आज का पंचांग आज का पंचांग मंगलवार, 23 जनवरी 2024
आचार्य श्री गोपी राम (ज्योतिषाचार्य) जिला मुख्यालय हरियाणा मो. 9812224501
✦••• जय श्री हरि •••✦
🧾 आज का पंचाग 🧾
मंगलवार 23 जनवरी 2024
23 जनवरी 2024 दिन मंगलवार को भौम प्रदोष का पावन व्रत है। आज के इस प्रदोष के बारे में लिखा है:- ऋणापकर्णाय श्रेयस्करम्। अर्थात कैसा भी कर्ज हो आज के प्रदोष को अगर शिवलिंग पर शहद का लेपन इसी संकल्प के साथ किया जाय तो सभी प्रकार के कर्ज की निवृत्ति हो जाती है। आज परम सम्माननीय नेताजी सुभाष चन्द्रबोस जी की जन्म जयन्ती है। आज भौमे-जया से सिद्धयोग की नि:ष्पत्ति हो रही है। आप सभी सनातनियों को “नेताजी सुभाष चन्द्रबोस जी के जन्म जयन्ती” की हार्दिक शुभकामनायें।।
हनुमान जी का मंत्र : हं हनुमते रुद्रात्मकाय हुं फट् ।
🌌 दिन (वार) – मंगलवार के दिन क्षौरकर्म अर्थात बाल, दाढ़ी काटने या कटाने से उम्र कम होती है। अत: इस दिन बाल और दाढ़ी नहीं कटवाना चाहिए ।
मंगलवार को हनुमान जी की पूजा और व्रत करने से हनुमान जी प्रसन्न होते है। मंगलवार के दिन हनुमान चालीसा एवं सुन्दर काण्ड का पाठ करना चाहिए।
मंगलवार को यथासंभव मंदिर में हनुमान जी के दर्शन करके उन्हें लाल गुलाब, इत्र अर्पित करके बूंदी / लाल पेड़े या गुड़ चने का प्रशाद चढ़ाएं । हनुमान जी की पूजा से भूत-प्रेत, नज़र की बाधा से बचाव होता है, शत्रु परास्त होते है।
🔮 शुभ हिन्दू नववर्ष 2023 विक्रम संवत : 2080 नल, शक संवत : 1945 शोभन
🌐 संवत्सर नाम अनला
🔯 शक सम्वत : 1945 (शोभकृत् संवत्सर)
☸️ काली सम्वत् 5124
🕉️ संवत्सर (उत्तर) पिंगल
☣️ आयन – उत्तरायण
☀️ ऋतु – सौर शिशर ऋतु
🌥️ मास – पौष मास
🌖 पक्ष – शुक्ल पक्ष
📆 तिथि – मंगलवार पौष माह के शुक्ल पक्ष त्रयोदशी तिथि 08:39 PM तक उपरांत चतुर्दशी
📝 तिथि स्वामी – त्रयोदशी तिथि के देवता हैं त्रयोदशी और शिव। त्रयोदशी में कामदेव की पूजा करने से मनुष्य उत्तम भार्या प्राप्त करता है।
💫 नक्षत्र – नक्षत्र आद्रा 06:26 AM तक उपरांत पुनर्वसु
🪐 नक्षत्र स्वामी – आर्द्रा नक्षत्र का स्वामी राहु है। यह नक्षत्र उत्तर दिशा का स्वामी है। आद्रा के प्रथम चरण व चौथे चरण का स्वामी गुरु, तो द्वितीय व तृतीय चरण का स्वामी शनि है।
🔕 योग – इन्द्र योग 08:04 AM तक, उसके बाद वैधृति योग
⚡ प्रथम करण : कौलव – 08:12 ए एम तक
✨ द्वितीय करण : तैतिल – 08:39 पी एम तक गर
🔥 गुलिक काल : मंगलवार का गुलिक दोपहर 12:06 से 01:26 बजे तक।
🤖 राहुकाल (अशुभ) – दोपहर 15:13 बजे से 16:35 बजे तक। राहु काल में शुभ कार्य करना वर्जित माना गया है।
⚜️ दिशाशूल – मंगलवार को उत्तर दिशा की यात्रा नहीं करनी चाहिये, यदि अत्यावश्यक हो तो कोई गुड़ खाकर यात्रा कर सकते है।
🌞 सूर्योदयः- प्रातः 06:39:00
🌅 सूर्यास्तः- सायं 05:21:00
👸🏻 ब्रह्म मुहूर्त : 05:27 ए एम से 06:20 ए एम
🌇 प्रातः सन्ध्या : 05:53 ए एम से 07:13 ए एम
🌟 अभिजित मुहूर्त : 12:12 पी एम से 12:54 पी एम
✡️ विजय मुहूर्त : 02:19 पी एम से 03:02 पी एम
🐃 गोधूलि मुहूर्त : 05:50 पी एम से 06:17 पी एम
🌃 सायाह्न सन्ध्या : 05:52 पी एम से 07:12 पी एम
💧 अमृत काल : 07:50 पी एम से 09:31 पी एम
🗣️ निशिता मुहूर्त : 12:06 ए एम, जनवरी 24 से 12:59 ए एम, जनवरी 24
❄️ रवि योग : 07:13 ए एम से 06:26 ए एम, जनवरी 24
🚓 यात्रा शकुन-दलिया का सेवन कर यात्रा पर निकलें।
👉🏽 आज का मंत्र-ॐ अं अंगारकाय नम:।
🤷🏻♀️ आज का उपाय-हनुमान जी मंदिर में बूंदी के लड्डू चढ़ाएं।
🪵 वनस्पति तंत्र उपाय- खैर के वृक्ष में जल चढ़ाएं।
⚛️ पर्व एवं त्यौहार – भौम प्रदोष/रवियोग/ पराक्रम दिवस, राष्ट्रीय पाई दिवस, देशप्रेम दिवस, भारतीय स्वतंत्रता सेनानी नेताजी सुभाषचंद्र बोस जन्म जयन्ती, अनीता बेकर जन्म दिवस, चिता रिवेरा जन्म दिवस, मारिस्का हरजीत जन्म दिवस, पीटर मैकेंज़ी जन्म दिवस, रॉबिन ज़ेंडर जन्म दिवस, टिफ़नी थीसेन जन्म दिवस, भारतीय कांतिकारी नरेंद्र मोहन सेन शहीद दिवस, भारतीय स्वतंत्रता सेनानी वीर सुरेन्द्र साई जयन्ती, कुष्ठ निवारण अभियान दिवस।
✍🏼 विशेष:- त्रयोदशी तिथि को बैंगन त्याज्य होता है। अर्थात आज त्रयोदशी तिथि में भूलकर भी बैंगन की सब्जी या भर्ता नहीं खाना चाहिए। त्रयोदशी तिथि जयकारी अर्थात विजय दिलवाने वाली तिथि मानी जाती है। यह त्रयोदशी तिथि सर्वसिद्धिकारी अर्थात अनेकों क्षेत्रों में सिद्धियों को देनेवाली तिथि मानी जाती है। यह त्रयोदशी तिथि जया नाम से विख्यात मानी जाती है। यह त्रयोदशी तिथि शुक्ल पक्ष में शुभ और कृष्ण पक्ष में अशुभ फलदायिनी होती है।
🏘️ Vastu tips 🏚️
दिव्य प्राणियों के साथ साझा करें:प्रतिदिन तैयार होने वाले भोजन में से एक हिस्सा गाय, कौए और कुत्ते के लिए रखें। माना जाता है कि इस प्रथा से घर-परिवार में सुख-शांति बनी रहती है।
वैवाहिक सौहार्द के लिए सुंदरकांड का पाठ करें: सुन्दरकाण्ड के नित्य पाठ से दाम्पत्य जीवन में कलह दूर होती है। ऐसा माना जाता है कि यह ज्योतिषीय उपाय परेशानियों को कम करता है और वैवाहिक रिश्ते में खुशहाली लाता है।
हर कोई अपने घर-परिवार में सुख, शांति और समृद्धि की चाहत रखता है। काफ़ी प्रयास करने के बावजूद, रोज़मर्रा के झगड़ों और विवादों के कारण व्यक्ति निराश और परेशान महसूस कर सकता है। ऐसी चुनौतीपूर्ण स्थितियों में, ज्योतिषीय उपाय अपनाने से पारिवारिक परेशानियों को कम करने का समाधान मिल सकता है। आज हम इस लेख के माध्यम से आपको कुछ ऐसे उपायों के बारे मे बताएंगे जिनकी मदद से आप परिवार में हो रहे क्लेश से छुटकारा पा सकते हैं-
महिलाओं की वैवाहिक स्थिरता के लिए व्रत और पूजा:
वैवाहिक सुख में स्थिरता चाहने वाली महिलाएं गुरुवार को व्रत रख सकती हैं और अनुष्ठान कर सकती हैं। इसके अतिरिक्त, वैवाहिक जीवन में शांति के लिए भगवान बृहस्पति से प्रार्थना करने से सकारात्मक परिणाम मिल सकते हैं।
पारिवारिक सौहार्द के लिए मंत्र:
ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, “सर्वमंगलमंगल्ये शिवे सर्वार्थसाधिके, शरण्यै त्र्यम्बके गौरी नारायणी नमोस्तुते” मंत्र का प्रतिदिन जाप करने से पारिवारिक जीवन में सुख, शांति और मधुरता आती है, साथ ही कलह भी दूर होती है।
❇️ जीवनोपयोगी कुंजियां ⚜️
थकान मिटाने हेतु
ध्यान-भजन करने बैठे और थकान लगे तो क्या करे ? पलथी मार के बैठो और शरीर को चक्की कि नाई गोल घुमाओ | अनाज पीसने कि हाथ्वाली चक्की घूमती है न गोल, ऐसे थोड़ी देर घुमाओ, फिर उसकी विपरीत दिशा में भी घुमाओ |
फिर अपने-आप घूमेगा थोड़ी देर |इससे थकान मिटेगी, ताजगी आयेगी |
🩸 आरोग्य संजीवनी 💊
शरीर जकड़ा हुआ है, आमवात, जोड़ो का दर्द, घुटनों का दर्द आदि कि शिकायत ज्यादा है तो भोजन के समय 1 गिलास गुनगुना पानी रखो | उसमें अदरक के रस की 10-12 बुँदे डाल दो अथवा चौथाई ग्राम ( 1 चनाभर) सौंठ-चूर्ण मिला दो | भोजन के बीच-बीच में 2 -2 घूँट वह पानी पियो |
80 ग्राम लहसुन कि कलियाँ कूट के 100 ग्राम अरंडी के तेल में डाल दें और गर्म करें | कलियाँ जल जायें तो वह तेल उतार के रख लें | इससे घुटनों को, जोड़ों को मालिश करने से फायदा होता है |
📚 गुरु भक्ति योग 🕯️
(कल का शेष)
राम राम शुभ नाम रटि, सबखन आनंद – धाम। सहस नाम के तुल्य है, राम – नाम शुभ नाम।।
अर्थात: स्वयं भी राम नाम लेना चाहिए और दूसरों से भी ये नाम बुलवाना चाहिए। संसार मे इससे सुलभ उपाय और कुछ नही है।
अब अंत में आते हैं मूल प्रश्न पर जिसका उत्तर भी रामायण में दिया गया है। जब माता पार्वती महादेव से पूछती हैं कि आप चिता की भस्म अपने शरीर पर क्यों लगते हैं तब भगवान शंकर उन्हें श्मशान ले जाते हैं जहाँ सभी “राम नाम सत्य है” का उच्चारण कर रहे होते हैं। तब महादेव कहते हैं कि जिस निश्वर शरीर का अन्य राम नाम के साथ होता है उसी की भस्म मैं अपने शरीर पर मलता हूँ ताकि राम नाम मुझमे अंगीकार हो जाये।
ये तो हुआ महादेव द्वारा राम नाम की महिमा का बखान, अब जाते जाते श्रीराम द्वारा शिव नाम की महिमा भी सुन लें। वैसे तो श्रीराम के आराध्य भगवान शंकर ही थे और रामायण में शिव नाम की बहुत महिमा बताई गई है और इसके लिए रामायण और रामचरितमानस में कई प्रसंग हैं। किन्तु यदि आप मानस में श्रीराम द्वारा कहे गए इस एक दोहे को पढ़ लेंगे तो श्रीराम के लिए शिव नाम की महत्ता आपकी समझ में आ जाएगी
शिव द्रोही मम दास कहावा। सो नर मोहि सपनेहु नहि पावा।।
अर्थात: श्रीराम कहते हैं – जो स्वयं को मेरा भक्त कहता है किन्तु मन ही मन मे शिव से द्रोह रखता है (उन पर श्रद्धा नही रखता) वैसा मनुष्य स्वप्न में भी मुझे प्रिय नही हो सकता।
जो राम हैं वही शिव हैं। यदि आप राम नाम लेते हैं तो शिव नाम का फल स्वतः ही आपको प्राप्त हो जाता है और यदि आप शिव का स्मरण करते हैं तो राम नाम का पुण्य भी आपको मिलता है। जो इन दोनों में अंतर करता है वो निश्चय ही सत्य से अनभिज्ञ है।
समाप्ति
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⚜️ त्रयोदशी तिथि के देवता मदन (कामदेव) हैं। शास्त्रानुसार भगवान कृष्ण और रुक्मिणी के पुत्र हैं भगवान कामदेव। कामदेव प्रेम और आकर्षण के देवता माने जाते हैं। जिन पुरुषों अथवा स्त्रियों में काम जागृत नहीं होता अथवा अपने जीवन साथी के प्रति आकर्षण कम हो गया है, उन्हें आज के दिन भगवान कामदेव का उनकी पत्नी रति के साथ पूजन करके उनके मन्त्र का जप करना चाहिये। कामदेव का मन्त्र – ॐ रतिप्रियायै नम:। अथवा – ॐ कामदेवाय विद्महे रतिप्रियायै धीमहि। तन्नो अनंग: प्रचोदयात्।
आज की त्रयोदशी तिथि में सपत्निक कामदेव की मिट्टी कि प्रतिमा बनाकर सायंकाल में पूजा करने के बाद उपरोक्त मन्त्र का जप आपका वर्षों का खोया हुआ प्रेम वापस दिला सकता है। आपके चेहरे की खोयी हुई कान्ति अथवा आपका आकर्षण आपको पुनः प्राप्त हो सकता है इस उपाय से। जो युवक-युवती अपने प्रेम विवाह को सफल बनाना चाहते हैं उन्हें इस उपाय को करना चाहिये। जिन दम्पत्तियों में सदैव झगडा होते रहता है उन्हें अवश्य आज इस उपाय को करना चाहिये।


