बदहाल पडे़ टैंकर, इंजनों का भी अभाव, पेयजल और आग बुझाने में होगी परेशानी
गर्मी के मौसम से पहले टैंकरों को दुरूस्त कर उपयोगी बनाने की आवश्यकता
सिलवानी। ग्राम पंचायतों में जलसंकट व अन्य शासकीय व सामाजिक कार्यों के दौरान गांवों में जल वितरण के लिए टैंकर उपलब्ध कराए हैं। लेकिन उन पर इंजन की व्यवस्था नहीं की है। वहीं अधिकांश टैंकर बदहाल स्थिति में पडे़ हुए हैं। ग्राम पंचायतों के पास टैंकर तो हैं लेकिन इंजन नहीं होने के कारण आगजनी के दौरान बाल्टी डालकर पानी निकालना पड़ता है। ग्रीष्मकाल में आगजनी और जलसंकट जैसी समस्याएं बढ़ जाती हैं, लेकिन इन दोनों से निपटने के लिए ग्राम पंचायतों के पास व्यवस्था तो है, लेकिन समुचित संसाधनों के अभाव में यह कारगर साबित नहीं हो रही हैं। प्रतिवर्ष खेतों में सूखी फसल में आगजनी की घटनाएं की बड़ी संख्या होती हैं। जिसमें ग्रामीण क्षेत्रों का आंकड़ा अधिक होता है। लेकिन इसकी रोकथाम के लिए जिससे आग पर काबू पाया जाना संभव नहीं है। ग्रीष्मकाल के पूर्व टैंकरों को सुचारू किया जाना आवष्यक हो गया है। लेकिन इसके लिए पंचायतों ने फिलहाल कोई सुध नहीं ली है।
बिना इंजन लगे टैंकरों का किया जा रहा संचालन
ग्राम पंचायतों को जनपद पंचायत की विभिन्न योजना सहित विधायक व सांसद निधि के टैंकर उपलब्ध कराए हैं। जिनका उपयोग जल वितरण व्यवस्था के साथ आगजनी की घटना होने पर पानी के छिड़काव के लिए भी किया जाना है। साथ ही जल वितरण व्यवस्था भी बनाई जानी है। लेकिन जनपद पंचायत अंतर्गत पंचायतों को प्रदान किए गए एक भी टैंकर पर इंजन की व्यवस्था नहीं है। ऐसे में आगजनी के दौरान छिड़काव करने में कई परेषानी खड़ी होती हैं। टैंकर को भरकर लाने एवं उसके बाद उससे छिड़काव में काफी समय लग जाएगा। तब तक आग फैल जाएगी। इंजन होने की स्थिति में टैंकर से सीधे छिड़काव कर आग पर शीघ्र काबू पाया जा सकता है।



