मध्य प्रदेश

स्वास्थ्य सेवाओं की खुली पोल: उप स्वास्थ्य केन्द्र के बाहर खुले में प्रसव पीड़ा से तड़पती महिला की डिलेवरी

ब्यूरो चीफ : भगवत सिंह लोधी
दमोह । जिले के बटियागढ़ ब्लॉक के अंतर्गत आने वाले अजब धाम फतेहपुर में स्वास्थ्य सेवाओं की बदहाली का एक झकझोर देने वाला मामला सामने आया है। स्वास्थ्य विभाग की उदासीनता के चलते एक प्रसूता को उप स्वास्थ्य केन्द्र के बाहर खुले में डिलेवरी करानी पड़ी, क्योंकि अस्पताल पर ताला जड़ा हुआ था और वहां कोई भी चिकित्सीय स्टाफ मौजूद नहीं था। प्राप्त जानकारी के अनुसार, शाम करीब चार बजे मंजो भील पत्नी मादेश भील (निवासी फुरताल सादपुर) प्रसव पीड़ा होने पर अजब धाम फतेहपुर स्थित स्वास्थ्य केंद्र पहुंची थीं। लेकिन अस्पताल पहुंचने पर उन्हें वहां ताला लटका मिला और कोई भी स्टाफ नहीं मिला। परिजनों के अनुसार, यहां पदस्थ एएनएम कमला अहिरवार के 31 जुलाई 2026 को सेवानिवृत्त होने के बाद से अस्पताल में न तो कोई डॉक्टर है और न ही कोई एएनएम या आशा कार्यकर्ता तैनात है। अस्पताल में ताला बंद होने और घंटों इंतजार के बाद भी जब कोई मदद नहीं मिली, तो प्रसूता दर्द से बुरी तरह तड़पने लगी। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए आसपास की स्थानीय महिलाओं ने मानवता का परिचय दिया और अस्पताल के बाहर ही साड़ियों का घेरा बनाकर किसी तरह प्रसव कराया। खुले में प्रसव के बाद नवजात बच्ची की स्थिति ठीक नहीं थी, जिससे डरे-सहमे परिजन आनन- फानन में जच्चा और बच्चा को एक निजी वाहन से हटा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले गए। ग्रामीणों का आरोप है कि लगभग आठ महीने पहले ही इस सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र का लोकार्पण स्वतंत्र प्रभार मंत्री द्वारा किया गया था, लेकिन आज तक यह अस्पताल सुचारू रूप से शुरू नहीं हो सका है। अजब धाम फतेहपुर और आसपास के दर्जनों गांवों के ग्रामीण इलाज और प्रसव के लिए इसी केंद्र पर निर्भर हैं, लेकिन स्टाफ न होने के कारण उन्हें भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों और परिजनों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही इस स्वास्थ्य केंद्र पर डॉक्टर और स्टाफ की तैनाती नहीं की गई, तो भविष्य में किसी बड़ी अनहोनी से इंकार नहीं किया जा सकता। अब देखना यह होगा कि शासन-प्रशासन इस गंभीर मामले पर कब संज्ञान लेता है या किसी बड़ी दुर्घटना का इंतजार करता है।

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