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Today Panchang आज का पंचांग रविवार, 07 जून 2026

आचार्य श्री गोपी राम (ज्योतिषाचार्य) जिला हिसार हरियाणा मो. 9812224501
✦•••  *जय श्री हरि*  •••✦
🧾 *_आज का पंचांग_* 🧾       
*रविवार 07 जून  2026_*
भगवान सूर्य जी का मंत्र : ऊँ घृणि सूर्याय नम: ।।_
🌠 *_रविवार को की गई सूर्य पूजा से व्यक्ति को घर-परिवार और समाज में मान-सम्मान की प्राप्ति होती है। रविवार के दिन उगते हुए सूर्य को देव को एक ताबें के लोटे में जल, चावल, लाल फूल और रोली डालकर अर्ध्य करें।
*_इस दिन आदित्य ह्रदय स्रोत्र का पाठ करें एवं यथा संभव मीठा भोजन करें। सूर्य को आत्मा का कारक माना गया है, सूर्य देव को जल देने से पितृ कृपा भी मिलती है।
*_रविवार के दिन भैरव जी के दर्शन, आराधना से समस्त भय और संकट दूर होते है, साहस एवं बल की प्राप्ति होती है। रविवार के दिन जी के दर्शन अवश्य करें ।
*_रविवार के दिन भैरव जी के मन्त्र ” ॐ काल भैरवाय नमः “ या ” ॐ श्री भैरवाय नमः “ की एक माला जाप करने से समस्त संकट, भय दूर होते है, रोगो, अकाल मृत्यु से बचाव होता है, मनवांछित लाभ मिलता है।
🔮 *_शुभ हिन्दू नववर्ष 2026 विक्रम संवत : 2083 सिद्धार्थी विक्रम : 1969 शर्वरी_*
🌐 *_रौद्र संवत्सर विक्रम संवत 2083,_*
✡️ *_शक संवत 1948 (पराभव संवत्सर), चैत्र_*
☮️ *_गुजराती सम्वत : 2082 पिङ्गल_*
☸️ *_काली सम्वत् 5127_*
🕉️ *_संवत्सर (बृहस्पति) पराभव_*
☣️ *_आयन –  उत्तरायण_*
☂️ *_ऋतु – सौर ग्रीष्म ऋतु_*
☀️ *_मास – शुद्ध ज्यैष्ठ मास_*
🌓 *_पक्ष – कृष्ण पक्ष_*
📅 *_तिथि – रविवार ज्येष्ठ माह के कृष्ण पक्ष सप्तमी तिथि 03:24 AM तक उपरांत अष्टमी_*
✏️ *_तिथि स्वामी – सप्तमी के देवता हैं चित्रभानु। सप्तमी तिथि को चित्रभानु नाम वाले भगवान सूर्यनारायण का पूजन करने से सभी प्रकार से रक्षा होती है। यह मित्रवत, मित्रा तिथि हैं।_*
💫 *_नक्षत्र- नक्षत्र धनिष्ठा 07:55 AM तक उपरांत शतभिषा_*
🪐 *_नक्षत्र स्वामी – धनिष्ठा नक्षत्र के स्वामी मंगल ग्रह हैं। इस नक्षत्र के देवता अष्ट वसु हैं और इसके राशि स्वामी शनि हैं।_*
⚜️ *_योग – वैधृति योग 10:01 AM तक, उसके बाद विष्कुम्भ योग_*
⚡ *_प्रथम करण : विष्टि 03:08 PM तक_*
✨ *_द्वितीय करण : बव 03:25 AM तक, बाद बालव_*
🔥 *_गुलिक काल : रविवार को शुभ गुलिक काल 02:53 पी एम से 04:17 पी एम_*
🤖 *_राहुकाल (अशुभ) – सायं 4:51 बजे से 6:17 बजे तक। राहु काल में शुभ कार्य करना वर्जित माना गया है।_*
⚜️ *_दिशाशूल – रविवार को पश्चिम दिशा की यात्रा नहीं करनी चाहिये, यदि अत्यावश्यक हो तो पान एवं घी खाकर यात्रा कर सकते है।_*
🌞 *_सूर्योदयः – प्रातः 05:21:55_*
🌅 *_सूर्यास्तः – सायं 19:17:29_*
👸🏻 *_ब्रह्म मुहूर्त : प्रातः काल 04:02 ए एम से 04:42 ए एम_*
🌆 *_प्रातः सन्ध्या : प्रातः काल 04:22 ए एम से 05:23 ए एम_*
🌟 *_अभिजित मुहूर्त : दोपहर 11:52 ए एम से 12:48 पी एम_*
✡️ *_विजय मुहूर्त : दोपहर 02:39 पी एम से 03:35 पी एम_*
🐃 *_गोधूलि मुहूर्त : सायं काल 07:16 पी एम से 07:36 पी एम_*
🌌 *_सायाह्न सन्ध्या : सायं काल 07:17 पी एम से 08:18 पी एम_*
💧 *_अमृत काल : रात्रि काल 01:35 ए एम, जून 08 से 03:16 ए एम, जून 08 _*
🗣️ *_निशिता मुहूर्त : रात्रि काल 12:00 पी एम से 12:40 ए एम, जून 08_*
🌸 *_द्विपुष्कर योग : प्रातः काल 05:23 ए एम से 07:55 ए एम_*
❄️ *_रवि योग : प्रातः काल 05:23 ए एम से 07:55 ए एम_*
🚓 *_यात्रा शकुन-इलायची खाकर यात्रा प्रारम्भ करें।_*
👉🏼 *_आज का मंत्र-ॐ घृणि: सूर्याय नम:।_*
💁🏻‍♀️ *_आज का उपाय-विष्णु मंदिर में पिताम्बर चढ़ाएं।_*
🌳 *_वनस्पति तंत्र उपाय-बेल के वृक्ष में जल चढ़ाएं।_*
⚛️ *_पर्व एवं त्यौहार – पुरुषोत्तम मास का 22वाँ दिन, अधिक/ भानू सप्तमी/ पंचक जारी/ भद्रा/ ईद उल-जुहा/ पञ्चक/ द्विपुष्कर योग/ रवि योग/ आडल योग/ विश्व खाद्य सुरक्षा दिवस, दिग्गज टेनिस खिलाड़ी महेश भूपति जन्म दिवस, मुग़ल बादशाह शाहजहां की पत्नी मुमताज बेगम स्मृति दिवस, राष्ट्रीय कैंसर उत्तरजीवी दिवस, राष्ट्रीय चॉकलेट आइसक्रीम दिवस, विश्व हास्य दिवस, अभिनेता केशो मुखर्जी जन्म दिवस, अभिनेत्री अमृता राव जन्म दिवस
✍🏼 *_तिथि विशेष – सप्तमी तिथि को आँवला त्याज्य बताया गया है। सप्तमी तिथि मित्रप्रद तिथि मानी जाती है। इतना ही नहीं यह सप्तमी तिथि एक शुभ तिथि भी मानी जाती है। इस सप्तमी तिथि के स्वामी भगवान सूर्य देवता हैं। यह सप्तमी तिथि भद्रा नाम से विख्यात मानी जाती है। यह सप्तमी तिथि कृष्ण पक्ष में मध्यम फलदायीनी मानी जाती है। इस सप्तमी तिथि को सुबह सर्वप्रथम स्नान करके भगवान सूर्य को सूर्यार्घ देकर उनका पूजन करना चाहिये। उसके बाद आदित्यह्रदयस्तोत्रम् का पाठ करना चाहिये। इससे जीवन में सुख, समृद्धि, हर्ष, उल्लास एवं पारिवारिक सुखों कि सतत वृद्धि होती है। सप्तमी तिथि में भगवान सूर्य की पुजा करने से सभी मनोकामनाओं की पूर्ति होती है।    
🏘️ *_Vastu tips_* 🏚️
भारत में घर बनवाना आजकल सिर्फ ईंट और सीमेंट का काम नहीं रह गया, यह एक ऐसा खेल बन चुका है जहां लोग अपनी जिंदगी की सबसे बड़ी कमाई गलत फैसलों में फंसा देते हैं। सबसे मजेदार बात यह है कि लोग बाहर से चमकदार घर देखकर सोचते हैं कि बहुत समझदारी से बनवाया गया होगा, जबकि असलियत में कई घर सिर्फ दिखावे के लिए बनाए जाते हैं और कुछ साल बाद उनमें सीलन, गर्मी, दरारें और maintenance का खर्च शुरू हो जाता है। समझदार आदमी वही है जो घर को दिखाने के लिए नहीं बल्कि आराम, मजबूती और कम खर्च वाली जिंदगी के लिए बनवाता है।
*_भारत में घर बनाने का सबसे सही समय सितंबर से फरवरी तक माना जाता है। बारिश में काम शुरू करना कई बार मुसीबत बन जाता है क्योंकि नींव में पानी भरता है, सीमेंट सही से सेट नहीं होता और लेबर भी धीमी पड़ जाती है।
*_वहीं मई-जून की गर्मी में छत डालने के बाद curing संभालना मुश्किल हो जाता है। इसलिए मानसून खत्म होने के बाद काम शुरू करना ज्यादा सुरक्षित और समझदारी वाला फैसला माना जाता है।
*_1000 sqft के प्लॉट में लोग सबसे बड़ी गलती यह करते हैं कि ज्यादा कमरे बनाने के चक्कर में घर को डिब्बा बना देते हैं। असली शानदार घर वह होता है जिसमें खुलापन महसूस हो। ऐसे प्लॉट में 2 अच्छे Bedroom, एक बड़ा Hall, एक Kitchen और 2 Bathroom काफी होते हैं।
*_अगर हर चीज ठूंस-ठूंस कर बना दी जाए तो बाद में घर छोटा, घुटन वाला और गर्म महसूस होने लगता है। अमीर लोग कम कमरे लेकिन बड़े और आरामदायक कमरे बनाते हैं, यही चीज घर को premium feel देती है।        
🔰 *जीवनोपयोगी कुंजियां* ⚜️
किसानों के लिए सिर दर्द मोथा घास खेती के लिए अभिशाप मानी जाती है क्योंकि यह इतनी तेजी से फैलती है कि खेतों में लगी फसल को बर्बाद कर देती है पर आयुर्वेद में फसल को नष्ट करने वाली यह घास एक औषधि भी है। मोथा का उपयोग अनेक रोगों को खत्म करने के लिए भी किया जाता है। इसे अमृत घास भी कहा जाता है।
*_आयुर्वेद में इसकी जड़ में लगे प्रकंद का प्रयोग चिकित्सा के लिए किया जाता है। इसकी जड़ शरीर को बल और उत्तेजना देने वाली तथा खून का बहाव रोकने वाली होती है ।आयुर्वेद में मोथा घास का उपयोग बुखार जलन, पेचिश या दस्त, चर्म रोग आदि मे प्रयोग किया जाता है।इसमें शोथहर और दर्द निवारक गुण पाये जाते है। इसलिए इसके उपयोग से जल्दी आराम मिलता है।
*_मोथा स्वाद में कसैला, तीखा तथा कड़ुआ, पचने पर ठंडा, पचने में हल्का और फाइबरयुक्त होता है। यह भूख बढ़ाता है और भोजन को पचाता भी है। यह प्यास को समाप्त करता है, चर्मरोगों विशेषकर खुजली, कुष्ठ नष्ट करता है, माताओं के दूध को शुद्ध करता है और योनी के संक्रमण को समाप्त करता है।          
🌾 *आरोग्य संजीवनी* 🌳
कान दर्द ठीक करने में मदद करता है-जिन लोगों को कान बहने या कान दर्द होने की समस्या होती है ऐसे में नीम के तेल का उपयोग कर सकते हैं
*_बालों के लिए है फायदेमंद- नीम को आप अपने बालों के लिए एक बेहतरीन कंडीशनर के रूप में भी इस्तेमाल कर सकते हैं इसके लिए नीम की 30- 40 पत्तियों को 1 लीटर पानी में उबालकर बालों को धोने से सिर की खुजली, रूसी, व बालों का सूखापन जैसी समस्याएं दूर हो जाती हैं| और नीम का तेल भी बालों को काफी फायदा पहुंचाता है
दांतों व मसूड़ों के लिए लाभकारी- दांतों वा मसूड़ों की समस्या जैसे दांत का हिलना मसूड़ों में सूजन पायरिया सांस की बदबू आदि समस्याओं में नीम का दातुन काफी फायदेमंद है नीम की पत्तियों को उबालकर कुल्ला करने से मुंह में मौजूद बैक्टीरिया खत्म हो जाते हैं जिससे मुंह की दुर्गंध की समस्या खत्म हो जाती है और नीम का दातुन करने से दातों में किसी भी प्रकार के रोग लगने की संभावना खत्म हो जाती है अगर आपके दांतों में दर्द है या दांतों में कीड़े लगे हैं तो नीम के छाल को चबाने से आपको काफी फायदा होगा          
🌷 *_गुरु भक्ति योग_* 🕯️
*पाप से पुण्य की ओर एक लुटेरे का परिवर्तन :_*
एक बार की बात है, किसी नगर में एक बड़ा हिंसक मनुष्य रहता था, वो लोगों को लूटता और बड़ी निर्ममता से लोगों के प्राण हरता, इसमें उसको बहुत सुख मिलता। एक बार एक सुनसान रास्ते से एक संत भगवान जा रहे थे, वो लुटेरा उनको मारने के इरादे से उनके सामने आ गया, मगर उन संत के मुख पर इतना तेज था कि लुटेरा उनके ऊपर दृष्टि नहीं रख पा रहा था। संत ने उस लुटेरे से कहा तुम लोगों के साथ ऐसा क्यों करते हो, लुटेरा बोला मुझे सुख मिलता है, संत बोले तुम्हें पता ही नहीं है सुख किसे कहते हैं, उस लुटेरे ने प्रश्न किया किसे कहते हैं सुख, संत ने उत्तर दिया, तुम सुख का अनुभव तब तक नहीं कर सकते जब तक तुम निष्पाप नहीं हो जाते, निष्पाप होने के लिए अपने देश मे जितने तीर्थ हैं उनकी यात्रा करो। लुटेरे ने शंका जाहिर की, कैसे ज्ञात होगा कि मैं निष्पाप हो गया हूँ, संत ने उस लुटेरे को एक सूखी लकड़ी की डंडी दी और कहा, जब ये डंडी हरी हो जाये तो समझ जाना तुम निष्पाप हो चुके हो। संत को प्रणाम कर के लुटेरा तीर्थ करने चल दिया।_*
तीर्थ के लिए चलते-चलते मार्ग में रात्रि आयी और वह लुटेरा एक वृक्ष के नीचे आराम करने लगा। उस वृक्ष पर चार चोर पास वाले गाँव को लूटने का और सारे गाँव मे आग लगा कर सब गाँव वालों को मारने की योजना बना रहे थे। उस वृक्ष के नीचे विश्राम करते लुटेरे ने उन चोरों की बात सुन ली और उन चारों को मार दिया। उन चारों को मारते ही जैसे ही उसने संत द्वारा दी हुई वो सूखी लकड़ी की डंडी देखी वो पूरी हरी हो गयी। उस लुटेरे को बड़ा आश्चर्य हुआ और वो संत के पास वापस लौट गया। संत ने उसको देख कर कहा कि हमें मालूम था तुम तीर्थ नहीं कर पाओगे क्योंकि तुम्हारा स्वभाव लूटने का है। उस लुटेरे ने जवाब दिया कि आपकी आज्ञा अनुसार इस डंडी के हरी होने पर ही आपके पास लौट के आया हूँ, संत ने पूछा कौन से तीर्थ गए थे, लुटेरे ने उत्तर दिया तीर्थ नहीं चार और को मार के आये हैं, फिर लुटेरे ने पूरा वृतांत सुनाया, तब संत ने उससे कहा देखो जब तक तुम अपने स्वार्थ के लिए लोगों को मारते रहे तुम पापी रहे, तुमने जब गाँव वालों की रक्षा के लिए चार चोरों के प्राण लिए तब तुम्हारा उद्देश्य पवित्र हो गया और तुम निष्पाप हो गए। उसके बाद उस लुटेरे ने सारे बुरे कर्म छोड़ दिये और प्रभु भक्ति में अपना जीवन गुज़ारा।
           🙏 जय श्री राम 🙏
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⚜️ *_सोमवार और शुक्रवार कि सप्तमी विशेष रूप से शुभ फलदायी नहीं मानी जाती बाकी दिनों कि सप्तमी सभी कार्यों के लिये शुभ फलदायी मानी जाती है। सप्तमी को भूलकर भी नीला वस्त्र धारण नहीं करना चाहिये तथा ताम्बे के पात्र में भोजन भी नहीं करना चाहिये। सप्तमी को फलाहार अथवा मीठा भोजन विशेष रूप से नमक के परित्याग करने से भगवान सूर्यदेव कि कृपा सदैव बनी रहती है।।

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