धार्मिकमध्य प्रदेश

स्लीमनाबाद में गूंजा ‘जय श्रीराम’ का जयघोष, 500 बजरंगियों ने लिया त्रिशूल दीक्षा का संकल्प

संतों के सानिध्य में हुआ विशाल आयोजन, बजरंग दल के राष्ट्रीय संयोजक किशन प्रजापत सहित प्रांत व जिला पदाधिकारी रहे मौजूद — नगर में निकला भव्य शौर्य संचलन
रिपोर्टर: सतीश चौरसिया
उमरियापान। विश्व हिंदू परिषद बजरंग दल हरिदासपुर प्रखंड स्लीमनाबाद के तत्वावधान में शुक्रवार को आस्था मैरिज गार्डन में विशाल त्रिशूल दीक्षा एवं शौर्य संचलन कार्यक्रम का आयोजन किया गया। संतों के सानिध्य एवं संगठन के वरिष्ठ पदाधिकारियों की मौजूदगी में आयोजित इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में बजरंग दल के कार्यकर्ता शामिल हुए। कार्यक्रम के दौरान करीब 500 कार्यकर्ताओं ने त्रिशूल दीक्षा लेकर समाज, राष्ट्र और सनातन संस्कृति की सेवा-सुरक्षा का संकल्प लिया।
कार्यक्रम में बजरंग दल के राष्ट्रीय संयोजक किशन प्रजापत सहित विश्व हिंदू परिषद-बजरंग दल के प्रांत, जिला एवं प्रखंड स्तर के पदाधिकारी मौजूद रहे। संतों के आशीर्वचन और पदाधिकारियों के मार्गदर्शन के बीच कार्यकर्ताओं में उत्साह देखने को मिला। पूरे कार्यक्रम स्थल पर जय श्रीराम के जयघोष गूंजते रहे।
संतों के सानिध्य में हुआ कार्यक्रम
आस्था मैरिज गार्डन में आयोजित कार्यक्रम में संत शिरोमणि ब्रह्मानंद दास जी महाराज सहित संतों ने कार्यकर्ताओं को संबोधित किया। संत शिरोमणि ब्रह्मानंद दास जी महाराज ने अपने संबोधन में “संघे शक्तिः कलौ युगे” का उल्लेख करते हुए कहा कि कलियुग में संगठन में ही शक्ति है। उन्होंने कार्यकर्ताओं से संगठन की शक्ति को अनुशासन और सकारात्मक कार्यों में लगाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि संगठन को अपनी शक्ति का दुरुपयोग नहीं करना है, बल्कि आवश्यकता पड़ने पर उसका शांतिपूर्ण और अनुशासित रूप से प्रदर्शन करना है। महाराज ने सेवा, संस्कार, सामाजिक समरसता और संगठन की मजबूती सहित विभिन्न विषयों पर कार्यकर्ताओं का मार्गदर्शन किया।
शास्त्र के साथ शस्त्र ज्ञान की आवश्यकता पर दिया जोर
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए बजरंग दल के राष्ट्रीय संयोजक किशन प्रजापत ने कहा कि आज समाज को शास्त्रों के ज्ञान के साथ-साथ शस्त्रों के ज्ञान की भी आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि त्रिशूल दीक्षा केवल धार्मिक प्रतीक धारण करने का कार्यक्रम नहीं, बल्कि अनुशासन, सेवा और समाज की सुरक्षा के प्रति संकल्प का प्रतीक है।
उन्होंने कार्यकर्ताओं से समाज की बहन-बेटियों की सुरक्षा, राष्ट्र की रक्षा और सनातन संस्कृति के संरक्षण के लिए सदैव सजग रहने का आह्वान किया। अपने संबोधन में उन्होंने सामाजिक समरसता, सेवा, सुरक्षा और संस्कार जैसे विषयों पर विस्तार से प्रकाश डालते हुए कार्यकर्ताओं का मार्गदर्शन किया।
जय श्रीराम के जयघोष से गूंजा स्लीमनाबाद
कार्यक्रम के पश्चात आस्था मैरिज गार्डन से भव्य शौर्य संचलन निकाला गया। संचलन मुख्य मार्ग से होते हुए बहोरीबंद मोड़ पहुंचा, जहां से निर्धारित मार्ग से आगे बढ़ते हुए मस्जिद के पास से होकर स्लीमनाबाद तिराहे की ओर निकला। इसके बाद शौर्य संचलन का समापन पुनः स्लीमनाबाद तिराहे पर किया गया।
शौर्य संचलन के दौरान बड़ी संख्या में कार्यकर्ता अनुशासित रूप से शामिल हुए। पूरे मार्ग में जय श्रीराम के जयघोष गूंजते रहे। मार्ग में लोगों ने संचलन को उत्सुकता से देखा। सुरक्षा एवं यातायात व्यवस्था को लेकर पुलिस प्रशासन भी मौजूद रहा।
त्रिशूलधारी बजरंगियों को दिलाई शपथ
शौर्य संचलन के समापन के बाद प्रांत पदाधिकारियों द्वारा त्रिशूल दीक्षा लेने वाले बजरंगियों को संकल्प एवं शपथ दिलाई गई। कार्यकर्ताओं ने संगठन के उद्देश्यों, समाज की सेवा, सुरक्षा, संस्कार और सनातन संस्कृति के संरक्षण के प्रति प्रतिबद्धता व्यक्त की।
कार्यक्रम के दौरान संतों, राष्ट्रीय एवं प्रांतीय पदाधिकारियों के साथ जिला एवं प्रखंड स्तर के पदाधिकारी तथा बड़ी संख्या में कार्यकर्ता मौजूद रहे। पूरे आयोजन को लेकर स्लीमनाबाद एवं आसपास के क्षेत्रों में बजरंग दल कार्यकर्ताओं में उत्साह देखने को मिला।
कार्यक्रम का समापन संगठन, सेवा, सुरक्षा, संस्कार और सामाजिक समरसता के संदेश के साथ हुआ

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