मध्य प्रदेश

डैम का बैकवाटर बढ़ा, माला-बरखेड़ी-गोपालपुर मार्ग पर दो फिट तक पानी

डैम के गेट बंद होते ही बढ़ा बैकवाटर, माला-बरखेड़ी-गोपालपुर मार्ग बंद होने की कगार पर
माला फाटक पुल की एप्रोच पर दो फीट तक पानी, 2-3 दिन में रास्ता बंद होने की संभावना; जगदीश मंदिर तक 8-10 दिन में पहुंच सकता है पानी,बेरखेड़ी बीना नदी का पुल हुआ चालू अब निकल सकेंगे भारी वाहन
ब्यूरो चीफ :शब्बीर अहमद
बेगमगंज। डैम के गेट बंद होने के बाद जलभराव का असर अब आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों के रास्तों पर दिखाई देने लगा है। बेगमगंज से माला, बरखेड़ी, गोपालपुर और चंदोरिया जाने वाले मार्ग पर बैकवाटर तेजी से बढ़ रहा है। माला फाटक पुल के दोनों ओर की एप्रोच पर करीब दो फीट तक पानी जमा हो गया है। यदि जलस्तर इसी गति से बढ़ता रहा तो अगले दो-तीन दिनों में इस मार्ग पर आवागमन पूरी तरह बंद होने की संभावना है।
ग्रामीणों के अनुसार डैम के गेट बंद होने के बाद लगातार पानी रुकने से बैकवाटर क्षेत्र बढ़ रहा है। वर्तमान में करीब 45 फीसदी पानी ही जमा हो पाया है, जबकि इस बार करीब 70 फीसदी पानी रोकने का लक्ष्य रखा गया था। हालांकि बीना नदी पर बरखेड़ी-बरामदगढ़ी पुल का निर्माण बारिश से पहले पूरा नहीं हो पाने के कारण इस बार डैम में करीब 50 फीसदी तक ही पानी जमा होने की संभावना जताई जा रही है। अभी विगत तीन चार दिन पहले निर्माण एजेंसी द्वारा मुरम डालकर पुल चालू कर दिया है। जिससे अब यहां से भरी वाहन और आवागमन सुचारू रूप से संचालित हो सकेगा।
माला फाटक की एप्रोच पर बढ़ा पानी
जलस्तर बढ़ने के साथ माला फाटक पुल के दोनों तरफ बनी एप्रोच पर पानी तेजी से भर रहा है। वर्तमान में करीब दो फीट तक पानी जमा होने से दोपहिया और छोटे वाहनों के लिए आवागमन दो तीन दिन बाद मुश्किल हो गया है। ग्रामीणों का कहना है कि पानी इसी तरह बढ़ता रहा तो दो-तीन दिन में सड़क पूरी तरह जलमग्न हो सकती है
जगदीश मंदिर रोड तक भी पहुंचेगा पानी
बैकवाटर का दायरा लगातार बढ़ने के कारण जगदीश मंदिर रोड पर भी पानी पहुंच गया है। अनुमान है कि यदि जलस्तर बढ़ने की यही स्थिति रही तो अगले 8 से 10 दिनों में पानी जगदीश मंदिर तक पहुंच सकता है।
पिछले साल सिर्फ 33% पानी ही रोका था
ग्रामीणों के मुताबिक पिछले वर्ष डैम में करीब 33 फीसदी पानी ही रोका गया था। इस बार अधिक पानी रोकने की तैयारी के चलते बैकवाटर क्षेत्र में जलस्तर पिछले वर्ष की तुलना में अधिक बढ़ने की संभावना है।

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