मध्य प्रदेश

राष्ट्रीय बाल आयोग के राष्ट्रीय अध्यक्ष ने कि मृतक एवं घायल बालकों एवं परिजनों से मुलाकात

जनपद सीईओ को कड़ी फटकार लगाई और तत्काल कार्यवाही के निर्देश दिए।
सिलवानी। राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग के राष्ट्रीय अध्यक्ष प्रियंक कानूनगो सोमवार को ग्राम चंदपुरा पहुँच कर खमरिया घटना में मृतक राजू आदिवासी के परिजनों से मुलाकात की। घटना की जानकारी, उन्होंने मृतक की धर्मपत्नी मायाबाई से बात की। उन्होंने मृतक के पिता नारायणसिंह सामाजिक सुरक्षा पेंशन, प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ नहीं दिए जाने पर जनपद सीईओ को कड़ी फटकार लगाई और तत्काल कार्यवाही के निर्देश दिए। मृतक की पत्नी को मध्यांह भोजन योजना समूह में जोड़ने और आजीविका मिशन से बकरी पालन का लाभ दिए जाने भी निर्देश दिये। मृतक के दो बच्चों को सीडब्ल्यूसी से सहायता राशि की स्वीकृति दिए कि बात कही। 10 से 14 वर्ष के बच्चों को खमरिया स्कूल में धमकी और मारपीट पर भी संज्ञान लेते हुए गांव में मिडिल स्कूल प्रारंभ कराने। 10 से 14 वर्ष के ड्राप आउट बच्चों का सर्वे कर उन्हें गांव में शिक्षा उपलब्ध कराई जाए।
खमरिया की घटना में 4 बच्चे घायल हुये। जो कि भोपाल के हमीदिया हॉस्पिटल में भर्ती है। एक बच्चे का 23 मार्च को बार्षिक परीक्षा का पेपर है। घटना से बच्चे भयभीत है उनके मन डर भरा हुआ है।
रायसेन में दो पक्षों के बीच हुए विवाद को राष्ट्रीय बाल संरक्षण आयोग के राष्ट्रीय अध्यक्ष प्रियंक कानूनगो ने सांप्रदायिक दंगा करार दिया है। कानूनगो रविवार को भोपाल के हमीदिया हॉस्पिटल में भर्ती चार बच्चों से मुलाकात करने अस्पताल पहुंचे थे। जहां उन्होंने बताया कि चार बच्चों में से एक बच्चे की हालत गंभीर है. कानूनगो ने मीडिया से बात करते हुए बच्चों के बारे में बताते हुए कहा कि बच्चे इस घटना के बाद से डरे हुए हैं, उनको काउंसलिंग की जरूरत है। उन्होंने मध्यप्रदेश सरकार से मांग की बच्चों की काउंसलिंग कराई जाए। उसके बाद ही उनके बयान लिए जाएं। रायसेन जिले के सिलवानी तहसील के खमरिया गांव में दो गुटों में विवाद हुआ था। इसमें गोली लगने से एक व्यक्ति की मौत हो गई थी, वहीं घटना में कुछ बच्चे भी घायल हुए थे। जिनका अस्पताल में इलाज किया जा रहा है

Related Articles

Back to top button