कलेक्टर ने ढीमरखेड़ा, सिलौड़ी व उमरियापान के कॉलेज भवनों के निर्माण की गुणवत्ता में कमी पर जारी किया नोटिस

पीआईयू के संभागीय कार्यपालन यंत्री को 3 दिन के भीतर समक्ष में उपस्थित होकर जवाब देने दिया निर्देश
रिपोर्टर : सतीश चौरसिया
उमरियापान l कलेक्टर अवि प्रसाद ने ढीमरखेड़ा तहसील के अंतर्गत शासकीय महाविद्यालय ढीमरखेड़ा, सिलौंड़ी व उमरियापान महाविद्यालय के भवनों के क्षतिग्रस्त होने की स्थिति के लिए परियोजना क्रियान्वयन इकाई लोक निर्माण विभाग के संभागीय कार्यपालन यंत्री को कारण बताओ नोटिस जारी कर तीन दिवस के भीतर समक्ष में उपस्थित होकर जवाब प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं।
ढीमरखेड़ा तहसील के अंतर्गत ढ़ीमरखेड़ा, सिलौड़ी और उमरियापान के कालेजों का भवन 3 वर्ष पूर्व 2021-22 में निर्माण एजेंसी पीआईयू द्वारा बनवाया गया था। लेकिन भवन अल्पावधि में ही कई जगह से क्षतिग्रस्त हो गया। इस संबंध में मिली शिकायत के बाद कलेक्टर अवि प्रसाद द्वारा गठित जांच समिति को महाविद्यालयों के भवन निर्माण कार्य की गुणवत्ता में कई कमियां मिलीं।
कलेक्टर अवि प्रसाद को जांच समिति द्वारा सौंपे गए प्रतिवेदन में तीनों कालेजों के भवनों के निर्माण गुणवत्ता में कई कमियां इंगित की गई है। जैसे उमरियापान महाविद्यालय के भवन की छत में कुछ स्थानों में क्रेक्स है। जिससे वर्षा ऋतु में पानी का रिसाव होता है। कई स्थानों पर टाइल्स भी निकल रहे हैं और खिड़कियां -दरवाजों की गुणवत्ता संतोषजनक नहीं है। इसी प्रकार ढीमरखेड़ा कॉलेज के नवीन भवन के कुछ स्थानों में क्रेक्स है, जिसे ठेकेदार द्वारा ठीक कराया गया है तथा भवन के कैंपस में बनाई गई सीसी रोड की गुणवत्ता सही नहीं है। जिसमें अभी से स्केलिंग हो गई और ऊपरी सतह खराब हो रही है।
इसी प्रकार से सिलौड़ी कॉलेज के नवीन भवन के अधिकांश भाग में प्लिंथ के ऊपर लगभग 60 सेंटीमीटर ऊंचाई से दीवारों में प्लास्टर झड़ रहा है। ग्राउंड फ्लोर में गर्ल्स टॉयलेट के दरवाजे क्षतिग्रस्त हो गए हैं। भवन में अधिकांश टॉयलेट के सिस्टम काम नहीं कर रहे हैं। साइंस लैब के कक्ष में सिंक एवं बासबेसिन में दिक्कत है। साइकिल स्टैंड में रैंप नहीं बनाया गया है। भवन की कक्षा में लगाने हेतु एग्जास्ट फैन रखे हैं लेकिन लगाये नहीं गए हैं। इसके अलावा भी कई विसंगतियां हैं।
कलेक्टर अवि प्रसाद द्वारा जारी कारण बताओ नोटिस में उल्लेखित किया गया है कि इन तीनों कॉलेजों के भवन निर्माण कार्यों में गंभीर लापरवाही बरती जाकर शासकीय धन का अपव्यय किया गया है। जो गंभीर अनियमितता और कदाचरण की श्रेणी में आता है। इन सबके मद्देनजर कलेक्टर अवि प्रसाद ने कार्यपालन यंत्री पीआईयू लोक निर्माण विभाग को कारण बताओ नोटिस जारी कर तीन दिवस के भीतर जवाब देने के निर्देश दिए हैं।



