गांव-गांव पहुंचेगा नेशनल लोक अदालत का संदेश, ढीमरखेड़ा से जागरूकता रथ रवाना

रिपोर्टर : सतीश चौरसिया
उमरियापान । 9 मई को आयोजित होने वाली नेशनल लोक अदालत के व्यापक प्रचार-प्रसार के लिए तहसील न्यायालय प्रांगण ढीमरखेड़ा से बुधवार को जागरूकता रथ रवाना किया गया । रथ के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों में पहुंचकर लोगों को लोक अदालत की उपयोगिता, त्वरित न्याय प्रक्रिया और आपसी सहमति से मामलों के निराकरण के प्रति जागरूक किया जाएगा।
मध्यप्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के निर्देशानुसार आयोजित इस अभियान का उद्देश्य आमजन तक नेशनल लोक अदालत की जानकारी पहुंचाना और अधिक से अधिक लोगों को इसका लाभ दिलाना है । कार्यक्रम का आयोजन प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के अध्यक्ष जीतेन्द्र कुमार शर्मा के मार्गदर्शन में किया गया।
तहसील न्यायालय परिसर ढीमरखेड़ा में आयोजित कार्यक्रम के दौरान माननीय न्यायाधीश श्रीमती पूर्वी तिवारी ने हरी झंडी दिखाकर जागरूकता रथ को रवाना किया । इस अवसर पर उन्होंने कहा कि नेशनल लोक अदालत आम लोगों को सरल, सुलभ और कम खर्च में न्याय उपलब्ध कराने का प्रभावी माध्यम है । लोक अदालत में प्रकरणों का निराकरण आपसी समझौते और सहमति के आधार पर किया जाता है, जिससे वर्षों से लंबित मामलों का शीघ्र समाधान संभव हो पाता है ।
उन्होंने नागरिकों से अपील करते हुए कहा कि अधिक से अधिक लोग नेशनल लोक अदालत में पहुंचकर अपने प्रकरणों का निराकरण कराएं और न्याय प्रक्रिया को सरल एवं सकारात्मक बनाने में सहयोग दें । रथ के माध्यम से गांव-गांव जाकर लोगों को पंपलेट, घोषणाओं और जनसंपर्क के जरिए जागरूक किया जाएगा।
कार्यक्रम के दौरान अधिवक्ता संघ के अध्यक्ष राजेश पयासी, अटल बिहारी बाजपेयी एवं नायब नाजिर शक्ति संजय सिंह सहित न्यायालय परिवार के सदस्य एवं अधिवक्ता उपस्थित रहे । सभी ने नेशनल लोक अदालत को सफल बनाने के लिए सामूहिक प्रयास करने की बात कही ।
गौरतलब है कि 09 मई 2026 को आयोजित होने वाली नेशनल लोक अदालत में राजीनामा योग्य आपराधिक प्रकरण, बैंक वसूली, मोटर दुर्घटना दावा, विद्युत बिल, पारिवारिक विवाद, श्रम विवाद सहित विभिन्न प्रकार के मामलों का निराकरण किया जाएगा। इससे पक्षकारों को समय और धन दोनों की बचत होगी तथा आपसी सौहार्द भी मजबूत होगा।



