मध्य प्रदेश

एक तरफ अंधी रफ्तार से दौड रही बसे, तो वही दूसरी तरफ कछुआ चाल चलती बसे

ब्यूरो चीफ: संजय द्विवेदी
रायसेन। गैरतगंज नगर आते ही बूढ़ागंज से बसे अंधी रफ्तार से दौडने लगती हे मानो जेसे दुनियां की सबसे तेज़ चलने वाली बस अब नगर मे प्रवेश कर रही हो यदि किसी यात्री को गैरतगंज के बूढ़ागंज, सुधासागर नगर या नंदिनी नगर उतरना हो तो बस चालक कंडेक्टर को बस रोकने मे अपनी असमर्थता दिखते हुये की यहां रोकने मे बहुत दिक्कत होती हे बस की रफ्तार कम हो जायेगी इसलिये सबारियो को बस स्टेन्ड पर ही बस से उतारना पडता हे ओर यदि इसी बीच कोई सबारी रास्ते के खड़ी मिल जाये तो बस चालक उनके लिये बस के पावर ब्रेक लगा कर सबारी बिठा लेते हे लेकिन यात्रिओं को उतरना हो तो बस नही रुकती, यही बसे जो सागर से भोपाल जा रही हे गैरतगंज बस स्टेन्ड से कछुआ की चाल चलती हे जेसे कंडेक्टर ओर बस चालक को अब लूजमोशन की शिकायत हो इसलिये बस धीमी चलता हे फिर चाहे सड़क बस के पीछे कितना ही जाम हो या इनके पीछे कोई मरीज निजी बाहन मे फसा हो बस चालक द्वारा एक एक सबारी चुन चुन कर टेकापार तक कछुआ चाल से बसे चला कर बिठाते हे तव इन बसों का ना तो समय खराव होता हे ना ही इन बस चालकों, कंडेक्टरो पर कोई नकेल कसने बाला नही है।
इन बस चालको की मनमानी थमने का नाम नही ले यही हे या फिर किसी बड़ी अनहोनी का इन्तजार प्रशासन कर रहा है ?

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