मध्य प्रदेश

संयुक्त संचालक का आदेश मानने को तैयार नहीं प्रभारी प्राचार्य

शासकीय एकीकृत हाई स्कूल पिंडरई का मामला , हाथ में हाथ रखें बैठे शिक्षा विभाग के अधिकारी
रिपोर्टर : सतीश चौरसिया
उमरियापान ।
ढीमरखेड़ा तहसील के अंतर्गत शासकीय हाई स्कूल पिंडरई के संकुल शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय ढीमरखेड़ा में पदस्थ प्रभारी प्रचार राकेश दुबे संयुक्त संचालक का भी आदेश नहीं मान रहे हैं । स्मरण रहे की इस संबंध में सुशील कुमार चौधरी द्वारा एक प्रार्थना पत्र कार्यालय संयुक्त संचालक लोग शिक्षण जबलपुर , संभाग जबलपुर को प्रेषित कर बताया गया था की वह शासकीय हाई स्कूल पिंडरई , संकुल शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय ढीमरखेड़ा मैं पदस्थ हैं लेकिन अधिकारियों द्वारा नियमों को ताक पर रखकर उनसे 9 वर्ष जूनियर शिक्षक राकेश दुबे को शाला संचालन की जिम्मेदारी सौप दी गई है जबकि वरिष्ठता के क्रम में उनको शाला का प्रभार सोंपना था लेकिन अधिकारियों द्वारा ऐसा करना उचित नहीं समझा गया ।
कर्मचारी नेता की भूमिका संदिग्ध,,,
सूत्रों से प्राप्त जानकारी के अनुसार उपरोक्त मामले में एक कर्मचारी नेता की भूमिका सामने आ रही है और यह बताया जा रहा है कि उक्त तथाकथित कर्मचारी नेता अधिकारियों से नियम विरुद्ध कार्य करवाने मैं माहिर है लेकिन कुर्सी के नशे में चूर इन अधिकारियों को यह नहीं दिखता की क्या सही है ? और क्या गलत है ? या फिर एक कर्मचारी नेता ही तय करेगा कि कौन कर्मचारी किस तरह से काम करेगा ? लिहाजा उपरोक्त मामले में जो भी हो रहा है वह नियम विरुद्ध है और यह विधि का प्राकृतिक सिद्धांत है कि जो भी कर्मचारी वरिष्ठता के क्रम में ऊपर होगा उसे उसी तरह की जिम्मेदारी सौंपी जाएगी लेकिन इसके बाद नव वर्ष जूनियर कर्मचारी को महत्वपूर्ण जवाबदारी सौंप देना नियम विरुद्ध है ।
कूड़ादान मैं फेंक दिया संयुक्त संचालक का पत्र,,,
स्मरण रहे कि सुशील कुमार चौधरी की शिकायत के बाद संयुक्त संचालक जबलपुर द्वारा दिनांक 03-02-2022 को जिला शिक्षा अधिकारी, जिला कटनी को संबंधित शाला का प्रभार सौंपने की टीप के साथ आदेश जारी किया था । संयुक्त संचालक के यहां से जारी पत्र क्रमांक 3-1-20-22/ 845 के माध्यम से आदेश में इस बात का भी जिक्र किया गया है की मध्यप्रदेश शासन सामान्य प्रशासन विभाग मंत्रालय, बल्लभ भवन भोपाल के परिपत्र क्रमांक f11 38, 96, 9 , एक भोपाल दिनांक 4 नवंबर 1996 एवं शासन का परिपत्र क्रमांक f11, 41, 2014, 1, 9 भोपाल दिनांक 14-11 2014 का अवलोकन कर जारी दिशा निर्देशों का पालन सुनिश्चित कराएं । जारी पत्र में इस बात का भी उल्लेख किया गया है कि संबंधित मामले में नियमानुसार कार्यवाही करें और आपके द्वारा क्या कार्यवाही की गई है इस संबंध में 1 सप्ताह के अंदर कार्यालय संयुक्त संचालक लोक शिक्षण संभाग जबलपुर को अवगत करवाएं । हैरानी की बात यह है कि लोक शिक्षण के यहां से पत्र जारी होने के बाद भी ना तो डीईओ , बीईओ और नाही बीआरसी द्वारा इस संबंध में कोई यथा उचित कार्यवाही की गई और आज दिनांक तक इस संबंध में उनके द्वारा क्या कार्यवाही की गई संयुक्त संचालक को अवगत नहीं करवाया गया । सवाल यह उठता है कि जिले में पदस्थ अधिकारी क्या संभागीय अधिकारी के पत्र को भी नहीं मानेंगे या फिर राजनैतिक संरक्षण के कारण अपने कर्तव्य का निर्वाहन सही तरीके से नहीं कर पा रहे हैं ।

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