धार्मिक

Today Panchang आज का पंचांग शनिवार, 25 जनवरी 2025

आचार्य श्री गोपी राम (ज्योतिषाचार्य) जिला मुख्यालय हरियाणा मो. 9812224501
✦••• जय श्री हरि •••✦
🧾 आज का पंचाग 🧾
शनिवार 25 जनवरी 2025
आप सभी सनातनियों को “षट्तिला एकादशी व्रत की” हार्दिक शुभकामनाएं एवं अनन्त अनन्त बधाइयां।।
शनि देव जी का तांत्रिक मंत्र – ऊँ प्रां प्रीं प्रौं सः शनैश्चराय नमः।।
☄️ दिन (वार) -शनिवार के दिन क्षौरकर्म अर्थात बाल, दाढ़ी काटने या कटाने से आयु का नाश होता है । अत: शनिवार को बाल और दाढ़ी दोनों को ही नहीं कटवाना चाहिए।
शनिवार के दिन प्रात: पीपल के पेड़ में दूध मिश्रित मीठे जल का अर्ध्य देने और सांय पीपल के नीचे तेल का दीपक जलाने से कुंडली की समस्त ग्रह बाधाओं का निवारण होता है ।
शनिवार के दिन पीपल के नीचे हनुमान चालीसा पड़ने और गायत्री मन्त्र की àएक माला का जाप करने से किसी भी तरह का भय नहीं रहता है, समस्त बिग़डे कार्य भी बनने लगते है ।
शिवपुराण के अनुसार शनि देव पिप्लाद ऋषि का स्मरण करने वाले, उनके भक्तो को कभी भी पीड़ा नहीं देते है इसलिए जिन के ऊपर शनि की दशा चल रही हो उन्हें अवश्य ही ना केवल शनिवार को वरन नित्य पिप्लाद ऋषि का स्मरण करना चाहिए।
शनिवार के दिन पिप्पलाद श्लोक का या पिप्पलाद ऋषि जी के केवल इन तीन नामों (पिप्पलाद, गाधि, कौशिक) को जपने से शनि देव की कृपा मिलती है, शनि की पीड़ा निश्चय ही शान्त हो जाती है ।
🌐 शुभ हिन्दू नववर्ष 2025 संवत्सर क्रोधी
📖 संवत्सर (उत्तर) कालयुक्त
🧾 विक्रम संवत 2081 विक्रम संवत
🔮 गुजराती संवत 2080 विक्रम संवत
☸️ शक संवत 1946 शक संवत
☪️ कलि संवत 5125 कलि संवत
🕉️ शिवराज शक 351
☣️ आयन – उत्तरायण
☀️ ऋतु – सौर शिशिर ऋतु
🌤️ मास – माघ मास
🌒 पक्ष – कृष्ण पक्ष
📅 तिथि : शनिवार माघ माह के कृष्ण पक्ष एकादशी तिथि 08:32 PM तक उपरांत द्वादशी
📝 तिथि स्वामी – एकादशी के देवता हैं विश्वेदेवगणों और विष्णु। इस तिथि को विश्वेदेवों पूजा करने से संतान, धन-धान्य और भूमि आदि की प्राप्ति होती है।
💫 नक्षत्र : ज्येष्ठा नक्षत्र – पूर्ण रात्रि तक
🪐 नक्षत्र स्वामी : ज्येष्ठा नक्षत्र का स्वामी ग्रह बुध है। ज्येष्ठा नक्षत्र के देवता देवराज इंद्र हैं।
⚜️ योग : ध्रुव योग 04:37 AM तक, उसके बाद व्याघात योग
प्रथम करण : बव – 08:03 ए एम तक
द्वितीय करण : बालव – 08:31 पी एम तक कौलव
🔥 गुलिक काल : – शनिवार को शुभ गुलिक प्रातः 6 से 7:30 बजे तक ।
⚜️ दिशाशूल – शनिवार को पूर्व दिशा का दिकशूल होता है ।यात्रा, कार्यों में सफलता के लिए घर से अदरक खाकर, घी खाकर जाएँ ।
🤖 राहुकाल -सुबह – 9:00 से 10:30 तक।राहु काल में कोई भी शुभ कार्य नहीं करना चाहिए |
🌞 सूर्योदयः – प्रातः 06:39:00
🌅 सूर्यास्तः – सायं 05:21:00
👸🏻 ब्रह्म मुहूर्त : 05:26 ए एम से 06:19 ए एम
🌇 प्रातः सन्ध्या : 05:53 ए एम से 07:13 ए एम
🌟 अभिजित मुहूर्त : 12:12 पी एम से 12:55 पी एम
✡️ विजय मुहूर्त : 02:21 पी एम से 03:03 पी एम
🐃 गोधूलि मुहूर्त : 05:52 पी एम से 06:19 पी एम
🌌 सायाह्न सन्ध्या : 05:55 पी एम से 07:14 पी एम
💧 अमृत काल : 11:09 पी एम से 12:50 ए एम, जनवरी 26
🗣️ निशिता मुहूर्त : 12:07 ए एम, जनवरी 26 से 01:00 ए एम, जनवरी 26
🚓 यात्रा शकुन-शर्करा मिश्रित दही खाकर घर से निकलें।
👉🏼 आज का मंत्र-ॐ प्रां प्रीं प्रौं स: शनयै नम:।
💁🏻‍♀️ आज का उपाय-शनि मंदिर में काले तिल अर्पित करें।
🪵 वनस्पति तंत्र उपाय-शमी के वृक्ष में जल चढ़ाएं।
⚛️ पर्व एवं त्यौहार : षट्तिला एकादशी व्रत (सर्वे.) भारतीय राज्य हरियाणा के नवनियुक्त मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी जन्म दिवस, भारतीय व्यापारी नलिनी रंजन सरकार पुण्य तिथि, भारत के प्रसिद्ध क्रांतिकारी अनंता सिंह स्मृति दिवस, भारत के प्रसिद्ध साहित्यकार, पत्रकार और ‘कादम्बिनी पत्रिका’ के सम्पादक राजेन्द्र अवस्थी जन्म दिवस, अंतर्राष्ट्रीय कस्टम एवं उत्पाद दिवस, हिमाचल प्रदेश स्थापना दिवस, राष्ट्रीय मतदाता दिवस, राजनेता विजयाराजे शिंदे स्मृति दिवस
✍🏼 तिथि विशेष – एकादशी तिथि को चावल एवं दाल नहीं खाना चाहिये तथा द्वादशी को मसूर नहीं खाना चाहिये। यह इस तिथि में त्याज्य बताया गया है। एकादशी को चावल न खाने अथवा रोटी खाने से व्रत का आधा फल सहज ही प्राप्त हो जाता है। एकादशी तिथि एक आनन्द प्रदायिनी और शुभफलदायिनी तिथि मानी जाती है। एकादशी को सूर्योदय से पहले स्नान के जल में आँवला या आँवले का रस डालकर स्नान करना चाहिये। इससे पुण्यों कि वृद्धि, पापों का क्षय एवं भगवान नारायण के कृपा कि प्राप्ति होती है।।
🏘️ Vastu tips 🏚️
बंद घड़ी प्रगति को रोक देती है
बंद घड़ियां भी घर से जितनी जल्दी हो सके बिदा कीजिए। यह सीधे किस्मत से कनेक्ट होती है। बंद घड़ी प्रगति को रोक देती है।
जन्म कुंडली में शुक्र ग्रह और चंद्रमा को स्त्री कारक ग्रह माना जाता है. शुक्र ग्रह और चंद्रमा की पूजा करने से महालक्ष्मी की विशेष कृपा प्राप्त होती है. शुक्र और चंद्रमा की प्रसन्नता के लिए घर में काले और नीले रंग का प्रयोग बिल्कुल नहीं करना चाहिए. अपने घर के दक्षिण पूर्वी भाग में रसोई घर जरूर बनाएं. हर रोज रसोई घर में काम करने से पहले घर की महिलाएं घर की इसी दिशा में एक दिया जरूर जलाएं. उसके बाद ही रसोई घर का कार्य आरंभ करें.
घर की महिलाएं रसोई घर में बिना स्नान किए कोई भी कार्य ना करें. हमेशा अपनी रसोई घर में मां अन्नपूर्णा की फोटो जरूर स्थापित करें. जब भी कार्य आरंभ करें मां अन्नपूर्णा की सबसे पहले दर्शन करें. ऐसा करने से घर के सभी लोग स्वस्थ रहेंगे और भोजन भी स्वादिष्ट बनेगा और साथ ही साथ भगवान लक्ष्मीनारायण जी की कृपा जरूर होगी
♻️ जीवनोपयोगी कुंजियां ⚜️
बच्चेदानी में गांठ होने के लक्षण
पीरियड्स में ब्लीडिंग ज्यादा होना
पेट में नीचे और पीठ में तेज दर्द होना
बार-बार पेशाब जाना
रिलेशन बनाते वक्त दर्द होना
पीरियड्स ज्यादा दिनों तक चलना
पेट में नीचे की ओर भारीपन रहना
कमजोरी महसूस होना
पेट में सूजन और कब्ज रहना
एनीमिया और पैरों में दर्द होना
🍃 आरोग्य संजीवनी ☘️
10 दिन का उपाय: घुटने की समस्या से राहत के लिए
👉🏼 सामग्री:
1 चमच हल्दी (ताजे हल्दी पाउडर का इस्तेमाल करें)
1 चमच अदरक का रस (अदरक सूजन कम करने में मदद करता है)
1 चमच शहद (शहद से रक्त संचार बेहतर होता है)
गर्म पानी (इसे मिश्रण को पतला करने के लिए)
👉🏼 बनाने की विधि:
सबसे पहले एक छोटे बर्तन में 1 चमच हल्दी डालें।
फिर उसमें 1 चमच ताजा अदरक का रस डालें। अदरक सूजन और दर्द को कम करने में मदद करता है।
अब इस मिश्रण में 1 चमच शहद मिलाएं जो शरीर के अंदर से सूजन कम करने और घुटने की हड्डियों को मजबूत बनाने में मदद करता है।
इन सभी सामग्रियों को अच्छे से मिला लें। अब इस मिश्रण को गर्म पानी के साथ मिक्स कर लें।
📖 गुरु भक्ति योग_
🕯️
एक बार दो भाइयों ने फैसला किया कि अब खेती छोड़कर शहर में बिजनेस करेंगे।। दोनों भाई शहर चले गए और वहां जाकर एक होटल कर लिया।। कुछ ही सालों में दोनों भाइयों का बिजनेस बहुत बड़ा हो गया।।
एक दिन एक भाई को लालच आ गया और उसने दूसरे भाई को खाने में जहर दे दिया ताकि सारे बिजनेस पर उसका अधिकार हो जाए।।
एक भाई के मरने के बाद दूसरे ने पूरे बिजनेस पर अधिकार कर लिया।। कुछ वर्ष बाद चापलूस भाई के एक लड़का हुआ।। उसने अपने लड़के को पढ़ने के लिए विदेश भेज दिया लेकिन विदेश में उसके बेटे को एक भयंकर बीमारी लग गई।।
महंगे महंगे इलाज करवाने के बावजूद भी उसका लड़का सही नहीं हुआ ।। चापलूस भाई का सारा बिज़नस चौपट हो गया वह कंगाल हो गया।। उसके बेटे ने मरते मरते कहा कि पापा आप मेरी मौत का दुख मत करना क्योंकि मैं आपका बेटा नहीं।। मैं आपका छोटा भाई हूं जिसे आपने जहर देकर मार दिया था।।
मैंने आपसे बदला लेने के लिए जन्म लिया था।। अब आगे से याद रखना किसी के साथ धोखा करके जिंदगी में कभी आगे मत बढ़ाना।।
◄┉┉┉┉┉┉༺✦ᱪ✦༻┉┉┉┉┉┉►
⚜️ एकादशी तिथि के देवता विश्वदेव होते हैं। नन्दा नाम से विख्यात यह तिथि शुक्ल पक्ष में शुभ तथा कृष्ण पक्ष में अशुभ फलदायिनी मानी जाती है। एकादशी तिथि एक आनंद प्रदायिनी और शुभ फलदायी तिथि मानी जाती है। इसलिये आज दक्षिणावर्ती शंख के जल से भगवान नारायण का पुरुषसूक्त से अभिषेक करने से माँ लक्ष्मी प्रशन्न होती है एवं नारायण कि भी पूर्ण कृपा प्राप्त होती है।।
यदि एकादशी तिथि रविवार और मंगलवार को पड़ती है तो मृत्युदा योग बनाती है। इस योग में शुभ कार्य करना वर्जित है। इसके अलावा एकादशी तिथि शुक्रवार को होती है तो सिद्धा कहलाती है। ऐसे समय में किसी भी कार्य की सिद्धि प्राप्ति का योग निर्मित होता है। यदि किसी भी पक्ष में एकादशी सोमवार के दिन पड़ती है तो क्रकच योग बनाती है, जो अशुभ होता है। इसमें शुभ कार्य निषिद्ध बताये गये हैं। एकादशी तिथि नंदा तिथियों की श्रेणी में आती है। वहीं किसी भी पक्ष की एकादशी तिथि पर भगवान विष्णु की पूजा करना शुभ माना जाता है।।

Related Articles

Back to top button