धार्मिक

Today Panchang आज का पंचांग रविवार , 23 फरवरी 2025

आचार्य श्री गोपी राम (ज्योतिषाचार्य) जिला हिसार हरियाणा मो. 9812224501
✦••• जय श्री हरि •••✦
🧾 आज का पंचांग 🧾
रविवार 23 फरवरी 2025
भगवान सूर्य जी का मंत्र : ऊँ घृणि सूर्याय नम: ।।
🌠 रविवार को की गई सूर्य पूजा से व्यक्ति को घर-परिवार और समाज में मान-सम्मान की प्राप्ति होती है। रविवार के दिन उगते हुए सूर्य को देव को एक ताबें के लोटे में जल, चावल, लाल फूल और रोली डालकर अर्ध्य करें।
इस दिन आदित्य ह्रदय स्रोत्र का पाठ करें एवं यथा संभव मीठा भोजन करें। सूर्य को आत्मा का कारक माना गया है, सूर्य देव को जल देने से पितृ कृपा भी मिलती है।
रविवार के दिन भैरव जी के दर्शन, आराधना से समस्त भय और संकट दूर होते है, साहस एवं बल की प्राप्ति होती है। रविवार के दिन जी के दर्शन अवश्य करें ।
रविवार के दिन भैरव जी के मन्त्र ” ॐ काल भैरवाय नमः “ या ” ॐ श्री भैरवाय नमः “ की एक माला जाप करने से समस्त संकट, भय दूर होते है, रोगो, अकाल मृत्यु से बचाव होता है, मनवांछित लाभ मिलता है।
🌐 शुभ हिन्दू नववर्ष 2024 संवत्सर क्रोधी
📖 संवत्सर (उत्तर) कालयुक्त
🧾 विक्रम संवत 2081 विक्रम संवत
🔮 गुजराती संवत 2080 विक्रम संवत
☸️ शक संवत 1946 शक संवत
☪️ कलि संवत 5125 कलि संवत
🕉️ शिवराज शक 351_

☣️ आयन – उत्तरायण
☀️ ऋतु – सौर बसंत ऋतु
🌤️ मास – फाल्गुन मास
🌘 पक्ष – कृष्ण पक्ष
📆 तिथि – रविवार फाल्गुन माह के कृष्ण पक्ष दशमी तिथि 01:56 PM तक उपरांत एकादशी
🖍️ तिथि स्वामी – दशमी के देवता हैं यमराज। इस तिथि में यम की पूजा करने से नरक और मृत्यु का भय नहीं रहता है।
💫 नक्षत्र – नक्षत्र मूल 06:42 PM तक उपरांत पूर्वाषाढ़ा
🪐 नक्षत्र स्वामी – मूल नक्षत्र का स्वामी केतु है और राशि के स्वामी देवताओं के गुरु बृहस्पति हैं।
⚜️ योग – वज्र योग 11:18 AM तक, उसके बाद सिद्धि योग
प्रथम करण : विष्टि – 01:55 पी एम तक
द्वितीय करण : बव – 01:56 ए एम, फरवरी 24 तक बालव
🔥 गुलिक काल : रविवार को शुभ गुलिक काल 02:53 पी एम से 04:17 पी एम
🤖 राहुकाल (अशुभ) – सायं 4:51 बजे से 6:17 बजे तक। राहु काल में शुभ कार्य करना वर्जित माना गया है।
⚜️ दिशाशूल – रविवार को पश्चिम दिशा की यात्रा नहीं करनी चाहिये, यदि अत्यावश्यक हो तो पान एवं घी खाकर यात्रा कर सकते है।
🌞 सूर्योदयः- प्रातः 06:21:00
🌅 सूर्यास्तः- सायं 05:39:00
👸🏻 ब्रह्म मुहूर्त : 05:11 ए एम से 06:02 ए एम
🌇 प्रातः सन्ध्या : 05:37 ए एम से 06:52 ए एम
🌟 अभिजित मुहूर्त : 12:12 पी एम से 12:57 पी एम
✡️ विजय मुहूर्त : 02:29 पी एम से 03:14 पी एम
🐃 गोधूलि मुहूर्त : 06:14 पी एम से 06:40 पी एम
🎆 सायाह्न सन्ध्या : 06:17 पी एम से 07:32 पी एम
💧 अमृत काल : 12:02 पी एम से 01:42 पी एम
🗣️ निशिता मुहूर्त : 12:09 ए एम, फरवरी 24 से 12:59 ए एम, फरवरी 24
सर्वार्थ सिद्धि योग : 06:52 ए एम से 06:43 पी एम
🚓 यात्रा शकुन-इलायची खाकर यात्रा प्रारंभ करें।
👉🏼 आज का मंत्र-ॐ घृणि: सूर्याय नम:।
💁🏻 आज का उपाय-तांबे के सात टुकड़े बहते जल में प्रवाहित करें।
🌳 *वनस्पति तंत्र उपाय-बेल के वृक्ष में जल चढ़ाएं। ⚛️ पर्व एवं त्यौहार – सर्वार्थसिद्धि योग/मूल समाप्त/ भारत के प्रसिद्ध संत निरंकारी मिशन के आध्यात्मिक गुरु बाबा हरदेव सिंह प्राकट्योत्सव, सुप्रसिद्ध राष्ट्रभक्त एवं क्रांतिकारी सरदार अजीत सिंह जयन्ती, मुख्यमंत्री राजेंद्र नारायण सिंह देव स्मृति दिवस, विजय आनन्द स्मृति दिवस, उपन्यासकार एवं निबंधकार वृंदावनलाल वर्मा स्मृति दिवस, भारतीय फिल्म अभिनेत्री मधुबाला स्मृति दिवस, उपन्यासकार अमृतलाल नागर पुण्य तिथि, भारतीय राजनेता कर्ण सिंह जन्म दिवस, अभिनेत्री भाग्यश्री जन्म दिवस, ब्रुनेई राष्ट्रीय दिवस ✍🏼 तिथि विशेष – दशमी तिथि को कलम्बी एवं परवल का सेवन वर्जित है। दशमी तिथि धर्मिणी और धनदायक तिथि मानी जाती है। यह दशमी तिथि पूर्णा नाम से विख्यात मानी जाती है। यह दशमी तिथि कृष्ण पक्ष में मध्यम फलदायिनी मानी जाती है। दशमी को धन देनेवाली अर्थात धनदायक तिथि माना जाता है। इस दिन आप धन प्राप्ति हेतु उद्योग करते हैं तो सफलता कि उम्मीदें बढ़ जाती हैं। यह दशमी तिथि धर्म प्रदान करने वाली तिथि भी माना जाता है। अर्थात इस दिन धर्म से संबन्धित कोई बड़े अनुष्ठान वगैरह करने-करवाने से सिद्धि अवश्य मिलती है। इस दशमी तिथि में वाहन खरीदना उत्तम माना जाता है। इस दशमी तिथि को सरकारी कार्यालयों से सम्बन्धित कार्यों को आरम्भ करने के लिये भी अत्यंत शुभ माना जाता है। ⛺ *_Vastu tips* 🏡
उत्तर और पूर्व दिशा में इन चीजों का ध्यान रखें
अगर आप अपने जीवन में कोई परेशानी नहीं चाहते तो उत्तर पूर्व दिशा में कोई भी भारी सामान, कबाड़ आदि न रखें। यहां नीले रंग की कांच के बर्तन में पानी भरकर रखें। अगर हो सके तो उत्तर पूर्व दिशा में एक चांदी की डिब्बी भी जरूर रखें और अगर इस दिशा में आपके घर में खिड़की है जो नियमित रूप से खोलते रहें।
मेन गेट पर लगाएं ये चीज वास्तु शास्त्र के मुताबिक, घर में सारी मुख्य ऊर्जा मेन गेट से होकर आती है इसलिए अपने मुख्य द्वार पर शुभ चिन्ह जैसे कलश, मछली, कमल, शंख आदि लगा दें। या फिर मेन गेट के ऊपर ओम और स्वास्तिक का चिन्ह लगाएं इससे घर में शुभता बनी रहेगी।
🔑 जीवनोपयोगी कुंजियां ⚜️
अगर आप आर्थिक तंगी से जूझ रहे हैं तो अपने घर के मंदिर में कमलगट्टे की माला को थोड़े के लिए चढ़ाएं और फिर उसे तिजोरी में रख दें, इससे मां लक्ष्मी प्रसन्न होंगी। साथ ही घर में निगेटिव एनर्जी नहीं आएगी।
शनिवार के दिन जरूर करें उपाय अगर आपके घर में कुछ अशुभ हो रहा है, तो शनिवार के दिन स्टील के पात्र में थोड़ा कच्चा दूध, चीनी, घी मिलाकर पीपल पर जरूर चढ़ाएं। साथ ही चना और गुड़ भी अर्पित करें, इससे घर में शुभ योग बनेंगे।
गोमती चक्र मां लक्ष्मी की कृपा बरसाती है, इसे अपने घर में रखने से सुख-समृद्धि आती है। माना जाता है कि 11 गोमती चक्र पीले कपड़े में लपेटकर तिजोरी में रखने से मां लक्ष्मी की कृपा बरसती हैं।
🩸 आरोग्य संजीवनी
🪵
मुलेठी के फायदे
अर्थराइटिस: मुलेठी में एंटी ऑक्सिडेंट और एंटीबायोटिक गुण पाए जाते हैं जो अर्थराइटिस, दर्द सूजन को कम करने में मददगार साबित हो सकते हैं।
खांसीः गले में खराश या खांसी की समस्या में मुलेठी के छोटे-छोटे टुकड़े करके चुसते रहने से राहत मिलती है।
पाचन व वजन: मुलेठी के फ्लेवोनॉइड पाचन को ठीक रखते है, व वजन को कम करने में सहायक होते हैं।
त्वचा के रोग: मुलेठी के एंटॉऑक्सीडेंट व अन्य पोषक तत्व त्वचा संबंधी कई समस्याओं को दूर करते हैं।
मुंह की दुर्गंधः मुंह की बदबू दूर करने में मुलेठी काफी असरदार साबित होती है। मुलेठी के टुकड़ों को सौंफ के साथ लेने से मुंह की दुर्गंध दूर हो जाती है।
🌷 गुरु भक्ति योग 🌹
एक दिन एक किसान का गधा कुएँ में गिर गया। वह घंटों तक जोर-जोर से रोता रहा, जबकि किसान उसे बाहर निकालने के लिए कुछ करने की कोशिश करता रहा।
आखिरकार, किसान ने फैसला किया कि गधा बूढ़ा हो गया है और कुआँ पहले से ही सूखा है और उसे वैसे भी ढकने की ज़रूरत है; कि गधे को कुएँ से बाहर निकालना वाकई बेकार है।
उसने अपने सभी पड़ोसियों को मदद के लिए बुलाया। उनमें से प्रत्येक ने एक फावड़ा पकड़ा और कुएँ में मिट्टी फेंकना शुरू कर दिया
गधे को एहसास हुआ कि यह क्या हो रहा है और वह बहुत ज़ोर से चिल्लाया। फिर, सभी को आश्चर्यचकित करते हुए, कुछ फावड़े भर मिट्टी डालने के बाद वह शांत हो गया।
आखिरकार किसान ने कुएँ में झाँका और जो कुछ उसने देखा उससे वह चकित रह गया… मिट्टी के प्रत्येक फावड़े के साथ, गधा कुछ अविश्वसनीय कर रहा था: वह मिट्टी को हिला रहा था और मिट्टी के ऊपर पैर रख रहा था।
बहुत जल्द ही सभी ने आश्चर्यचकित होकर देखा कि कैसे गधा कुएँ के मुहाने तक पहुँचा, किनारे से गुज़रा और बाहर निकल आया…
ज़िंदगी आप पर गंदगी फेंकेगी, हर तरह की गंदगी… गड्ढे से बाहर निकलने की तरकीब है उसे झाड़कर ऊपर चढ़ने के लिए उसका इस्तेमाल करना। हमारी हर समस्या एक कदम आगे बढ़ने के लिए है। अगर हम हार न मानें तो हम सबसे गहरे गड्ढों से भी बाहर निकल सकते हैं…
आगे बढ़ने के लिए वे आप पर जो गंदगी फेंकते हैं उसका इस्तेमाल करें!
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👉🏼 खुश रहने के 5 नियम याद रखें:
1 अपने दिल को नफ़रत से मुक्त करें।
2 अपने दिमाग को विचलित करने वाली चीज़ों से मुक्त करें।
3 अपने जीवन को सरल बनाएँ।
4 ज़्यादा दें और कम उम्मीद करें।
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⚜️ दशमी तिथि के देवता यमराज जी बताये जाते हैं। यमराज दक्षिण दिशा के स्वामी माने जाते हैं। इस दशमी तिथि में यमराज के पूजन करने से जीव अपने समस्त पापों से छुट जाता है। पूजन के उपरान्त क्षमा याचना (प्रार्थना) से जीव नरक कि यातना एवं जीवन के सभी संकटों से मुक्त हो जाता है। इस दशमी तिथि को यम के निमित्ति घर के बाहर दीपदान करना चाहिये, इससे अकाल मृत्यु के योग भी टल जाते हैं।।
दशमी तिथि को जिस व्यक्ति का जन्म होता है, वो लोग देशभक्ति तथा परोपकार के मामले में बड़े तत्पर एवं श्रेष्ठ होते हैं। देश एवं दूसरों के हितों के लिए ये सर्वस्व न्यौछावर करने को भी तत्पर रहते हैं। इस तिथि में जन्म लेनेवाले जातक धर्म-अधर्म के बीच के अन्तर को अच्छी तरह समझते हैं और हमेशा धर्म पर चलने वाले होते हैं।।

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