बैंक ऑफ इंडिया और किओस्क संचालक को हितग्राही को राशि देने का आदेश

ब्यूरो चीफ : भगवत सिंह लोधी
दमोह । जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग दमोह के अध्यक्ष एवं सदस्य ने बैंक ऑफ इंडिया दमोह और कियोस्क संचालक दीपक जैन को हितग्राही के कुटीर की राशि प्राप्त ना होने का बैंक ऑफ इंडिया एवं कियोस्क संचालक को जिम्मेदार मानते हुए कुटीर की राशि हितग्राही को देने का आदेश पारित किया है। आदेश के संबंध में परिवादी के अधिवक्ता अजय बाजपेई ने बताया कि परिवादी का कुटीर बनाने के लिए 40000 की किस्त आई थी तथा परिवादी द्वारा 10000-10000 की राशि 2 बार आहरित की गई एवं परिवादी जब पुनः शेष राशि आहरित करने किओस्क सेंटर गया तो किओस्क सेंटर के संचालक दीपक जैन द्वारा बताया गया कि परिवादी जनधन खाते में राशि शेष नहीं है जिस के संदर्भ में परिवादी ने बैंक ऑफ इंडिया में आवेदन दिया कियोस्क संचालक से भी जानकारी चाहिए परंतु दोनों ने कोई स्पष्ट उत्तर नहीं दिया जिससे व्यथित होकर परिवादी ने न्यायालय श्रीमान जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग दमोह में परिवाद प्रस्तुत किया। माननीय आयोग ने आदेश में लेख किया कि धोखाधड़ी से राशि निकाली गई है तो वह बैंक प्रक्रिया की विश्वसनीयता पर संदेह प्रकट करता है और बैंक का यह दायित्व है कि इस प्रकार के संदेह जनक व्यवहार के संबंध में विस्तृत जांच कराएं क्योंकि कि उसका डाटा भी बैंक में ही आता है एवं किओस्क जिसका नियंत्रण बैंक के पास है से यह राशि निकाला जाना बताया गया है ऐसी स्थिति में बैंक प्रक्रिया राशि निकाले जाने के संबंध में त्रुटिपूर्ण प्रतीत होती है और दोष रहित सेवा बैंक की ओर संचालन के संबंध में परिवादी को प्रदान ना करके सेवा में कमी की गई है। माननीय आयोग द्वारा किओस्क संचालक से सेवा की कमी में 1000 मानसिक त्रास के लिए 5000 तथा परिवाद व्यय 3000 का 50 प्रतिशत अदा करने का आदेश पारित किया गया एवं बैंक ऑफ इंडिया को पूर्ण व्यवहार के कारण निकाली गई 20000 एक माह में अदा करने का आदेश पारित किया गया।



