कागजों में बने तालाब खेतों में कहीं लहलहाई फसल कहीं खेत खाली लाखों की राशि आहरित जांच की मांग

ग्रामीण बोले तालाब कहीं नहीं सरपंच सचिव और रोजगार सहायक पर फर्जीवाड़े के आरोप |
सीईओ ने कहा जांच के बाद होगी कार्रवाई
सिलवानी । जनपद पंचायत के अंतर्गत आने वाली ग्राम पंचायत कीरतपुर के ग्राम कीरतपुर में तालाब निर्माण के नाम पर बड़ा फर्जीवाड़ा सामने आया है। यहां कागजों में तालाब बनाकर लाखों रुपए की राशि आहरित कर ली गई जबकि हकीकत में जिन स्थानों पर तालाब दर्शाए गए हैं वहां आज भी खेत फसलों के लिए उपयोग हो रहे हैं ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि पंचायत के जिम्मेदारों ने मिलकर तालाब निर्माण के नाम पर सरकारी राशि निकाल ली लेकिन धरातल पर कोई कार्य नहीं हुआ। मामले को लेकर गांव में आक्रोश है और ग्रामीणों ने जांच कर दोषियों पर कार्रवाई की मांग उठाई है।
इन नामों पर दिखाए गए तालाब
जानकारी के अनुसार ग्राम कीरतपुर में प्रवीण कुमार पिता दुर्गा प्रसाद जयप्रकाश पिता ब्रजेश दामोदर प्रसाद पिता तंटुलाल और प्रभु पिता हल्का के नाम पर तालाब निर्माण दर्शाया गया है। ग्रामीणों का कहना है कि इन खेतों में आज भी खेती हो रही है कहीं भी तालाब का अस्तित्व नहीं है।
मौके पर क्या मिला
ग्रामीणों के अनुसार जिन स्थानों पर तालाब होना चाहिए था वहां या तो फसल खड़ी है या कट चुकी है। इससे साफ है कि निर्माण कार्य सिर्फ कागजों में दिखाया गया।
पंचायत पर गंभीर आरोप
ग्रामीणों ने सरपंच, सचिव और रोजगार सहायक पर मिलीभगत कर फर्जी तरीके से राशि निकालने का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि यदि निष्पक्ष जांच हो तो बड़ा घोटाला उजागर हो सकता है।
ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए और जांच में दोषी पाए जाने पर दोषियों से राशि की वसूली कर सख्त कार्रवाई की जाए।
इनका कहना है
जनपद पंचायत सिलवानी की सीईओ नीलम रैकवार ने कहा कि मीडिया के माध्यम से मामला संज्ञान में आया है। तालाबों की जांच कराई जायेगी और दोषियों पर कार्रवाई की जायेगी।



