आज का पंचांग सोमवार, 28 नवम्बर 2022
आचार्य श्री गोपी राम (ज्योतिषाचार्य) जिला हिसार हरियाणा मो. 9812224501
✦••• जय श्री हरि •••✦
🧾 आज का पंचाग 🧾
सोमवार 28 नवम्बर 2022
महा मृत्युंजय मंत्र – ॐ त्र्यम्बकं यजामहे सुगन्धिं पुष्टिवर्धनम्। उर्वारुकमिव बन्धनान्मृत्योर्मुक्षीय माऽमृतात्।।
🌹 आप सभी देशवासियों को विवाह पंचमी के पावन पर्व की हार्दिक शुभकामनाएं।।
☄️ दिन (वार) – सोमवार के दिन क्षौरकर्म अर्थात बाल, दाढ़ी काटने या कटाने से पुत्र का अनिष्ट होता है शिवभक्ति को भी हानि पहुँचती है अत: सोमवार को ना तो बाल और ना ही दाढ़ी कटवाएं ।
सोमवार के दिन भगवान शंकर की आराधना, अभिषेक करने से चन्द्रमा मजबूत होता है, काल सर्प दोष दूर होता है।
सोमवार का व्रत रखने से मनचाहा जीवन साथी मिलता है, वैवाहिक जीवन में लम्बा और सुखमय होता है।
जीवन में शुभ फलो की प्राप्ति के लिए हर सोमवार को शिवलिंग पर पंचामृत या मीठा कच्चा दूध एवं काले तिल चढ़ाएं, इससे भगवान महादेव की कृपा बनी रहती है परिवार से रोग दूर रहते है ।
🔮 शुभ विक्रम संवत्-2079, शक संवत्-1944, हिजरी सन्-1443, ईस्वी सन्-2022
🌐 संवत्सर नाम-राक्षस
✡️ शक संवत 1944 (शुभकृत् संवत्सर)
☸️ काली सम्वत 5123
☣️ सायन – दक्षिणायन
🌦️ ऋतु – सौर हेमन्त ऋतु
🌤️ मास – मार्गशीर्ष माह
🌔 पक्ष – शुक्ल पक्ष
📆 तिथि – पंचमी 13.35 PM तक तत्पश्चात षष्टी।
✏️ तिथि का स्वामी – पंचमी तिथि के स्वामी नाग देवता जी और षष्टी तिथि के स्वामी भगवान कार्तिकेय जी है।
💫 नक्षत्र – उत्तराषाढ़ा 10.29 AM तक तत्पश्चात श्रवण
🪐 नक्षत्र के देवता, ग्रह स्वामी- उत्तराषाढा नक्षत्र के देवता दस विश्वदेव जी एवं नक्षत्र के स्वामी सूर्य देव जी है।
🔊 योग – वृद्धि 18.05 PM तक तत्पश्चात ध्रुव
⚡ प्रथम करण : बालव – 01:35 पी एम तक
✨ द्वितीय करण : कौलव – 12:17 ए एम, नवम्बर 29 तक तैतिल
🔥 गुलिक काल : – दोपहर 1:30 से 3 बजे तक ।
⚜️ दिशाशूल – सोमवार को पूर्व दिशा का दिकशूल होता है । यात्रा, कार्यों में सफलता के लिए घर से दर्पण देखकर, दूध पीकर जाएँ ।
🤖 राहुकाल -सुबह -7:30 से 9:00 तक राहू काल में शुभ कार्य करना वर्जित माना गया हैं।
🌞 सूर्योदय – प्रातः 06:42:52
🌅 सूर्यास्त – सायं 17:18:16
👸🏻 ब्रह्म मुहूर्त : 05:06 ए एम से 06:00 ए एम
🌇 प्रातः सन्ध्या : 05:33 ए एम से 06:54 ए एम
🌟 अभिजित मुहूर्त : 11:48 ए एम से 12:30 पी एम
✡️ विजय मुहूर्त : 01:54 पी एम से 02:36 पी एम
🐃 गोधूलि मुहूर्त : 05:14 पी एम से 05:38 पी एम
🌃 सायाह्न सन्ध्या : 05:24 पी एम से 06:45 पी एम
💧 अमृत काल : 11:02 पी एम से 12:31 ए एम, नवम्बर 29
🗣️ निशिता मुहूर्त : 11:42 पी एम से 12:36 ए एम, नवम्बर 29
☀️ सर्वार्थ सिद्धि योग : 10:29 ए एम से 06:55 ए एम, नवम्बर 29
❄️ रवि योग : 10:29 ए एम से 06:55 ए एम, नवम्बर 29
🕉️ वृद्धि योग – आज शाम 6 बजकर 5 मिनट तक
⭐ सर्वार्थसिद्धि योग – आज सुबह 10 बजकर 29 मिनट से अगले दिन सूर्योदय तक
☄️ उत्तराषाढ़ा नक्षत्र -आज सुबह 10 बजकर 29 मिनट तक
🚓 यात्रा शकुन- मीठा दूध पीकर यात्रा करें।
👉🏼 आज का मंत्र-ॐ सौं सोमाय नम:।
🤷🏻♀️ आज का उपाय-राम मंदिर में चांदी का मुकुट भेंट करें।
🪵 वनस्पति तंत्र उपाय- पलाश के वृक्ष में जल चढ़ाएं।
⚛️ पर्व एवं त्यौहार – सर्वार्थसिद्धि योग/श्री पंचमी (श्रीराम जानकी विवाहोत्सव), महात्मा ज्योतिबा फुले पुण्यतिथि, नाग पूजा, सुब्रह्नाण्य षष्ठी (द. भा.)
✍🏽 विशेष – पञ्चमी तिथि को बिल्वफल त्याज्य बताया गया है। पञ्चमी तिथि को खट्टी वस्तुओं का दान और भक्षण दोनों ही त्याज्य है। पञ्चमी तिथि धनप्रद अर्थात धन देनेवाली तिथि मानी जाती है। यह पञ्चमी तिथि अत्यंत शुभ तिथि भी मानी जाती है। इस पञ्चमी तिथि के स्वामी नागराज वासुकी हैं। यह पञ्चमी तिथि पूर्णा नाम से विख्यात मानी जाती है। यह पञ्चमी तिथि शुक्ल पक्ष में अशुभ और कृष्ण पक्ष में शुभ फलदायीनी मानी जाती है।
🗣️ श्लोक : १.१.४(1.1.4) सूक्त
अग्ने॒ यं य॒ज्ञम॑ध्व॒रं वि॒श्वतः॑ परि॒भूरसि॑ । स इद्दे॒वेषु॑ गच्छति ॥
हे अग्नि! जिस यज्ञ की तुम चारों ओर से रक्षा करते हो, उस में राक्षस आदि हिंसा नहीं कर सकते. वही यज्ञ देवताओं को तृप्ति देने स्वर्ग जाता है.
🏘️ Vastu tips 🏚️
दुकान के लिए वास्तु – उचित दिशा
अपने व्यवसाय को सफलतापूर्वक चलाने के लिए आपकी दुकान के लिए एक उपयुक्त दिशा की आवश्यकता होती है। वास्तु शास्त्र के अनुसार दुकान का प्रवेश द्वार पूर्व या ईशान कोण में होना चाहिए। यह आपकी वाणिज्यिक दुकान में अधिक ग्राहकों को आकर्षित करने में आपकी सहायता करेगा।
वास्तु के अनुसार दुकान-विशिष्ट दिशाएं
स्टेशनरी की दुकान : स्टेशनरी की दुकान का मुख पश्चिम दिशा की ओर होना चाहिए। पश्चिम पूर्णता और लाभ का प्रतीक है, जिससे अधिक लाभ होता है।
फर्नीचर की दुकानें: फर्नीचर की दुकानों का मुख दक्षिण की ओर होना चाहिए, क्योंकि इससे आपके ब्रांड को प्रसिद्धि मिलेगी। प्रसिद्धि और नाम आपको वफादार ग्राहकों को आकर्षित करने में सक्षम बनाएंगे।
ग्रॉसरी शॉप्स: वास्तु के सिद्धांतों के अनुसार ग्रॉसरी शॉप्स के लिए ईशान दिशा सबसे अच्छी होती है। दूसरे विकल्प के रूप में पूर्व या उत्तर को माना जा सकता है।
कपड़े की दुकान : कपड़े की दुकान के लिए आदर्श दिशा आग्नेय दिशा है। यदि आप उच्च-गुणवत्ता और शानदार ब्रांड बेचना चाहते हैं तो दुकान का प्रवेश द्वार दक्षिण या दक्षिण-पूर्वी दिशा में होना चाहिए।
♻️ जीवनोपयोगी कुंजियां ⚜️
उठते ही तलवों और आंखों की मालिश करें
सुबह उठते ही सबसे पहले आपको उन चीजों को करना चाहिए जो कि आपका ब्लड सर्कुलेशन सही करे। इसके लिए उठने के बाद दोनों हाथों को रब करें और गर्म करके अपनी आंखों की मसाज करें। उसके बाद अपने तलवों को रगड़ें। आप इसे किसी सॉफ्ट की मदद से भी कर सकते है। इससे आपके शरीर में पॉजिटिव और नेगेटिव चार्ज पैदा होंगे, जो कि एक एनर्जी बिल्डअप करेंगे और ब्लड सर्कुलेशन को बढ़ाने में मदद करेंगे।
बेड पर करें स्ट्रेचिंग एक्सरसाइज
बेड पर कुछ स्ट्रेचिंग एक्सरसाइज करना, ब्लड सर्कुलेशन को सही करने में मदद कर सकते हैं। स्ट्रेचिंग एक्सरसाइज के रूप में आप शवासन कर सकते हैं जिसमें पूरा शरीर और सभी मांसपेशियां शामिल होती हैं। ये आपके पैरों, पीठ और हाथों में खिंचाव पैदा करता है जिससे अकड़न कम होने लगती है। इसे करने के बाद आप महसूस करेंगे कि आपकी अकड़न कुछ कम हो गई होगी।
पैरों को दीवार से लगाकर लेटें
पैरों को दीवार से लगाने के फायदे कई हैं। पैरों को दीवार से लगा कुछ देर लेटे रहने से शरीर का ब्लड प्रेशर बैलेंस करने में मदद मिलती है। साथ ही ये आपके शरीर में ब्लड सर्कुलेशन को बढ़ता है और हड्डियों की अकड़न को कम करने में मदद करता है। इसके अलावा महसूस होगा कि आपका शरीर हल्का हो गया है, ब्रेन तेजी से काम कर रहा है और आपको दिन भर के काम करने के लिए एक नई ऊर्जा मिलेगी।
💉 आरोग्य संजीवनी 🍶
एलर्जी राइनाइटिस के लक्षण
एलर्जी राइनाइटिस में कई प्रकार के लक्षण महसूस हो सकते हैं। जैसा कि हमने आपको बताया कि इम्यून सिस्टम हमला कर देता है, ऐसे में आपको
बार-बार छींक हो सकती है।
नाक से पानी आ सकता है।
आंखें लाल हो सकती हैं और आंखों से पानी आ सकता है।
हल्का बुखार भी हो सकता है।
एलर्जी राइनाइटिस का उपाय
एलर्जी राइनाइटिस से बचाव के लिए आप कई प्रकार के उपाय आजमा सकते हैं। पहले तो बिस्तर से कभी भी अचानक से बाहर ना आएं। इससे तापमान में बदलाव आता है और कई सारी समस्याएं हो सकती हैं। दूसरा घर की सफाई करवाते रहें और धूल से बचें। ये एलर्जी को ट्रिगर कर सकता है। इसके अलावा आप कुछ एलर्जी राइनाइटिस के घरेलू उपायों को भी आजमा सकते हैं। जैसे कि अदरक को उबालकर इसका पानी पिएं। साथ ही हल्दी का काढ़ा लें। साथ ही आप लौंग की चाय भी ले सकते हैं। इसके अलावा आप विटामिन सी से भरपूर फूड्स का सेवन कर सकते हैं, जो कि इम्यूनिटी बढ़ाने में मदद कर सकते हैं। साथ ही आप पुदीवने की चाय भी सकते हैं। ये सभी इसमें कारगर हो सकता है।
📖 गुरु भक्ति योग 🕯️
आचार्य श्री गोपी राम ने अपनी नीति में यह भी बताया गया है कि व्यक्ति किस तरह जीवन के संघर्ष को कम कर सकता है। बता दें कि जीवन के अन्य महत्वपूर्ण विषयों का भी उन्हें विस्तृत ज्ञान था। उन्होंने अपनी नीतियों के माध्यम से अनगनित युवाओं का मार्गदर्शन किया था और आज भी उनकी नीतियों को सफलता की कुंजी के रूप में पढ़ा जाता है। हमने अपनी नीति में यह भी बताया था कि व्यक्ति को अपने जीवन में किन-किन बातों का ध्यान रखना चाहिए और पालन करना चाहिए। आइए जानते हैं
त्यजेद्धर्म दयाहीनं विद्याहीनं गुरुं त्यजेत् ।
त्यजेत्क्रोधमुखी भार्या निःस्नेहान्बान्धवांस्यजेत् ।।
अर्थात- किसी भी धर्म में यदि दया भाव ना हो तो उसे शीघ्र अति शीघ्र त्याग देना चाहिए। इसके साथ व्यक्ति को विद्याहीन गुरु, क्रोधी और स्नेहहीन स्वाभाव के बंधुजनों को भी त्याग देना चाहिए। ऐसा इसलिए क्योंकि दया भाव न होने पर विनाश निश्चित हो जाता है। इसके साथ परिवार के सदस्यों में प्रेम ना होने पर व्यक्ति को कई प्रकार की समस्याओं का सामना करना पड़ता है। ऐसा देखा जाता है कि जरूरत या विषम स्थिति में परिवार ही साथ देता है। लेकिन स्नेहहीन बंधुजनों से मदद की अपेक्षा तो दूर, सांत्वना भी नहीं मिलती है।
यथा चतुर्भिः कनकं परीक्ष्यते निर्घषणच्छेदन तापताडनैः ।
तथा चतुर्भिः पुरुषः परीक्ष्यते त्यागेन शीलेन गुणेन कर्मणा ।
अर्थात- जिस तरह सोने का परिक्षण घिसने, कटने, तापने और पीटने, इन चार चीजों से किया जाता है। इसी तरह व्यक्ति की परीक्षा उसके त्याग, शील, गुण और कर्म भाव से किया जाता है। इस श्लोक के माध्यम से हम आपको बता रहे हैं कि कि जिस तरह असली सोने को अपनी प्रमाणिकता देने के लिए कई प्रकार के जांच से गुजरना पड़ता है। ठीक उसी तरह एक श्रेष्ठ व्यक्ति को उसके स्वाभाव और त्याग के भाव से पहचाना जाता है और समय-समय पर उसकी परीक्षा ली जाती है। इसलिए हर व्यक्ति के स्वभाव में मधुरता और दया का भाव होना बहुत जरूरी है।
●●●●●★᭄ॐ नमः श्री हरि नम: ★᭄●●●●●
⚜️ पञ्चमी तिथि में शिव जी का पूजन सभी कामनाओं की पूर्ति करता है। आज पञ्चमी तिथि में नाग देवता का पूजन करके उन्हें बहती नदी में प्रवाहित करने से भय और कष्ट आदि की सहज ही निवृत्ति हो जाती है। ऐसा करने से यहाँ तक की कालसर्प दोष तक की शान्ति हो जाती है। अगर भूतकाल में किसी की मृत्यु सर्पदंश से हुई हो तो उसके नाम से सर्प पूजन से उसकी भी मुक्ति तक हो जाती है।
पञ्चमी तिथि बहुत ही शुभ मानी जाती है। इस तिथि में जन्म लेने वाला व्यक्ति गुणवान होता है। इस तिथि में जिस व्यक्ति का जन्म होता है वह माता पिता की सेवा को ही सर्वश्रेष्ठ धर्म समझता है। इनके व्यवहार में उत्तम श्रेणी का एक सामाजिक व्यक्ति दिखाई देता है। इनके स्वभाव में उदारता और दानशीलता स्पष्ट दिखाई देती है। ये हर प्रकार के सांसारिक भोग का आनन्द लेते हैं और धन धान्य से परिपूर्ण जीवन का आनंद उठाते हैं।

