ज्योतिष

आज का पंचाग रविवार 18 सितम्बर 2022

आचार्य श्री गोपी राम (ज्योतिषाचार्य) जिला हिसार हरियाणा मो. 9812224501
🧾 आज का पंचांग 🧾
रविवार 18 सितम्बर 2022
भगवान सूर्य जी का मंत्र : ऊँ घृणि सूर्याय नम: ।।
🌠 रविवार को की गई सूर्य पूजा से व्यक्ति को घर-परिवार और समाज में मान-सम्मान की प्राप्ति होती है। रविवार के दिन उगते हुए सूर्य को देव को एक ताबें के लोटे में जल, चावल, लाल फूल और रोली डालकर अर्ध्य करें।
इस दिन आदित्य ह्रदय स्रोत्र का पाठ करें एवं यथा संभव मीठा भोजन करें। सूर्य को आत्मा का कारक माना गया है, सूर्य देव को जल देने से पितृ कृपा भी मिलती है।
रविवार के दिन भैरव जी के दर्शन, आराधना से समस्त भय और संकट दूर होते है, साहस एवं बल की प्राप्ति होती है। रविवार के दिन जी के दर्शन अवश्य करें ।
रविवार के दिन भैरव जी के मन्त्र ” ॐ काल भैरवाय नमः “ या ” ॐ श्री भैरवाय नमः “ की एक माला जाप करने से समस्त संकट, भय दूर होते है, रोगो, अकाल मृत्यु से बचाव होता है, मनवांछित लाभ मिलता है।
🔮 शुभ विक्रम संवत्-2079, शक संवत्-1944, हिजरी सन्-1443, ईस्वी सन्-2022
🌐 संवत्सर नाम-राक्षस
✡️ शक संवत 1944 (शुभकृत् संवत्सर)
☸️ काली सम्वत 5123
☣️ सायन दक्षिणायन
🌦️ ऋतु – सौर शरद ऋतु
🌤️ मास – आश्विन माह
🌒 पक्ष – कृष्ण पक्ष
📆 तिथिः- अष्टमी तिथि 16:34:20 तक तदोपरान्त नवमी
✏️ तिथि स्वामीः- अष्टमी तिथि के स्वामी भगवान शिव जी हैं तथा नवमी तिथि की स्वामिनि दुर्गा जी हैं।
💫 नक्षत्रः- मृग 15:11:24 तक तदोपरान्त आर्द्रा
🪐 नक्षत्र स्वामीः- मृग नक्षत्र के स्वामी मंगल देव हैं तथा आर्द्रा नक्षत्र के स्वामी राहु है।
📣 योगः- व्यतिपात 06:00:00 तक तदोपरान्त वरियन
प्रथम करण : कौलव – 04:32 पी एम तक
द्वितीय करण: तैतिल – 05:46 ए एम, सितम्बर 19 तक गर
🔥 गुलिक कालः-शुभ गुलिक 03:19:00 P.M से 04:51:00 P.M तक
⚜️ दिशाशूलः- रविवार को पश्चिम दिशा की यात्रा नहीं करना चाहिए यदि यात्रा करना आवश्यक हो तो घर से पान या घी खाकर निकलें।
🤖 राहुकालः- राहु काल 04:51:00 P.M से 06:23:00 P.M तक राहू काल में शुभ कार्य करना वर्जित माना जाता है।
🌞 सूर्योदय – प्रातः 06:28:08
🌅 सूर्यास्त – सायं 18:37:24
👸🏻 ब्रह्म मुहूर्त : 04:34 ए एम से 05:20 ए एम
🌇 प्रातः सन्ध्या : 04:57 ए एम से 06:07 ए एम
🌟 अभिजित मुहूर्त : 11:51 ए एम से 12:40 पी एम
✡️ विजय मुहूर्त : 02:18 पी एम से 03:07 पी एम
🐃 गोधूलि मुहूर्त : 06:11 पी एम से 06:35 पी एम
🏙️ सायाह्न सन्ध्या : 06:23 पी एम से 07:33 पी एम
🗣️ निशिता मुहूर्त : 11:52 पी एम से 12:39 ए एम, सितम्बर 19
🕉️ सिद्धि योग – आज सुबह 6 बजकर 34 मिनट तक
☄️ व्यतिपात योग – अगली सुबह 7 बजकर 29 मिनट तक रहेगा
💮 मृगशिरा नक्षत्र – आज दोपहर बाद 3 बजकर 11 मिनट तक
🚓 यात्रा शकुन- इलायची खाकर यात्रा प्रारंभ करें।
👉🏼 आज का मंत्र-ॐ घृणि: सूर्याय नम:।
🤷🏻‍♀️ आज का उपाय-विष्णु मंदिर में गुड़ दान करें।
🪵 वनस्पति तंत्र उपाय-बेल के वृक्ष में जल चढ़ाएं।
⚛️ पर्व एवं त्यौहार – अष्टमी तिथि का श्राद्ध, श्री कालाष्टमी व्रत, श्री अशोकाष्टमी, जीवित्पुत्रिका जीउतिया व्रत, सौर (कन्या) आश्विन मासारम्भ, श्री मदनलाल ढींगरा जयन्ती, भगवान दास (भारतरत्न सम्मानित स्वतन्त्रता सेनानी) स्मृति दिवस, श्री रवि एस नाइक जन्म दिवस, हास्य कवि काका हाथरसी जन्म दिवस स्मृति दिवस दोनों आज, विश्व जल निगरानी दिवस, अंतर्राष्ट्रीय समान वेतन दिवस, विश्व बांस दिवस
✍🏽 विशेष – अष्टमी को नारियल एवं नवमी को काशीफल अर्थात कोहड़ा एवं कद्दू दोनों ही त्याज्य होता है। अष्टमी तिथि बलवती अर्थात स्ट्रांग तिथि मानी जाती है। इतना ही नहीं अपितु अष्टमी तिथि व्याधि नाशक तिथि भी मानी जाती है। यह अष्टमी तिथि जया नाम से विख्यात मानी जाती है। यह अष्टमी तिथि कृष्ण पक्ष में मध्यम फलदायिनी मानी जाती है।
🗺️ Vastu tips 🗽
सिरहाने न रखें चप्पल गलत दिशा में या बेडरूम के सिरहाने चप्पल जूते रखने से वास्तु शास्त्र के अलावा उनकी सेहत पर भी बुरा असर पड़ता है. ऐसा करना बहुत ही अशुभ माना गया है.
नीलें रंग के जूतों का करें इस्तेमाल जिन लोगों को अपने जीवन में तरक्की नहीं मिल पाती है, उन्हें खासकर नीलें रंग के जूतों का इस्तेमाल मुख्य रूप से देना चाहिए और हमेशा साफ-सुथरे जूते पहनने से कामकाज अच्छा चलता है और सफलता उनके कदम चूमती है
गंदे जूते-चप्पल ने पहनें लोग जल्दबाजी में गंदे जूते चप्पल पहन लेते है. जिससे आपकी पर्सनालिटी पर बुरा प्रभाव पड़ता है. इसके साथ ही आपको धन हानि और कंगाली छाने लगती है.
पीले रंग के जूते चप्पल न पहनें फैशन के युग में लोग किसी भी रंग के जूते-चप्‍पल पहन लेते है. इसके पीछे का वास्तु नहीं समझते. लोगों को ये हमेशा ध्यान में रखना चाहिए कि वो कभी भी पीले रंग के जूते चप्पल न पहनें. ऐसा करने से आपको सौभाग्‍य को दुर्भाग्‍य में बदल सकता है।
🔰 जीवनोपयोगी कुंजियां ⚜️
प्याज का रस बालों के लिए भी बहुत अच्छा मना जाता है। निशान को हटाने के लिए निशान वाली जगह पर इस रस को लगा लें। इसे कुछ देर तक निशान पर लगे रहने दें। इसके बाद इसे पानी से धो लें। ऐसा करने के निशान जल्द ही ठीक हो जाएंगे
शहद निशान को मिटाने के लिए काफी फायदेमंद होता है। पुराने निशान को हटाने के लिए दो चम्मच शहद में दो चम्मच बेकिंग सोडा डालकर इसे अच्छे से मिक्स करें। इसके बाद इसे निशान वाली जगह पर लगाएं और ऊपर से तौलिया को गर्म पानी में भिगोकर निचोड़ लें और उसे निशान वाले स्थान पर रखें। ऐसा रोजाना करने से धीरे-धीरे निशान हल्का होने लगेगा
आंवला में विटामिन सी प्रचुर मात्रा में होता है। आंवला का पेस्ट लें और उसमें जैतून का तेल मिला लें। इसे घाव वाले निशान पर लगाने के बाद हल्के हाथ से मसाज करें। रोजाना ऐसा करने से घाव का निशान पर फर्क दिखने लगेगा।
🍶 आरोग्य संजीवनी 🍺
जोड़ों के दर्द को करता है छू मंतर उम्र बढ़ने के साथ साथ इंसान के जोड़ों की तालीफ़ भी बढ़ जाती है। ऐसे में गठिया रोग में राहत पाने के लिए आप कद्दू के बीजों का सेवन कर सकते हैं, क्योंकि ये नेचुरल हर्ब की तरह काम करता और तकलीफ से राहत दिलाता है।
थकान को करता है दूर आजकल के वर्किंग कल्चर में लोगों को काम का स्ट्रेस बहुत ज़्यादा होता है, जिस वजह से व्यक्ति अच्छी तरह नींद नहीं ले पाता है।नींद की कमी की वजह से दिनभर थकान का सामना करता है, ऐसे में आप कद्दू के बीजों का सेवन जरूर करें, क्योंकि इससे ब्लड और एनर्जी बढ़ जाएगा और फिर आप नए जोश के साथ काम कर सकेंगे।
📖 गुरु भक्ति योग 🕯️
लक्ष्य के बिना मनुष्य का जीवन दिशाहीन और व्यर्थ है. जिस तरह बिना गोली के बंदूक बेकार होती है उसी प्रकार जिन लोगों की जिंदगी में कोई लक्ष्य नहीं होता वो जीता तो है लेकिन भटकता रहता है और किसी काम का नहीं होता. लक्ष्य को तय करने की राह आसान नहीं होती, इसमें इंसान कई बार गिरता है. उसे असफलता का सामना भी करना पड़ता है. कई बार ऐसी स्थिति आती है जब मनुष्य को हार भी झेलनी पड़ती है लेकिन हमनें बताया है कि किस परिस्थिति में ऐसे मनुष्य हार के भी बाजी जीत जाते हैं. आइए जानते हैं
“प्रयास करने के बाद भी असफल हुए तो ऐसे में आप उस व्यक्ति से ज्यादा बेहतर होंगे जिसको बिना कोशिश के सफलता मिली हो
आचार्य श्री गोपी राम के अनुसार जो व्यक्ति अपने लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए निरंतर कोशिशे करता है लेकिन फिर भी हार जाता है, ऐसे व्यक्ति जीतने वाले से सर्वश्रेष्ठ माने जाते हैं. जो बिना प्रयास के शॉर्टकट से जीत हासिल करता है उससे कई बेहतर है वो इंसान है जिसने अपनी मंजिल को पाने के लिए जी तोड़ मेहनत की और अंत तक हिम्मत न हारी
महात्मा गांधी ने भी कहा है कुछ न करने से बेहतर है कुछ करना. सच्ची सफलता बिना संघर्ष के नहीं मिलती. मुकाम तक पहुंचने के लिए कई मुश्किलों को पार करना पड़ता है. जो गिरकर भी हार नहीं मानते, लक्ष्य को हासिल करने के लिए पूरे तन-मन से कोशिश करते हैं ऐसे व्यक्ति अगर असफल हो भी जाए तो हारी हुई बाजी जीत जाता है, क्योंकि मेहनत कभी व्यर्थ नहीं जाती. वर्तमान में नहीं तो भविष्य में उसे मेहनत का फल जरूर मिलेगा
हमारा कहना हैं कि बिना कोशिश के कई लोगों कामयाबी प्राप्त कर लेते हैं लेकिन उन्हें बाद में इसका हरजाना भुगतना पड़ता है,क्योंकि ऐसी जीत खोखली होती है. वहीं जो कदम कदम पर हर चीज को बारीकी से खीखता है. लक्ष्य प्राप्ति के लिए हर पड़ाव को पार कर मुकाम तक पहुंचने का प्रयास करता है उसकी ईमानदारी के साथ की गई मेहनत बहुत काम आती है. ऐसे व्यक्ति हर जगह वाह-वाही प्राप्त करते हैं
●●★᭄ॐ नमः श्री हरि नम: ★᭄●●●
⚜️ अष्टमी तिथि के देवता भगवान शिव भोलेनाथ जी माने जाते हैं। इसलिये इस अष्टमी तिथि को भगवान शिव का दर्शन एवं पूजन अवश्य करना चाहिए। आज अष्टमी तिथि में कच्चा दूध, शहद, काला तिल, बिल्वपत्र एवं पञ्चामृत शिवलिंग पर चढ़ाने से भगवान शिव की कृपा सदैव बनी रहती है। घर में कोई रोगी नहीं होता एवं सभी मनोकामनाओं की सिद्धि तत्काल होती है।
मंगलवार को छोड़कर बाकि अन्य किसी भी दिन की अष्टमी तिथि शुभ मानी गयी है। परन्तु मंगलवार की अष्टमी शुभ नहीं होती। इसलिये इस अष्टमी तिथि में भगवान शिव के पूजन से हर प्रकार की सिद्धियाँ प्राप्त होती है। इस अष्टमी तिथि को अधिकांशतः विष्णु और वैष्णवों का प्राकट्य हुआ है। इसलिये आज अष्टमी तिथि में भगवान शिव और भगवान नारायण दोनों का पूजन एक साथ करके आप अपनी सम्पूर्ण मनोकामनायें पूर्ण कर सकते हैं।
अष्टमी तिथि को जिस व्यक्ति का जन्म होता है वह व्यक्ति धर्मात्मा होता है। मनुष्यों पर दया करने वाला तथा हरेक प्रकार के गुणों से युक्त गुणवान होता है। ये कठिन से कठिन कार्य को भी अपनी निपुणता से पूरा कर लेते हैं। इस तिथि के जातक सत्य का पालन करने वाले होते हैं यानी सदा सच बोलने की चेष्टा करते हैं। इनके मुख से असत्य तभी निकलता है जबकि किसी मज़बूर को लाभ मिले।

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