धार्मिक

ब्रह्माकुमारी सेवा केंद्र पर धूमधाम के साथ मनाया गया जन्माष्टमी का त्यौहार

रिपोर्टर : कमलेश अवधिया
गाडरवारा । प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय गाडरवारा सेवा केंद्र पर आदरणीय उर्मिला दीदी जी के सानिध्य में मनाया गया जन्माष्टमी का त्यौहार भारत में श्री कृष्ण का जन्मोत्सव जन्माष्टमी के नाम से बहुत ही धूमधाम से मनाया जाता है कृष्ण नाम लेते हैं हमारी आंखों के सामने होठों पर मुरली धारण किए हुए मोर मुकुट धारी गौर वर्ण आकर्षण मूर्त की छवि सामने आ जाती है क्योंकि कृष्ण को कहा ही जाता मुरली मनोहर उनका व्यक्तित्व ही मन को हरने वाला है श्री कृष्ण की विशेषताओं के कारण ही उनके एक क्षण के दर्शन के लिए भी भक्तों के नयन तरसते हैं ऐसे श्री कृष्ण जी के जन्मोत्सव को बड़े ही धूमधाम के साथ मनाया गया जिसमें आदरणीय उर्मिला दीदी जी ने जन्माष्टमी का आध्यात्मिक रहस्य बताते हुए कहा की श्री कृष्ण की बहुत सारे चित्र ऐसे हैं जिसमें श्री कृष्ण को पीपल के पत्ते पर दिखाया गया वास्तव में इस चित्र का भाव यही है कि श्री कृष्ण ने सतयुग के आरंभ में जन्म लिया था हम सभी यह जानते हैं कि संसार को सागर भी कहा जाता है इस संसार रूपी सागर में मनुष्य सृष्टि मानव पीपल के वृक्ष के समान होती है, इस कथन का भाव यही होता है कि श्री कृष्ण सतयुग के आदिकाल में हुए थे
उसके पश्चात बहुत सुंदर बाल कलाकारों के द्वारा श्री कृष्ण की विशेषताओं को दर्शाते हुए सुंदर नृत्य नाटिका प्रस्तुत की गई सभी ने मिलकर श्री कृष्ण जन्मोत्सव पर नृत्य भी किया। बच्चों के द्वारा मटकी भी फोड़ी गई बाल कलाकारों को आदरणीय उर्मिला दीदी जी के द्वारा गिफ्ट भी दी गई।

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