मध्य प्रदेश

यह कैसा अमृत महोत्सव जिसमें ग्रामीण क्षेत्रों के गाँव आज भी अंधकार में

रिपोर्टर : विनोद साहू
बाड़ी। रायसेन जिले की भोजपुर विधानसभा क्षेत्र वैसे तो मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री स्वर्गीय सुंदरलाल पटवा जी की कर्मभूमि रही उनके बाद उनके दत्तक पुत्र सुरेन्द्र पटवा तीन पंचवर्षीय से भोजपुर क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करते आ रहे हैं .लेकिन उनकी ही विधानसभा में सिंघोरी अभ्यारण क्षेत्र में आने वाले आदिवासी बहुल क्षेत्र में जिसमें राजस्व गाँव भी शामिल हैं उनमें रहबासियों ने आज तक बिजली के होल्डर कैसे होते हैं यह देखने को तरस रहे हैं।
क्षेत्र में नवोदित नेता के अथक प्रयासों से क्या क्षेत्र में पहुँचेंगे बिजली ।
भाजपा के शीर्ष नेतृत्व का साथ उठने बैठने वाले क्षेत्र के ही नेता गणेश मालवीय जो वर्तमान में राष्ट्रीय महा संपर्क अभियान के प्रदेश संयोजक हैं वह भोजपुर विधानसभा में विगत एक बर्ष से अधिक समय से क्षेत्र में सक्रियता के साथ गाँव गाँव अपनी पैठ बना रहे और जो संभव हो वह उनकी समस्याओं का निराकरण भी उच्च स्तर से कराने में सफलता पा रहे हैं ।
बाड़ी तहसील के दस गाँव होगे रोशन।
ग्रामीण क्षेत्रों के दौरे के समय गणेश मालवीय अपनी टीम के साथ बाड़ी तहसील के अंतर्गत आने वाले सिंघोरी अभ्यारण्य व राजस्व गाँवों में बिजली के पोल तक नहीं पहुँचने की बात सामने आई और उन्होंने अपने प्रयासों से बिजली विभाग से इन गाँवों को बिजली पहुँचाने की विभागीय स्वीकृति प्रस्ताव पास करा दिया
दस गांवों में दो करोड़ पैंतालीस लाख रुपए की लागत से लगभग 43 किलोमीटर लंबी बिजली लाइन बिछाने की स्वीकृति प्रस्तावित कर दी है।
भोजपुर विधानसभा के आदिवासी बाहुल्य डगडगा, पन झिरपा, डूंडादेह, खैरी चौका, चमरिया खमरिया, जैतपुर, सजोली, काला झोरा, नीलगढ़ और धुंधवानी गांव आजादी के 75 साल बाद उजाले से जगमगाने की आस ग्रामबासियों में जाग उठी ।
नीलगढ़ की मथुरा बाई चीचाम, जैतपुर के नेपालसिंह धुर्वे और दिनेश इमने बताते है कि पहले हम ग्रामीण आदिवासियों की सुध लेने वाला कोई नहीं था। विधायक सांसद सहित सभी नेता सिर्फ आश्वासन देते रहे लेकिन बिजली नहीं ला सके।
नीलगढ़ के ग्राम मुकद्दम भगवत सिंह भल्लावी, चैन सिंह भल्लावी और जैतपुर के हरनाम सिंह ने बताया कि बिजली आने की खबर से सभी आदिवासी ग्रामीण बहुत खुश हैं।

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