आज का पंचांग सोमवार, 21 नवम्बर 2022
आचार्य श्री गोपी राम (ज्योतिषाचार्य) जिला हिसार हरियाणा मो. 9812224501
✦••• जय श्री हरि •••✦
🧾 आज का पंचाग 🧾
सोमवार 21 नवम्बर 2022
🔱 21 नवम्बर 2022 दिन सोमवार को मार्गशीर्ष कृष्ण पक्ष की द्वादशी तिथि है। आज सोमवार का प्रदोष व्रत है। आज संतान प्राप्ति हेतु दूध से रुद्राभिषेक करवाना चाहिये। आज से शुक्र देवता पश्चिम में उदित हो रहे हैं।।
महा मृत्युंजय मंत्र – ॐ त्र्यम्बकं यजामहे सुगन्धिं पुष्टिवर्धनम्। उर्वारुकमिव बन्धनान्मृत्योर्मुक्षीय माऽमृतात्।।
☄️ दिन (वार) – सोमवार के दिन क्षौरकर्म अर्थात बाल, दाढ़ी काटने या कटाने से पुत्र का अनिष्ट होता है शिवभक्ति को भी हानि पहुँचती है अत: सोमवार को ना तो बाल और ना ही दाढ़ी कटवाएं ।
सोमवार के दिन भगवान शंकर की आराधना, अभिषेक करने से चन्द्रमा मजबूत होता है, काल सर्प दोष दूर होता है।
सोमवार का व्रत रखने से मनचाहा जीवन साथी मिलता है, वैवाहिक जीवन में लम्बा और सुखमय होता है।
जीवन में शुभ फलो की प्राप्ति के लिए हर सोमवार को शिवलिंग पर पंचामृत या मीठा कच्चा दूध एवं काले तिल चढ़ाएं, इससे भगवान महादेव की कृपा बनी रहती है परिवार से रोग दूर रहते है ।
🔮 शुभ विक्रम संवत्-2079, शक संवत्-1944, हिजरी सन्-1443, ईस्वी सन्-2022
🌐 संवत्सर नाम-राक्षस
✡️ शक संवत 1944 (शुभकृत् संवत्सर)
☸️ काली सम्वत 5123
☣️ सायन – दक्षिणायन
🌦️ ऋतु – सौर हेमन्त ऋतु
🌤️ मास – मार्गशीर्ष माह
🌒 पक्ष – कृष्ण पक्ष
📆 तिथिः- एकादशी तिथि 06:07:02 बजे तक तदोपरान्त द्वादशी तिथि
✏️ तिथि स्वामीः- एकादशी तिथि के स्वामी भगवान विष्णु जी हैं तथा द्वादशी तिथि के स्वामी कामदेव जी हैं।
💫 नक्षत्रः- चित्रा 24:14:50 तक तदोपरान्त स्वाति नक्षत्र
🪐 नक्षत्र स्वामीः- चित्रा नक्षत्र के स्वामी मंगल जी हैं तथा स्वाति नक्षत्र के स्वामी राहु देव जी हैं।
🔊 योगः- आयुष्मान 21:05:00 तक तपोरान्त सौभाग्य ।
⚡ प्रथम करण : तैतिल – 10:07 ए एम तक
✨ द्वितीय करण : गर – 09:33 पी एम तक वणिज
🔥 गुलिक कालः- शुभ गुलिक काल 01:26:00 P.M से 02:46:00 P.M तक
⚜️ दिशाशूलः- आज के दिन पूर्व दिशा की यात्रा नहीं करना चाहिए यदि यात्रा करना ज्यादा आवश्यक हो तो घर से दर्पण देखकर या दूध पीकर जायें।
🤖 राहुकालः- आज का राहुकाल 08:07:00 A.M से 09:27:00 A.M तक राहू काल में शुभ कार्य करना वर्जित माना गया हैं।
🌞 सूर्योदय – प्रातः 06:39:22
🌅 सूर्यास्त – सायं 17:21:31
👸🏻 ब्रह्म मुहूर्त : 05:01 ए एम से 05:55 ए एम
🌆 प्रातः सन्ध्या : 05:28 ए एम से 06:48 ए एम
🌟 अभिजित मुहूर्त : 11:46 ए एम से 12:28 पी एम
✡️ विजय मुहूर्त : 01:53 पी एम से 02:35 पी एम
🐃 गोधूलि मुहूर्त : 05:15 पी एम से 05:39 पी एम
🏙️ सायाह्न सन्ध्या : 05:25 पी एम से 06:46 पी एम
💧 अमृत काल : 05:56 पी एम से 07:30 पी एम
🗣️ निशिता मुहूर्त : 11:40 पी एम से 12:34 ए एम, नवम्बर 22
☄️ यायीजयद योग – 12 बजकर 14 मिनट से मंगलवार सुबह 6 बजकर 22 मिनट तक
💥 सर्वार्थसिद्धि योग – 23 नवंबर की रात 9 बजकर 37 मिनट से अगली सुबह 6 बजकर 24 मिनट तक रहेगा
🚓 यात्रा शकुन- मीठा दूध पीकर यात्रा करें।
👉🏼 आज का मंत्र-ॐ सौं सोमाय नम:।
🤷🏻♀️ आज का उपाय-किसी मंदिर में खीर अर्पित करें।
🪵 वनस्पति तंत्र उपाय- पलाश के वृक्ष में जल चढ़ाएं।
⚛️ पर्व एवं त्यौहार – सोम प्रदोष, सिकन्दर शाह लोदी स्मृति दिवस, चंद्रशेखर वेंकट रामन – भारतीय वैज्ञानिक स्मृति दिवस, नायक यदुनाथ सिंह- परमवीर चक्र सम्मानित भारतीय सैनिक स्मृति दिवस, नवजात शिशु दिवस (सप्ताह), राष्ट्रीय एकता दिवस (सप्ताह), विश्व दूरदर्शन (टेलीविजन) दिवस, अन्तरराष्ट्रीय दिवस, यूनेस्को में दर्शनशास्त्र दिवस (यूनेस्को), अन्तरराष्ट्रीय दिवस, झलकारी जयंती राष्ट्रीय दिवस
✍🏽 विशेष – द्वादशी तिथि को मसूर की दाल एवं मसूर से निर्मित कोई भी व्यंजन नहीं खाना न ही दान देना चाहिये। यह इस द्वादशी तिथि में त्याज्य बताया गया है। द्वादशी तिथि के स्वामी भगवान श्री हरि नारायण हैं। आज द्वादशी तिथि के दिन भगवान नारायण का श्रद्धा-भाव से पूजन करना चाहिये। साथ ही भगवान नारायण के नाम एवं स्तोत्रों जैसे विष्णुसहस्रनाम आदि के पाठ एवं जप से धन, यश एवं प्रतिष्ठा की प्राप्ति होती है।
🗣️ श्लोक : १.२.१(1.2.1) सूक्त
वाय॒वा या॑हि दर्शते॒मे सोमा॒ अरं॑कृताः । तेषां॑ पाहि श्रु॒धी हव॑म् ॥
हे दर्शनीय वायु! आओ, यह सोमरस तैयार है, इसे पिओ. हम सोमपान के लिए तुम्हें बुला रहे हैं. तुम हमारी यह पुकार सुनो.
🛍️ Vastu tips 🏚️
वास्तु के अनुसार किचन के सामने या फिर बगल में बाथरूम नहीं होना चाहिए. बाथरूम में टॉयलेट सीट हमेशा पश्चिम या उत्तर-पश्चिम दिशा में होनी चाहिए.
बाथरूम कभी भी दक्षिण, दक्षिण-पूर्व या दक्षिण-पश्चिम दिशा में नहीं बनवाना चाहिए. इससे परिवार के लोगों की सेहत पर बुरा असर पड़ता है. अगर पहले से ही इस दिशा में बाथरूम बना हुआ है, तो इसके पास काली वस्तु रख दें, इससे इसका नकारात्मक प्रभाव खत्म हो जाता है.
दक्षिण दिशा अग्नि तत्व से जुड़ी होती है इसलिए इस दिशा में नहाने का टब या शॉवर लगवाने से बचें. बाथरूम में हमेशा हल्के रंग का ही पेंट करवाएं. भूरा और सफेद रंग बाथरूम के लिए अच्छा माना जाता है.
नीले रंग का टब या बाल्टी बाथरूम में रखना शुभ माना जाता है. कहते हैं कि इससे घर में बरकत आती है. काले और लाल रंग की बाल्टी या टब का इस्तेमाल बाथरूम में बिल्कुल भी नहीं करना चाहिए.
बाथरूम में शीशा इस तरह लगा होना चाहिए कि उसकी टॉयलेट सीट नजर न आए. साथ ही, बाथरूम की साफ-सफाई का ध्यान भी रखना जरूरी है.
वास्तु के अनुसार बाथरूम के नल में पानी लीक नहीं होना चाहिए. कहते हैं कि नल से पानी टपकने से आर्थिक नुकसान होता है.
⏺️ जीवनोपयोगी कुंजियां ⚜️
इन बीमारियों में भी पहुंचता है नुकसान
जोड़ों के दर्द में बड़े बुजुर्गों में जोड़ों के दर्द की समस्या अधिकतर देखी जाती है और उन्हें टमाटर को अधिक खाने के लिए मना किया जाता है, क्योंकि दर्द की समस्या में टमाटर का सेवन काफी नुकसान पहुंचा सकता है। इसमें सोलेनिन छार की मौजूदगी की वजह से जोड़ों में सूजन या दर्द को बढ़ावा मिलता है।
डाइजेशन प्रॉब्लम कई बार टमाटर डाइजेशन से जुड़ी परेशानियों का कारण बन सकता है, क्योंकि इसमें अधिक अम्लीयता या साइट्रिक एसिड होता है, जो एसिडिटी की वजह भी बन सकता है। इसके कारण सीने में जलन होना, पेट में दर्द, गैस की समस्या जैसी परेशानियां हो सकती हैं। गैस से परेशान लोगों को टमाटर न खाने की सलाह दी जाती है।
एलर्जी में टमाटर एलर्जी से परेशान लोगों के लिए टमाटर को खाना नुकसानदायक हो सकता है। फेस की स्किन से जुड़ी एलर्जी या बॉडी के किसी भी एलर्जी में टमाटर खाना नुकसान पहुंचाने का काम करता है। इन दिक्कतों में टमाटर को अपने डाइट में शामिल से बचें, वरना यह परेशानियां और अधिक बढ़ सकती हैं। कभी-कभी स्किन पर चकत्ते भी उभर सकते हैं।
💊 आरोग्य संजीवनी 🩸
आयुर्वेदिक के अनुसार चिकित्सा और सावधानी
पीपल की छाल का काढ़ा बनाकर पीना इस रोग में अमृत है। इसके लिए पीपल की छाल 10 ग्राम लेकर 250 एमएल पानी में मंदी आंच पर पकाएं जब तक कि यह आधा ना रह जाए। फिर इस काढ़े को छानकर दो हिस्सों में बांट लें और इसे सुबह-शाम पियें।
रात को सोते समय आधा चम्मच हरड़ के चूर्ण को खाकर एक कप दूध में 2 चम्मच अरंडी का तेल पीने से भी गठिया में बहुत आराम होता है।
गठिया के उपचार में चिकित्सा के साथ साथ परहेज भी जरूरी है। रोगी को ठंड और ठंडी चीजों से पूरी तरह बचना चाहिए। नहाने के दौरान गर्म पानी का इस्तेमाल करें और सूजन वाले स्थान पर बालू की थैली या गर्म पानी के पैड से सेंकाई करें।
यूरिक एसिड के मरीज न करें इन चीजों का सेवन
गठिया के मरीजों के लिए डाइट पर ध्यान देना बहुत जरूरी है। अधिक तेल व मिर्च वाले भोजन से परहेज रखें और डाइट में प्रोटीन की अधिकता वाली चीजें जैसे नॉनवेज और दालें आदि न लें।
👉🏼 इन चीजों का करें सेवन भोजन में बथुआ, मेथी, सरसों का साग, पालक, हरी सब्जियों, मूंग, मसूर, परवल, तोरई, लौकी, अंगूर, अनार, पपीता, आदि का सेवन फायदेमंद है।
📆 गुरु भक्ति योग 🕯️
आचार्य श्री गोपी राम ने महिलाओं की उन्नति के लिए कई विचार साझा किए है. इन विचारों को अगर सही समय पर सही तरीके से अमल में लाया जाए तो सफलता जरूर मिलती है. शास्त्रों में तो स्त्री को शक्ति का स्वरूप माना गया है, लेकिन स्त्रियों की सबसे बड़ी शक्ति क्या होती है. एक श्लोक के जरिए आचार्य श्री गोपी राम ने महिलाओं के अलावा ब्राह्मण, राजा (लीडर)की सबसे बड़ी ताकत का जिक्र किया है. आइए जानते हैं.
बाहुवीर्यबलं राज्ञो ब्राह्मणो ब्रह्मविद् बली।
रूप-यौवन-माधुर्यं स्त्रीणां बलमनुत्तमम्।।
स्त्री की ताकत महिलाओं के लिए उनकी सबसे बड़ी ताकत होती है मधुर वाणी. इसके अलावा महिलाओं के सौंदर्य को भी उनकी शक्ति बताया है लेकिन मधुर वाणी के आगे शारीरिक सुंदरता को कम आंका जाता है, जो उचित है. मधुर वाणी के दम पर स्त्रियां हर किसी को अपना मुरीद बना लेती हैं. मधुर बोलने वाली स्त्री का हर जगह सम्मान होता है, स्त्री का ये गुण कुल का मान बढ़ाता है और इस शक्ति की बदोलत घर की कई पीढ़िया को अच्छे संस्कार मिलते हैं.
ब्राह्मण की शक्ति ब्राह्मण का ज्ञान ही उसकी सबसे बड़ी ताकत और पूंजी है. इसी के दम पर वह समाज में पद और प्रतिष्ठा पाता है. आचार्य श्री गोपी राम कहते ज्ञान न सिर्फ ब्राह्मण बल्कि हर व्यक्ति की शक्ति होता है. विपरित हालातों में ज्ञान ही वह शक्ति है जो संकटों से उबारने में मदद करती है.
राजा की ताकत राजा का लंबे समय तक सत्ता में रहना उसके स्वंय के बाहुबल पर निर्भर करता है. राजा के पास तमाम मंत्री-संत्री होते हैं बावजूद इसके अगर राजा दुर्बल है तो वह ज्यादा दिन तक राजगद्दी पर नहीं टिक सकता. राजा स्वंय शक्तिशाली होगा तो अपने शासन को भी ठीक तरीके से चला पाएगा. लीडर के तौर पर समझें तो जब तक लीडर मानसिक और शारीरिक तौर पर मजबूत नहीं होगा तो न ही मैनेमेंट ठीक होगा और न ही संस्थान तरक्की कर पाएगा.
●●●●●★᭄ॐ नमः श्री हरि नम: ★᭄●●●●●
⚜️ आज द्वादशी तिथि के दिन तुलसी नहीं तोड़ना चाहिये। आज द्वादशी तिथि के दिन भगवान नारायण का पूजन और जप आदि करने से मनुष्य का कोई भी बिगड़ा काम भी बन जाता है। यह द्वादशी तिथि यशोबली अर्थात यश एवं प्रतिष्ठा प्रदान करने वाली तिथि मानी जाती है। यह द्वादशी तिथि सर्वसिद्धिकारी अर्थात अनेकों प्रकार के सिद्धियों को देनेवाली तिथि भी मानी जाती है। यह द्वादशी तिथि भद्रा नाम से विख्यात मानी जाती है। यह द्वादशी तिथि शुक्ल पक्ष में शुभ तथा कृष्ण पक्ष में अशुभ फलदायिनी मानी जाती है।
द्वादशी तिथि में जन्म लेनेवाले व्यक्ति का स्वभाव अस्थिर होता है। इनका मन किसी भी विषय में केन्द्रित नहीं हो पाता है। इस व्यक्ति का मन हर पल चंचल बना रहता है। इस तिथि के जातक का शरीर पतला व कमज़ोर होता है। स्वास्थ्य की दृष्टि से इनकी स्थिति अच्छी नहीं होती है। ये यात्रा के शौकीन होते हैं और सैर सपाटे का आनन्द लेते रहते हैं।


