ज्योतिष

आज का पंचांग आज का पंचांग शुक्रवार, 09 फरवरी 2024

आचार्य श्री गोपी राम (ज्योतिषाचार्य) जिला मुख्यालय हरियाणा मो. 9812224501
✦••• जय श्री हरि •••✦
🧾 आज का पंचाग 🧾
शुक्रवार 09 फरवरी 2024

09 फरवरी 2024 : दिन शुक्रवार को माघ मास के कृष्ण पक्ष का चतुर्दशी एवं अनुदय से अमावस्या तिथि है। आज स्नान-दान एवं श्राद्धादी की पुण्यतमा अमावस्या है। इस अमावस्या को मौनी अमावस्या भी कहा जाता है। आज सामान्यतया मनुष्य को मौन व्रत का पालन करना चाहिये। श्रवण नक्षत्र-व्यतिपात योग से युक्त यह अमावस्या अति ही पुण्यफलदा है। प्रयाग में त्रिवेणी संगम अथवा काशी के दशाश्वमेध या फिर पश्चिम दिशा में प्रवाहित होनेवाली गंगा की धारा में स्नान करना सर्वोत्तम माना गया है। इस अमावस्या को उड़ीसा में त्रिवेणी अमावस्या भी कहा जाता है। आप सभी सनातनियों को “मौनी अमावस्या या त्रिवेणी अमावस्या” की हार्दिक शुभकामनायें।।
ॐ श्री महालक्ष्म्यै च विद्महे विष्णु पत्न्यै च धीमहि तन्नो लक्ष्मी प्रचोदयात् ॐ॥
🌌 दिन (वार) – शुक्रवार के दिन दक्षिणावर्ती शंख से भगवान विष्णु पर जल चढ़ाकर उन्हें पीले चन्दन अथवा केसर का तिलक करें। इस उपाय में मां लक्ष्मी जल्दी प्रसन्न हो जाती हैं।
शुक्रवार के दिन नियम पूर्वक धन लाभ के लिए लक्ष्मी माँ को अत्यंत प्रिय “श्री सूक्त”, “महालक्ष्मी अष्टकम” एवं समस्त संकटो को दूर करने के लिए “माँ दुर्गा के 32 चमत्कारी नमो का पाठ” अवश्य ही करें ।
शुक्रवार के दिन माँ लक्ष्मी को हलवे या खीर का भोग लगाना चाहिए ।
शुक्रवार के दिन शुक्र ग्रह की आराधना करने से जीवन में समस्त सुख, ऐश्वर्य की प्राप्ति होती है, दाम्पत्य जीवन सुखमय होता है बड़ा भवन, विदेश यात्रा के योग बनते है।
🔮 शुभ हिन्दू नववर्ष 2023 विक्रम संवत : 2080 नल, शक संवत : 1945 शोभन
🌐 संवत्सर नाम अनला
🔯 शक सम्वत : 1945 (शोभकृत् संवत्सर)
☸️ काली सम्वत् 5124
🕉️ संवत्सर (उत्तर) पिंगल
☣️ आयन – उत्तरायण
☀️ ऋतु – सौर शिशर ऋतु
⛈️ मास – माघ मास
🌑 पक्ष – कृष्ण पक्ष
📆 तिथि – शुक्रवार माघ माह के कृष्ण पक्ष चतुर्दशी तिथि 08:02 AM तक उपरांत अमावस्या तिथि 04:28 AM तक उपरांत प्रतिपदा
✏️ तिथि स्वामी : अमावस्या तिथि के देवता हैं अर्यमा जो पितरों के प्रमुख हैं। अमावास्या में पितृगणों की पूजा करने से वे सदैव प्रसन्न रहते हैं।
💫 नक्षत्र – नक्षत्र श्रवण 11:29 PM तक उपरांत धनिष्ठा
🪐 नक्षत्र स्वामी – श्रवण नक्षत्र का स्वामी शनि ग्रह है। श्रवण नक्षत्र भगवान विष्णु द्वारा शासित है और इसका स्वामी ग्रह चंद्र हैं।
🔕 योग – व्यातीपात योग 07:06 PM तक, उसके बाद वरीयान योग
प्रथम करण : शकुनि – 08:02 ए एम तक
द्वितीय करण : चतुष्पाद – 06:17 पी एम तक नाग – 04:28 ए एम, फरवरी 10 तक
🔥 गुलिक काल : – शुक्रवार को शुभ गुलिक प्रात: 7:30 से 9:00 तक ।
⚜️ दिशाशूल – शुक्रवार को पश्चिम दिशा का दिकशूल होता है।यात्रा, कार्यों में सफलता के लिए घर से दही में चीनी या मिश्री डालकर उसे खाकर जाएँ ।
🤖 राहुकाल -दिन – 10:30 से 12:00 तक राहु काल में कोई भी शुभ कार्य नहीं करना चाहिए |
🌞 सूर्योदयः- प्रातः 06:390:00
🌅 सूर्यास्तः- सायं 05:30:00
👸🏻 ब्रह्म मुहूर्त : 05:21 ए एम से 06:13 ए एम
🌇 प्रातः सन्ध्या : 05:47 ए एम से 07:05 ए एम
🌟 अभिजित मुहूर्त : 12:13 पी एम से 12:58 पी एम
🔯 विजय मुहूर्त : 02:26 पी एम से 03:10 पी एम
🐃 गोधूलि मुहूर्त : 06:04 पी एम से 06:30 पी एम
🌌 सायाह्न सन्ध्या : 06:06 पी एम से 07:24 पी एम
💧 अमृत काल : 02:17 पी एम से 03:42 पी एम
🗣️ निशिता मुहूर्त : 12:09 ए एम, फरवरी 10 से 01:01 ए एम, फरवरी 10
सर्वार्थ सिद्धि योग : 07:05 ए एम से 11:29 पी एम
🚓 यात्रा शकुन-शुक्रवार को मीठा दही खाकर यात्रा पर निकलें।
👉🏽 आज का मंत्र-ॐ द्रां द्रीं द्रौं स: शुक्राय नम:।
🤷🏻‍♀️ आज का उपाय-लक्ष्मी मंदिर में सवा किलो बताशे चढ़ाएं।
🌳 वनस्पति तंत्र उपाय-गूलर के वृक्ष में जल चढ़ाएं।
⚛️ पर्व एवं त्यौहार – देवपितृकार्य अमावस्या/ दर्श अमावस्या/ मौनी अमावस्या (जैन)/ त्रिवेणी अमावस्या (उड़ीसा)/ अमावस्या प्रारंभ सुबह 08.02/ अमावस्या समाप्ति उ. रात्रि 04.28/ सर्वार्थसिद्धि योग/ चॉकलेट डे, बाबा आमटे पुण्य तिथि, लेखिका ऐलिस वाकर जन्म दिवस, स्वतंत्रता सेनानी कवि गोविंद जन्म दिवस, भारतीय वायु सेना प्रमुख दिलबाग सिंह पुण्यतिथि, अभिनेता राजीव कपूर स्मृति दिवस, स्वतन्त्रता सेनानी बालकृष्ण चापेकर स्मृति दिवस, भूतपूर्व मुख्यमंत्री बाबूभाई पटेल जन्म दिवस, सुरक्षित इंटरनेट दिवस, (फरवरी माह के दूसरे सप्ताह का दूसरा दिन)
✍🏼 विशेष – अमावस्या को मैथुन एवं प्रतिपदा को कद्दू और कूष्माण्ड के फल का दान तथा भक्षण दोनों ही त्याज्य होता है। शास्त्रों में अमावस्या तिथि को सम्भोग वर्जित तिथि बताया गया है। अमावस्या तिथि एक पीड़ाकारक और अशुभ तिथि मानी जाती है। अमावस्या तिथि पितृगणों को समर्पित तिथि है अर्थात इसके स्वामी पितृगण हैं। यह केवल कृष्ण पक्ष में ही होती है तथा अशुभ फलदायिनी मानी जाती है।
🗺️ Vastu tips 🗽
अक्सर पाया गया है कि जिन भवनों में ईशान कोण के अतिरिक्त अन्य दिशाओं में जल के स्त्रोत बनाने पर उनके स्वामियों को अनेक प्रकार से हानि उठानी पड़ती है। यूं तो ईशान कोण में जल की व्यवस्था करना शुभ माना गया है, लेकिन छत पर जल का भंडारण करने के लिए पानी की टंकी की स्थापना नैऋत्य कोण, दक्षिण या पश्चिम में करनी चाहिए, ताकि ईशान कोण भारी न हो सके। वास्तु शास्त्र में पश्चिम दिशा और दक्षिण दिशा में जल का स्त्रोत अच्छा नहीं माना जाता लेकिन पानी संग्रह करने के लिए छत के उपर टंकी आदि बनाई जा सकती है। वास्तु शास्त्र में इस प्रयोजनार्थ नैऋत्य दिशा को ‘उत्तम’ फलदायक तथा पश्चिम व दक्षिण दिशा को ‘मध्यम’ फलदायक माना गया है। वास्तुशास्त्र के अनुसार, जल बहाव एवं जल संग्रह, दोनों में अंतर न समझ पाने के कारण अक्सर लोग भूल करते हैं।
❇️ जीवनोपयोगी कुंजियां ⚜️
खाली पेट काला नमक हींग अजवाइन का पानी पीने के फायदे टॉक्सिन्स को निकालता है
खाली पेट काला नमक हींग अजवाइन का पानी शरीर से टॉक्सिन्स को बाहर निकालने में मदद करता है। ये मेटाबोलिक गतिविधियों को तेज करता है और फिर शरीर में चिपकी गंदगी को फ्लश ऑउट करने में मदद करते हैं। इसके अलावा ये फैट को पचाने में मददगार है जो कि आंतों की गति को तेज करता है।
लिवर की गति तेज करता है खाली पेट काला नमक हींग अजवाइन का पानी पीना लिवर की गति में तेजी लाता है। ये फैट को कम करता है और फैटी लिवर की समस्या में कमी लाता है। इसके अलावा ये पाचन क्रिया को तेज करता है लिवर की समस्या में कमी लाता है। इससे मोटापा भी कम होता है। तो, इन तमाम कारणों से सुबह खाली पेट काला नमक हींग अजवाइन का पानी पिएं।
🍵 आरोग्य संजीवनी 🍶
सर्द गर्म के लक्षण सर्द गर्म होते ही सबसे पहले आपको बुखार हो सकता है और फ्लू के लक्षण महसूस हो सकते हैं। इसके अलावा आपका गला सूख सकता है। बहुत ज्यादा थकान हो सकती है, सिर में दर्द समेत शरीर दर्द रह सकता है। सर्दियों में ये कफ वाली खांसी दे सकता है।
सर्दियों में सर्द गर्म से कैसे बचें सर्दियों में आप सर्द-गर्म से बचने के लिए सबसे पहले तो बहुत देर तेज धूप में बैठना बंद करें। साथ ही अगर आप धूप में बैठे तो सिर ढककर बैंठे। साथ ही धूप से उठकर तुरंत पानी न पिएं या नहाने न जाएं। इससे आप तुंरत ही सर्द-गर्म के शिकार हो जाएंगे।
सर्द गर्म का घरेलू इलाज सर्द गर्म की समस्या में दूध में शहद मिलाकर पिएं। इसके बाद आप सेब का सिरका का काढ़ा बनाकर पी सकते हैं। इसके अलावा आप हल्दी, दालचीनी और काली मिर्च का काढ़ा बनाकर पी सकते हैं। ये तमाम चीजें शरीर में गर्मी पैदा करती हैं और सर्दी-जुकाम समेत फ्लू के लक्षणों से बचाने में मदद करते हैं। तो, मौसम बदल रहा है थोड़ा बचकर रहें।
🪔 गुरु भक्ति योग 🕯️
आज हम अपनी एक ऐसी नीति के बारे में बताने जा रहे हैं जिसमें हमने कहा है कि जीवन में कुछ फैसले बहुत सोच-समझ कर लेना चाहिए। आखिर क्या है इसके पीछे की राज तो आइए जानते हैं।
कर्मायत्तं फलं पुंसां बुद्धि: कर्मानुसारिणी।
तथापि सुधियश्चार्याः सुविचार्यैव कुर्वते॥
आचार्य श्री गोपी राम ने अपने इस शास्त्रो में कर्म के बारे में बताते हुए कहते हैं कि कर्मफल व्यक्ति के कर्म के अधीन ही रहता है। मनुष्य की बुद्धि भी कर्म के अनुसार ही कार्य करती है। फिर भी ज्ञानी व्यक्ति भली-भांति सोच-समझकर ही किसी कार्य को शुरू करते हैं। अगर बिना सोचे समझे आप किसी कार्य को करेंगे तो सफलता हाथ नहीं लगेगी। किसी भी कार्य को करने से पहने उसके लिए एक अच्छी नीति बनाएं तब उस कार्य में जुट जाएं, आपको सफलता निश्चित मिलेगी।
कुछ भी करने से पहले रखें इस बात का ध्यान आचार्य श्री गोपी राम कहते हैं कि मनुष्य को उसके कर्मों के अनुसार फल मिलता है। उनका कहना है कि प्रत्येक बात को अच्छी तरह से सोच समझ कर उसका आंकलन करने के बाद ही उस कार्य पर विचार करना चाहिए। कुलमिलाकर उनका यही कहना है कि बिना-सोचे समझे एकाएक किसी भी कार्य की शुरुआत करना ठीक नहीं है। जो भी कार्य हम करने जा रहे हैं पहले उस पर गंभीरता से विचार कर लें और सही तैयारी के साथ ही उस कार्य को करने में भलाई है। जीवन में निर्णय लेना जरूरी है लेकिन उसके लिए विचार विमर्श भी करना पड़ता है। जो लोग जल्दबाजी में फैसला लेते हैं उन्हें पग-पग पर निराशा हाथ लगती है, वहीं अगर एक सटीक योजना बना कर किसी कार्य को करते हैं तो दिमांग में यह बात स्वीकार होती है कि यहा कार्य में क्यों कर रहा हूं और इसका परिणाम क्या होगा। एकबार मन किसी बात को स्वीकार कर लेता है तो कितनी बार भी निराशा हाथ लगे व्यक्ति की हिम्मत नहीं टूटती है। कहते भी हैं मन के हारे हार है, मन के जीते जीत।
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⚜️ अमावस्या को दूध का दान श्रेष्ठ माना जाता है। किसी कुआँ, तलाब, नदी अथवा बहते जल में दो-चार बूंद दूध डालने से कार्यों में आनेवाली परेशानियाँ दूर होती है। जौ दूध में धोकर नदी में प्रवाहित करने से सौभाग्य की वृद्धि होती है। इस तिथि को पीपल में जल देना परिक्रमा करना मिश्री दूध में मिलाकर अर्घ्य देना अत्यन्त शुभ फलदायी माना जाता है।
ऐसा करने से शनिदेव का प्रकोप कम होता है तथा भगवान नारायण एवं माँ लक्ष्मी कि पूर्ण कृपा प्राप्त होती है। अमावस्या को तुलसी और बिल्वपत्र नहीं तोड़ना चाहिये। आज घर की सफाई करना और कबाड़ बेचना शुभ माना जाता है। अमावस्या को भूलकर भी सम्भोग (स्त्री सहवास) नहीं करना चाहिये। घर के मन्दिर एवं आसपास के नजदीकी मन्दिर में तथा तुलसी के जड़ में सायंकाल में घी का दीपक जलाना चाहिये इससे लक्ष्मी माता प्रशन्न होती हैं।

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