनता से अपील की है कि झोला छाप डॉक्टर से सावधान रहे हो किसी भी प्रकार की बीमारियों का परीक्षण सरकारी अस्पताल में ही कराए,ताकि सही समय में स्स्वास्थ्य लाभ मिल सके ।



