युवा पीढ़ी में शाकाहार का चलन बढ़ा -बींस और मोटे अनाज से मिल रहा कंपलीट न्यूट्रीशन

सिलवानी। युवा वर्ग में हेल्दी फूड के प्रति जागरूकता तेजी से बढ़ रही है। अब युवाओं में नॉनवेज की अपेक्षा शाकाहार की ओर रुझान दिखाई दे रहा है। कंपलीट न्यूट्रीशन के लिए वे बींस, मोटे अनाज, फल, सब्जियां और नट्स जैसे वेजीटेरियन फूड्स अपना रहे हैं।
सिविल हॉस्पिटल के बीएमओ डॉ आरएस पटेल का कहना है कि शाकाहार एक स्वस्थ और पौष्टिक आहार विकल्प है, जो शरीर को सभी आवश्यक पोषक तत्व प्रदान कर सकता है। इसमें प्रोटीन, विटामिन, मिनरल्स और फाइबर प्रचुर मात्रा में पाए जाते हैं, जो हेल्दी लाइफस्टाइल बनाए रखने में मदद करते हैं।
शाकाहारी आहार के लाभ
योग गुरु रवी कान्त कुशवाहा
के अनुसार, शाकाहारी भोजन शरीर को विभिन्न प्रकार की बीमारियों से लड़ने की अधिक क्षमता प्रदान करता है। इसमें संतृप्त वसा और कोलेस्ट्रॉल की मात्रा कम होती है, जिससे हृदय रोगों की आशंका भी घटती है।
हरी सब्जियों में मौजूद विटामिन, एंटीऑक्सीडेंट और अमीनो एसिड शरीर को पोषण देते हैं, वहीं लाल फल और सब्जियां जैसे चुकंदर, गाजर और टमाटर एंटीऑक्सीडेंट्स का अच्छा स्रोत हैं।
पौधों से मिलने वाला प्रोटीन और पोषण
दालें, बींस और मोटे अनाज जैसे ज्वार, बाजरा, रागी आदि प्रोटीन और कार्बोहाइड्रेट के प्राकृतिक स्रोत हैं। साथ ही, नट्स और बीजों से ओमेगा फैटी एसिड्स और आवश्यक मिनरल्स मिलते हैं, जो शरीर की ऊर्जा और रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाते हैं।
फाइबर और जल की प्रचुरता
शाकाहारी भोजन में रेशा (फाइबर) और पानी की मात्रा अधिक होती है, जो पाचन तंत्र को मजबूत बनाते हैं तथा शरीर को डिटॉक्स करने में सहायक हैं।



