मौसमी बीमारी सहित उल्टी-दस्त का प्रकोपः गांव में 60 से ज्यादा लोग बीमार
कलेक्टर बोले- स्वास्थ्य विभाग की टीम कर रही इलाज
मृगांचल एक्सप्रेस की टीम ने प्रभावित ग्राम पहुंच कर प्रशासन को कराया था स्थिति से अवगत
सीएमएचओ सहित प्रशासनिक अधिकारियों ने किया ग्राम का दौरा, प्रभावितो से की मुलाकात
सिलवानी । सिलवानी तहसील के आदिवासी बाहुल्य ग्राम तिनघरा पटपरी गांव में 60 से ज्यादा लोग बीमार हो गए हैं। कुछ लोग उल्टी-दस्त पीड़ित है। जिनका इलाज स्वास्थ्य विभाग की टीम द्वारा किया जा रहा है। इस मामले में कलेक्टर अरविंद दुबे का कहना है कि मौसमी बीमारी सर्दी जुकाम और वायरल से लोग बीमार हुए हैं। कुछ लोगों को उल्टी दस्त की भी शिकायत हो रही थी। मौके पर स्वास्थ्य विभाग की टीम मौजूद है जो कि ग्रामीणों का इलाज कर रही है।
गंभीर रूप से बीमार 10 लोगों को इलाज के लिए सिविल अस्पताल भेजा गया है।
मृगांचल एक्सप्रेस की टीम ने गुरुवार को प्रभावित ग्राम पहुंची थी प्रशासन को स्थिति से अवगत कराया था जिस पर प्रशासन ने तत्परता से प्राथमिक व्यवस्थाएं जुटाकर स्थिति को नियंत्रण में लिया और गांव की स्थिति में काफी सुधार भी देखने को मिल रहा है।
गांव में उल्टी दस्त और वायरल की जानकारी मिलते ही डॉक्टरों की टीम गांव पहुंच गई है। जो वहीं पर बीमार लोगों का इलाज कर रही है। ग्रामीणों की माने तो दस दिनों से गांव में बीमारी फैल रही है। हर घर में कोई न कोई बीमार है। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने पीड़ित परिवारों का स्वास्थ्य परीक्षण किया है।
शुक्रवार की सुबह सीएमएचओ डॉ दिनेश खत्री, जिला पंचायत की सीईओ अंजू पवन भदौरिया, एसडीएम प्रकाश नायक, एसडीओपी अनिल मौर्य, जनपद पंचायत की मुख्य कार्यपालन अधिकारी नीलम रायकवार सहित स्वास्थ्य विभाग की टीम ने ग्राम तिनघरा पटपरी पहुंचे और उल्टी दस्त एवं अन्य बीमारियो से पीड़ित लोगो से मुलाकात की एवं ग्राम में क्लोरिन की गोली का वितरण कराया गया और ग्राम के प्राथमिक विद्यालय ने ही 6 बेड का अस्थाई स्वास्थ्य केन्द्र बनाया गया है। जहां बीमार लोगो का इलाज किया जा रहा है। ज्यादा प्रभावित मरीजों को सिविल हॉस्पिटल सिलवानी एंबुलेंस से भेजने की व्यवस्था की गई। ग्राम में मुनादी कराकर साफ सफाई रखने की हिदायत दी गई और किसी भी प्रकार की शिकायत होने पर तत्काल ग्राम में उपस्थित स्वास्थ्य विभाग की टीम से संपर्क करने का आग्रह किया गया है। स्वास्थ्य विभाग की टीम द्वारा ग्राम में घर घर जाकर मरीजों का इलाज किया जा रहा हैं। ग्राम आकस्मिक रूप से प्रभावित मरीजों के लिए एम्बुलेंस की व्यवस्था भी की गई। जिला प्रशासन प्रत्येक गतिविधियों ने नजर बनाए हुए है। ग्राम में अब स्वास्थ्य के बेहतर हालत है। प्रशासन पूरी स्थिति पर नजर बनाए हुए है।
ग्रामीणों ने बताया है कि गांव के नलकूप के पास बारिश का पानी जमा है। वहां पर गंदगी भी हो रही है। गंदा पानी नलकूप के अंदर जा रहा है। गांव के लोग इसी नलकूप का पानी पी रहे थे। यह दूषित पानी पीने से ही गांव के लोग बीमार हुए हैं। गांव में बीमारी फैलने के बाद स्वास्थ्य विभाग की टीम इलाज में लगी हुई हैं।
इस संबंध में रायसेन कलेक्टर अरविंद कुमार दुबे का कहना है की मौसम बदलने के कारण यह बीमारी फैली है। सूचना मिलने पर गांव में मेडिकल की टीम राजस्व आमला मौजूद है। 67 लोगों का इलाज मौके पर किया गया है। लोगों को सर्दी जुकाम से लेकर बुखार भी था। 4 से 5 लोगों को उल्टी और दस्त की भी शिकायत थी।
जिनका इलाज मेडिकल टीम द्वारा किया गया है। शुक्रवार को भी स्वास्थ्य विभाग की पूरी टीम लगी हुई है। पानी की जांच भी कराई जा रही है। मौके पर पीएचई विभाग भी है। मौके पर एक अस्थाई चिकित्सालय निर्मित किया गया है। लगातार जो पेशेंट आएंगे उनका इलाज किया जा रहा है।



