हमालों की हड़ताल से मंडी व्यवस्था प्रभावित, बैठक में नहीं निकला समाधान

बुधवार को भी बंद रहेगी मंडी, किसानों की बढ़ी परेशानी
सिलवानी। स्थानीय कृषि उपज मंडी में हमालों एवं तुलावटियों की विभिन्न मांगों को लेकर चल रही हड़ताल मंगलवार को पूरे दिन जारी रही। हड़ताल के कारण मंडी में अनाज की तुलाई तथा खरीद-बिक्री का कार्य बुरी तरह प्रभावित हुआ। इससे बड़ी संख्या में अपनी उपज लेकर मंडी पहुंचे किसानों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा।
हमालों ने बताया कि हड़ताल शुरू करने से पूर्व उन्होंने अपनी मांगों को लेकर मंडी प्रशासन को ज्ञापन सौंपा था, लेकिन उनकी समस्याओं पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। इसी के विरोध में सोमवार को कुछ समय के लिए और मंगलवार को पूरे दिन कार्य बंद रखकर प्रदर्शन किया गया।
तुलाई के लिए पर्याप्त जगह नहीं
हड़ताल कर रहे हमालों में पप्पू, शाहरुख, अजय सहित अन्य मजदूरों ने बताया कि मंडी परिसर में बने टीन शेडों के अंदर व्यापारियों द्वारा बड़ी मात्रा में अनाज का भंडारण किया जा रहा है। इसके कारण किसानों की उपज की तुलाई के लिए पर्याप्त स्थान उपलब्ध नहीं हो पा रहा है। उनका कहना है कि जब तुलाई के लिए पर्याप्त जगह नहीं होगी तो किसानों की उपज का सुचारू एवं व्यवस्थित ढंग से तौल कार्य संभव नहीं है।
नियम अनुसार 50 किलोग्राम की भरती से तुलाई की मांग
हमालों ने मांग की है कि पूर्व में लागू नियमों के अनुसार सभी जिंसों की तुलाई 50 किलोग्राम की भरती के आधार पर कराई जाए और इसका सख्ती से पालन सुनिश्चित किया जाए। इसके अलावा मंडी परिसर में तुलाई व्यवस्था के लिए पर्याप्त स्थान उपलब्ध कराने की भी मांग की गई है।
हम्माली दर को लेकर भी नाराजगी
हमालों का आरोप है कि अनाज व्यापारी किसानों से प्रति क्विंटल लगभग 10 रुपये हम्माली शुल्क लेते हैं, जबकि हमालों को मात्र 6 से 7 रुपये ही दिए जाते हैं। उन्होंने मांग की कि किसानों से जितनी राशि हम्माली के नाम पर ली जाती है, उसी अनुपात में मजदूरों को भुगतान सुनिश्चित किया जाए।
प्रशासन, व्यापारी और हमालों की बैठक बेनतीजा
मामले के समाधान के लिए मंगलवार को एसडीएम, मंडी प्रबंधन, अनाज व्यापारियों और हमालों की संयुक्त बैठक मंडी के मीटिंग हॉल में आयोजित की गई। बैठक में विभिन्न मुद्दों पर चर्चा हुई, लेकिन किसी भी मांग पर सर्वसम्मति नहीं बन सकी। परिणामस्वरूप कोई ठोस निष्कर्ष नहीं निकल पाया।
बैठक के बाद हमालों ने घोषणा की कि उनकी मांगों का समाधान नहीं होने तक आंदोलन जारी रहेगा। इसी कारण बुधवार को भी मंडी में हड़ताल जारी रहेगी और मंडी बंद रहने की संभावना है।
किसानों ने मांगा शीघ्र समाधान
मंडी पहुंचे किसानों ने प्रशासन से जल्द से जल्द विवाद का समाधान निकालने की मांग की है। किसानों का कहना है कि हड़ताल के कारण उनकी उपज की तुलाई और बिक्री प्रभावित हो रही है, जिससे उन्हें आर्थिक नुकसान के साथ-साथ अनावश्यक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
इनका कहना है
मंडी सचिव भाईजी प्रसाद ने बताया कि हमालों की मांगों को लेकर एसडीएम, मंडी प्रबंधन, अनाज व्यापारियों और हमालों की संयुक्त बैठक आयोजित की गई थी। बैठक में विभिन्न बिंदुओं पर चर्चा हुई, लेकिन समाधान नहीं निकल सका। उन्होंने कहा कि मामले के निराकरण के लिए बुधवार को पुनः बैठक आयोजित की जाएगी, ताकि सभी पक्षों के बीच सहमति बनाकर समस्या का समाधान किया जा सके।



