मध्य प्रदेश

कलेक्टर की अनूठी पहल से गरीब बच्चों को नहीं खरीदनी पड़ेगी किताबें

ब्यूरो चीफ : मनीष श्रीवास
जबलपुर। जबलपुर कलेक्टर ने एक अनूठी पहल शुरू की है। उनकी इस पहल से हजारों गरीब छात्रों को लाभ मिलेगा। जिले में पुस्तक मेले का आयोजन किया जा रहा है जिसमें रद्दी में बिकने वाली यहां किताबें मिलेंगी ।
शहर में छात्रों की शिक्षा को बेहतर बनाने के लिए एक अनूठे पुस्तक मेले का आयोजन किया जा रहा है। जिला कलेक्टर के नेतृत्व में 25 मार्च से गोल बाजार स्थित शहीद स्मारक में इस पुस्तक मेले का आयोजन किया जा रहा हैं। इस मेले की खास बात यह है कि इसमें एक विशेष बुक बैंक की स्थापना भी की जाएगी जहां जरूरतमंद छात्रों को पुस्तकें मिलेंगी।
जिला शिक्षा अधिकारी घनश्याम सोनी ने इस मेले को लेकर जानकारी देते हुए बताया कि जबलपुर में लगभग चार लाख छात्र हैं। इनमें से दो लाख से अधिक छात्र प्राइवेट स्कूलों में पढ़ते हैं। छात्रों की परीक्षा होने के बाद इनकी पुरानी किताबें आमतौर पर रद्दी में बेच दी जाती हैं। यदि ये किताबें एकत्रित कर ली जाएं तो वे जरूरतमंद बच्चों के काम आ सकती हैं। इस मेले में जो बुक बैंक बनेगा वहां इन किताबों को एकत्रित करने का काम किया जा रहा है।
एक ही जगह पर कम रेट में मिलेंगी पुस्तकें
घनश्याम सोनी ने पुस्तक मेले के उद्देश्य के बारे में बताते हुए कहा कि जबलपुर में पिछले साल भी ऐसे पुस्तक मेले का आयोजन किया गया था। हमारा उद्देश्य है कि छात्रों और अभिभावकों को एक ही जगह पर कम दरों पर पुस्तकें, कॉपियां और स्कूल की सामग्री उपलब्ध हो सके। किसी भी प्रकार की ऐसी कोई गतिविधि न हो कि उन्हें एक ही जगह से पुस्तकें, कॉपियां खरीदने के लिए बाध्य किया जाए या किताबों का अधिक मूल्य उनसे लिया जाए। इसलिए पुस्तक मेले का आयोजन किया जा रहा है।
25 मार्च से 5 अप्रैल तक रहेगा मेला
यह पुस्तक मेला शहीद स्मारक पर 25 मार्च से 5 अप्रैल 2025 तक आयोजित किया जा रहा है। इस मेले का मकसद है कि सभी छात्र-छात्राएं और उनके अभिभावक अपनी जरूरत की पुस्तकें, कॉपियां और स्कूल की अन्य सामग्री सस्ते दामों पर खरीद सकें। मेले में किस-किस स्कूल के कैंप लगाए जाएंगे, इस सवाल के जवाब में जिला शिक्षा अधिकारी ने कहा कि स्कूल के कैंप नहीं लग रहे हैं। पुस्तक, कॉपी विक्रेता, अन्य स्टेशनरी सामग्री जैसे- बैग, पेन आदि और अन्य जरूरी चीजों के विक्रेताओं के स्टॉल होंगे।
मेला में गरीब स्टूडेंट्स को किताबें मुफ्त में देंगे-
गरीब और जरूरतमंद स्टूडेंट को बेहतर शिक्षा मिले और मुफ्त में किताबें मिले सके. इसके लिए इस वर्ष अनोखी और गजब की पहल की जा रही है।
जहां जबलपुर के अधिकांश एनजीओ स्कूल जाकर स्टूडेंट से पुरानी पुस्तक कलेक्ट कर रहे हैं. यह वही पुस्तक है जिसे स्टूडेंट रद्दी के भाव कबाड़ में बेच दिया करते हैं. इन्हीं पुस्तकों से जबलपुर कलेक्टर बुक बैंक बनाएंगे मतलब पुस्तक मेला लगाएंगे और गरीब स्टूडेंट्स को किताबें मुफ्त में देंगे,
शिक्षा अधिकारी घनश्याम सोनी ने बताया कि जबलपुर में लगभग चार लाख स्टूडेंट हैं. जिनमें से आधे से अधिक स्टूडेंट निजी स्कूलों में पढ़ते हैं. जहां परीक्षा होने के बाद स्टूडेंट पुरानी किताबें रद्दी में बेच देते हैं. लिहाजा अब इन्हीं किताबों को एकत्रित करने का काम किया जा रहा है. जिससे यह किताबें गरीब बच्चों के काम आ सकेंगी, इतना ही नहीं फिजूलखर्ची के भी लगाम लगेगी और स्टूडेंट्स के काम बुक आएगी।

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